
राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने उठाए आबकारी आयुक्त के आदेश पर सवाल
महाधिवक्ता का हवाला देकर जारी नहीं करना था आदेश यह गलत प्रथा
भोपाल : नकली शराब का परिवहन और अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्रायवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित करने के आबकारी आयुक्त के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एवं राज्यसभा के सदस्य विवेक तन्खा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस संबंध में अपनी टिप्पणी की है। इस टिप्पणी के साथ उन्होंने आबकारी आयुक्त के आदेश की प्रति भी अपलोड की है।
दरअसल आबकारी आयुक्त ने लाइसेंस निलंबित करने के अपने आदेश में यह जिक्र किया था कि उन्होंने महाधिवक्ता से इस संबंध में राय ली और उसके आधार पर उन्होंने सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस सस्पेड किया है। इस पर विवेक तन्खा ने आपत्ति उठाई है। उन्होंने लिखा कि महाविधवक्ता का पद संवैधानिक है। सरकार को राय देना संवैधानिक दायित्व है, यद्यपि इसको आदेश का हिस्सा बनाया जाता है तो कोर्ट में एजी इस आदेश की पैरवी कैसे करेंगे। यह गलत प्रथा है।




