
Ban on Malpractices : 5 राज्यों के 400 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में चिंतन शिविर आयोजित!
Datiya : दतिया की पावन धरा पर तेली साहू राठौर समाज की ऐतिहासिक प्रदेश स्तरीय चिंतन बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में न केवल सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया गया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में समाज की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के समाजसेवियों और मातृशक्ति ने हिस्सा लेकर एकजुटता दिखाई। दतिया के इस महामंथन में न केवल विचारों का आदान-प्रदान हुआ, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने के लिए अनुभवी कंधों ने कमान संभाली। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए बाबूलाल राठौर राजस्थान ने सभापति के रूप में, वहीं अमरावती (महाराष्ट्र) से विशेष रूप से पधारें अखिल भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा के राष्ट्रीय सचिव सुनील साहू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

दो सत्रों में हुआ वैचारिक मंथन!
विवाह में फिजूलखर्ची रोकने पर बनी सहमति,:बैठक को दो मुख्य सत्रों में बांटा गया था, पहला सत्र (कुरीति उन्मूलन), समाज के प्रबुद्धजनों ने दहेज प्रथा, प्री-वेडिंग शूट जैसी फिजूलखर्ची और मृत्युभोज को समाज के लिए कलंक बताया। वक्ताओं ने कहा कि संस्कारों की कमी से वैवाहिक विच्छेद (तलाक) बढ़ रहें हैं, जिसे वरिष्ठों के मार्गदर्शन से ही रोका जा सकता है। दूसरा सत्र (राजनैतिक संकल्प)- समाज की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और आने वाली पीढ़ी को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का आह्वान भी हुआ। बैठक में राधेश्याम अस्तोलिया के कार्यों को ‘रोल मॉडल’ के रूप में प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अक्सर बैठकों में निर्णय तो लिए जाते हैं लेकिन क्रियान्वयन नहीं होता, जबकि राधे श्याम अस्तोलिया प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय तेली महासभा ने उदाहरण पेश किए। नरयावली शिविर के निर्णय के बाद तुरंत हेल्पलाइन शुरू की गई।
भोपाल में समाज का अपना ऑफिस खोला गया। समाज को संदेश देने के लिए अपने पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन में करने के निर्णय समाज हित में सार्थक बताया। आयोजित कार्यक्रम का मीडिया प्रसारण संतोष राज, श्रीराम साहू पत्रकार एवं मनेश साहू के द्वारा किया गया। सभी के उत्कृष्ट समन्वय और तकनीकी कौशल के कारण कार्यक्रम की कवरेज व्यापक स्तर पर सफलतापूर्वक प्रसारित हुई।
कार्यकर्म के दौरान किशोर कुमार लहरपुरे जी सहित समाज के अन्य दिग्गज नेताओं ने अपने अनुभवों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना हेतु महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। इनमे प्रमुख रूप से समाज की धर्मशालाओं में ठहरने की बेहतर व्यवस्था होगी। युवा शक्ति: युवाओं के लिए अखाड़ा निर्माण और कर्मा सेना का विस्तार किया जाएगा। उपलब्ध भूमि पर गौशाला संचालन और शासकीय अनुदान का लाभ लिया जाएगा तथा शासकीय भूमि के लिए मुख्यमंत्री से मांग और सांसद-विधायक निधि से अनुशंसा। समाज के विरुद्ध अपशब्द कहने वालों का सभी संगठन मिलकर कड़ा विरोध करेंगे। संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा खत्म कर आपसी तालमेल बढ़ाया जाएगा।
विभिन्न उप-जातियों के बीच वैवाहिक संबंधों को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, पूर्व कैबिनेट मंत्री रविकरण साहू, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र साहू (डबरा), प्रदेश अध्यक्ष गुलाब सिंह गोल्हानी नमों-नमों मोर्चा भारत, और राष्ट्रीय सचिव सुनील साहू (अमरावती), तेली पुरुषोत्तम गुप्ता एडवोकेट भोपाल, एनएल साहू, संजय साहू सागर, सतीश साहू, अशोक साहू, नितिन साहू, तुषार साहू सहित कई दिग्गजों ने अपने विचार रखें। किशोर कुमार लहरपुरे ने कहा की कौन कहता है आसमां में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारों। इस पंक्ति के साथ समाज को सक्रिय होने का संदेश दिया गया। संचालन श्रीराम साहू पत्रकार और शम्भू दयाल साहू ने तथा आभार आयोजक दिनेश सिल्लन साहू ने माना!





