भूपेन्द्र सिंह की धर्म और भक्ति यात्रा का एक और पड़ाव…

रुद्राक्ष धाम में विराजे दक्षिणमुखी हनुमान...

50
भूपेन्द्र सिंह की धर्म और भक्ति यात्रा

का एक और पड़ाव… 

कौशल किशोर चतुर्वेदी
मध्य प्रदेश के राजनेता अपने-अपने क्षेत्रों में धाम और बड़े बड़े मंदिरों की स्थापना करने में लीन हैं। इनमें पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा निर्मित रूद्राक्ष धाम में दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की स्थापना हाल ही में चर्चा में रही। 1 फरवरी को दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। सात दिनों तक रुद्राक्ष धाम में श्रीराम कथा का आयोजन किया गया, जिसका 6 फरवरी को समापन हुआ। पं. प्रेमभूषण महाराज की राम कथा को सुनने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्तगण रुद्राक्ष धाम में पहुंचे। खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने रुद्राक्ष धाम की महिमा का वर्णन करते हुए बताया
कि “रुद्राक्ष धाम भगवान की जागृत भूमि है। यहां हमारे गुरु देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा के सानिध्य में 2014 में 7 दिवस में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और उनका रुद्र अभिषेक हुआ था। ऐसा सौभाग्य प्राप्त करने वाली यह भारत की इकलौती भूमि है। 108 पुराण, श्रीमद्भागवत कथा भी उन 7 दिनों में हुई, इसलिए इसका नाम रुद्राक्ष धाम रखा गया। यहां के कण कण में शिव हैं।” और अब यह कहा जा सकता है कि शिव के इस अलौकिक धाम में अब दक्षिणमुखी हनुमान जी भी विराज गए हैं। इसके साथ ही पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह की धर्म और भक्ति यात्रा का एक पड़ाव और पूरा हो गया है।
कथा के दौरान रुद्राक्ष धाम सागर पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,”सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनकर कार्य करने में है। मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और आनंद की अनुभूति है। शास्त्रों में भगवान को प्राप्त करने के 3 मार्ग बताए गए हैं ज्ञान, भक्ति और कर्म। मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और समाज कल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा, “व्यासपीठ पर विराजमान परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज का जीवन प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अनुपम उदाहरण है। आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए की जाने वाली उनकी कथाएं समाज को सही दिशा देती हैं।” उन्होंने कहा कि “दक्षिणमुखी हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराने वाले भूपेन्द्र सिंह वास्तव में सौभाग्यशाली हैं। ऐसे कार्य केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होते हैं।”
भूपेंद्र सिंह (जन्म 20 मई 1960) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और मध्य प्रदेश सरकार में गृह मामलों, सूचना प्रौद्योगिकी और परिवहन के साथ-साथ शहरी विकास और आवास के पूर्व मंत्री हैं। मोहन सरकार में उनको मंत्री नहीं बनाया गया। भूपेंद्र सिंह शिवराज के विश्वास पात्र और करीबी रहे हैं। 2013 से दिसंबर 2018 तक, वे मध्य प्रदेश सरकार में सूचना एवं परिवहन विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे। बाद में 2016 में बाबूलाल गौर के पद छोड़ने के बाद उनके सूचना एवं परिवहन विभाग के साथ गृह विभाग भी सौंपा गया था। 2009 के आम चुनाव में, वे मध्य प्रदेश के सागर लोकसभा क्षेत्र से 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए। इससे पहले वे 2003 और 2008 के विधानसभा चुनावों में क्रमशः सुर्खी और खुरई से लगातार दो बार हार चुके थे। वे 1993-2003 के दौरान सुर्खी से मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य भी थे। 2013 के बाद वह लगातार खुरई से विधानसभा सदस्य बने हुए हैं।
पूर्व मंत्रियों की भक्ति भावना और मंदिरों का निर्माण कार्य लगातार जारी है। राजनीति की शुरुआत से धार्मिक यात्रा साथ-साथ कर रहे पंडित गोपाल भार्गव ने गढ़ाकोटा में अष्टविनायक मंदिर की स्थापना की थी। कटनी में देव प्रभाकर शास्त्री के ही शिष्य संजय पाठक ने भी भव्य धाम का निर्माण कराया है। और गुरु देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी की मूर्ति भी स्थापित की है। तो दद्दा जी के ही शिष्य भूपेन्द्र सिंह ने सागर में रुद्राक्ष धाम का निर्माण किया है। और आगामी दिनों में एक और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी डबरा में अद्भुत और विश्व के इकलौते नवग्रह मंदिर की स्थापना करने जा रहे हैं। मंदिर की बहुत सी खासियतों में से एक यह है कि यहाँ विश्व में एकमात्र जगह नवग्रह अपनी पत्नियों और परिवार के साथ नजर आएंगे।
तो भूपेंद्र सिंह की धार्मिक यात्रा, उनकी राजनीतिक यात्रा को भी मुख्यधारा में लाने में क्या असर दिखाती है, यह अलग बात है। पर जैसा पण्डित प्रेम भूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कहा था कि मनुष्य का मूल कार्य है सत्कर्म में लगे रहना, लेकिन अधिकांश लोग तो मूल को ही भूल कर बैठ जाते हैं। मनुष्य को संसार की चर्चा और चिंता करने से पहले स्वयं के बारे में विचार करने की आवश्यकता है। हमें अपने स्वयं के लिए भगवान के आश्रय में ले जाने की आवश्यकता होती है किसी और के लिए नहीं। भक्ति पथ पर बने रहने के लिए ही निरंतर भगवान की कथा का श्रवण करना आवश्यक है। केवल जगदीश में रमने से ही कल्याण होगा। तो भक्ति से कल्याण की इस राह में भूपेन्द्र सिंह लगातार चल रहे हैं, यह विशेष बात है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।