
Touching Lives of Two On The Way : 98 वर्ष की जीवन यात्रा कर जाते-जाते 2 जिंदगियों को संवार गईं श्रीमती सोहनबाई लुनावत!
Ratlam : शहर के काटजू नगर निवासी समाजसेवी स्वर्गीय बाबूलाल लुनावत की धर्मपत्नी का 98 वर्ष की आयु में निधन होने पर उनके नेत्रदान हुए हेतु समाजसेवी संजय हिम्मत कोठारी, बबलू लुनावत, सीए रितेश नागोरी, प्रितेश गादिया एवं विजय लुनावत ने दिवंगत के सुपुत्र इंदर लुनावत, अशोक लुनावत, राजेन्द्र लुनावत, ललित लुनावत एवं परिजनों को नेत्रदान के महत्व से अवगत कराया। इस पर परिजनों ने सहर्ष अनुमति प्रदान कर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।नेत्रम संस्था के सदस्य हेमंत मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही बड़नगर स्थित गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जीएल ददरवाल को तत्काल सूचना दी गई। सूचना मिलते ही डॉ. ददरवाल टीम के परमानंद राठौड़ के साथ रतलाम पहुंचे और नेत्र संरक्षण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
नेत्रदान के समय परिवार के सभी सदस्य, रिश्तेदार, मित्र एवं शुभचिंतक उपस्थित रहें। उन्होंने कॉर्निया दान की संपूर्ण प्रक्रिया को देखा जिससे वर्षों से चली आ रही भ्रांतिया दूर हुईं और कई लोगों ने भविष्य में नेत्रदान करवाने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर महेन्द्र कोठरी, अमृत चोरडिया, सुनील गुगलिया, पवन कोठारी, अजय श्रीमाल, रितेश लुनावत, डॉ. अमित शाह, सिद्धार्थ जैन, श्रेयांस जैन, अनूप सेठिया, शीतल भंसाली, सुशील मीनू माथुर, शलभ अग्रवाल, प्रशांत व्यास, शिवम माथुर, मन्नू शिवानी सहित अनेक समाजसेवी एवं नागरिक मौजूद रहें।
नेत्रदान के पश्चात नेत्रम संस्था द्वारा दिवंगत श्रीमती सोहनबाई लुनावत के परिजनों को प्रशस्तिपत्र भेंटकर उनकी उदारता, करुणा एवं मानवता के प्रति समर्पण का सम्मान किया गया। हेमन्त मूणत ने बताया कि नेत्रम संस्था समाज से भावपूर्ण अपील करती हैं कि नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य में अधिक से अधिक संख्या में लोग आगे आए। संस्था नेत्रदान के लिए 24×7 सेवा एवं सहायता उपलब्ध करवाती है। समय-समय पर सूचना देने से नेत्रदान की संपूर्ण व्यवस्था अत्यंत शीघ्र, सम्मानजनक एवं सुचारू रूप से संपन्न की जा सकती हैं!





