प्रदेश के सभी कॉलेजों में बनेगी विद्यार्थी शिकायत निवारण समितियां, लोकपाल की जानकारी देना भी अनिवार्य

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प्रदेश के सभी कॉलेजों में बनेगी विद्यार्थी शिकायत निवारण समितियां, लोकपाल की जानकारी देना भी अनिवार्य

भोपाल : मध्यप्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थी शिकायत निवारण समितियों का गठन करना अनिवार्य होगा साथ ही सभी विवि में बने लोकपाल और विद्यार्थी शिकायत निवारण समितियों की जानकारी कॉलेज और विवि की वेबसाइट और प्रास्पेक्टस में देना अनिवार्य होगा।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए सभी विवि में लोकपाल की तैनाती अनिवार्य किए जाने के बाद भी छात्रों की शिकायतों के निवारण का तंत्र विकसित नहीं होंने और यूजीसी की अपेक्षा के अनुसार इसमें कार्यवाही नहीं होंने पर संबंधित कॉलेज और विवि के प्राचार्य, कुलसचिवों और सचिव मध्यप्रदेश निजी विवि विनियामक आयोग से नाराजगी जाहिर की है। सभी कॉलेजों यूनिवर्सिटी की वेबसाइट और प्रास्पेक्टर में लोकपाल और विद्यार्थी शिकायत निवारण समिति एसजीआरसी के बारे में जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। इसमें सदस्यों के नाम पद, संपर्क विवरणख् लोकपाल का नाम पता ई मेल, कार्यकाल, शिकायत अपील दर्ज करने की प्रक्रिया, बतानी होगी।

प्रॉस्पेक्टर्स में विद्यार्थी को प्रवेश से पहले पूरी और सही पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना होगा ताकि किसी प्रकार की भ्रांति, धोखाधड़ी या शोषण न हो। इसके लिए प्रत्येक विवि, कॉलेज को प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होंने से साठ दिन पहले अपनी वेबसाईट पर प्रास्पेक्टर का प्रकाशन करना अनिवार्य होगा। यदि प्रॉस्पेक्टर की हार्ड कापी विक्रय की जाती है तो इसकी कीमत केवल मुद्रण, प्रकाशन की लागत तक ही सीमित होगी इसमें लाभ अर्जन नहीं किया जा सकेगा। प्रास्पेक्टस में सभी पाठयक्रमों के नाम, अवधि संरचना, सीटों की संख्या, प्रवेश हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, पात्रता, चयन पं्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा, मेरिट, इंटरव्यू, केन्द्रीयकृत आनलाईन प्रवेश, सभी शुल्क ट्यूशन फीस, अन्य शुल्क,सुरक्षा राशि, शुल्क वापसी की पूरी नीति एवं समय सीमा, जुर्माना दंड से संबंधित प्रावधान, संकाय सदस्यों की योग्यता, अनुभव, अवसंरचना, पुस्तकालय, हॉस्टल, चिकित्सा खेल सुविधाएं, रैगिंग निरोधक उपाय एवं अनुशासनात्मक नियम, यूजीसी द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट सूचनाएं देना होगा। प्रॉस्पेक्टर में गलत भ्रामक जानकारी के संबंध में विद्यार्थी की शिकायत एसजीआरसी एवचं लोकपाल के समक्ष स्वीकार्य होगी।

विद्यार्थी शिकायत निवारण समिति का गठन अनिवार्य होगा। इसमें एक प्रोफेसर अध्यक्ष होगा तथा चार वरिष्ठ संकाय सदस्य, एक विद्यार्थी प्रतिनिधि, एक महिला सदस्य, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का एक सदस्य होगा। अध्यक्ष और सदस्य का कार्यकाल दो वर्ष होगा विद्यार्थी प्रतिनिधि का कार्याल एक वर्ष होगा। यहां आनलाईन या लिखित शिकायत एसजीआरसी अध्यक्ष को की जा सकेगी। शिकायत पर पंद्रह दिन में एसजीआरसी अपना निर्णय संस्था प्रमुख को देगा। निर्णय की प्रति विद्यार्थी को दी जाएगी। एसजीआरसी के निर्णय से असंतुष्ट होंने पर पंद्रह दिन में लोकपाल को अपील की जा सकेगी। लोकपाल तीस दिन में अपील पर सुनवाई कर निराकरण करेगा। लोकपाल के आदेश अनुपालन हेतु होंगे।