महाराष्ट्र का हैरान करने वाला गांव:1600 की आबादी में 15 हजार जन्म-मृत्यु पंजीयन

सवलेश्वर गांव में जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड को लेकर बड़ा खुलासा

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महाराष्ट्र का हैरान करने वाला गांव:1600 की आबादी में 15 हजार जन्म-मृत्यु पंजीयन

Nanded: महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के सवलेश्वर नामक छोटे से गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक तंत्र और नागरिकों दोनों में ही हैरानी पैदा कर दी है। यहां *गांव की कुल आबादी लगभग 1,666 होने के बावजूद सरकारी सेंट्रल सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल पर “Add Old Event” श्रेणी के नाम से 2025 में 15,570 से अधिक जन्म और मृत्यु की पंजीकरण एंट्रियां दर्ज की गई हैं।* यह संख्या गांव की वास्तविक आबादी से कई गुना अधिक है और इसने व्यापक संशय खड़ा कर दिया है कि कहीं यह डेटा घोटाला या सिस्टम से छेड़छाड़ तो नहीं है।

● संदिग्ध पंजीकरण का सच

गांव की ग्राम सेविका भावना कवाले ने इस मामले को लेकर अपने संदेह व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल एक ही जन्म का पंजीकरण किया था, वह भी तहसीलदार के आदेश पर। बाकी सभी दर्ज एंट्रियों के बारे में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे संदिग्ध और अव्यवहारिक लगती हैं। भावना ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा रही है तथा जांच की मांग की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी संख्या में जन्म और मृत्यु जैसे घटनाओं का रिकॉर्ड बिना किसी स्थानीय ज्ञान या साक्ष्य के दर्ज होना स्वाभाविक नहीं लगता।

● सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

सेंट्रल सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम भारत में जन्मों और मृत्यु की रिकॉर्डिंग का आधिकारिक पोर्टल है, जहां नागरिकों के जन्म और मृत्यु की घटनाओं को उचित प्रमाणों के साथ दर्ज किया जाता है। आमतौर पर ऐसे पंजीकरणों को स्थानीय नगर पालिका या तहसील कार्यालयों के माध्यम से सत्यापन के बाद ही पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। लेकिन सवलेश्वर के मामले में इतनी बड़ी संख्या में “Add Old Event” के रूप में दर्ज एंट्रियों का होना यह संकेत देता है कि या तो पोर्टल का दुरुपयोग हुआ है या कोई बाहरी हस्तक्षेप किया गया है।

राजनीतिक और प्रशासनिक आवाजें

इस मामले पर राजनीतिक हलकों में भी चिंता व्यक्त की जा रही है। पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेताओं ने इसे एक संभावित घोटाला और वेबसाइट हैकिंग की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि यह केवल एक गांव का मामला नहीं हो सकता बल्कि कहीं न कहीं प्रणालीगत कमज़ोरी या बड़ी गिरोहबंदी इसमें शामिल हो सकती है। उन्होंने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला परिषद के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इस विषय पर गहन जांच और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।

 

● अन्य जिलों और राज्यों में इसी तरह की अनियमितता की चर्चाएं

कुछ सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के अलावा कुछ अन्य राज्यों में भी इसी तरह की असामान्य पंजीकरण की रिपोर्टें सामने आई हैं। इनमें भी जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड का वास्तविक आंकड़ों से काफी अधिक दर्ज होना शामिल है। इससे यह बात स्पष्ट होती है कि यह मुद्दा केवल सवलेश्वर तक सीमित नहीं रह सकता; बल्कि इसे एक बड़े पैमाने पर प्रणालीगत समस्या माना जा रहा है जिसे त्वरित और व्यापक जांच की आवश्यकता है।

 

● जांच की दिशा और संभावित कार्यवाही

स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए सक्रिय हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सिस्टम लॉग, पंजीकरण की तिथि-समय, पंजीकरण करने वाले एजेंटों के डेटा, प्रमाण पत्रों के दस्तावेज तथा अन्य तकनीकी जानकारी को समेटा जा रहा है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या वास्तव में इन एंट्रियों के पीछे फर्जी दस्तावेज, हैकिंग, भ्रष्टाचार या अन्य किसी बाहरी हस्तक्षेप का हाथ है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या इन रिकॉर्डों के माध्यम से किसी प्रकार का सरकारी लाभ प्राप्त किया गया है या किया जा रहा है।

अब तक के विकास में यह मामला प्रशासनिक जांच की दायर में है और इसके निष्कर्ष आने की प्रतीक्षा है। आशय यह है कि इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने और नागरिकों के अधिकारों तथा सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता को बचाने के लिए गंभीर भविष्य बैठकी के साथ सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। प्रहरी और संबंधित विभाग इस मामले पर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं जो आने वाले दिनों में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी।