भवन विकास निगम में पोर्टल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागू, समय पर गुणवत्तापूर्ण काम तभी भुगतान
भोपाल : मध्यप्रदेश भवन विकास निगम में पोर्टल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें एग्रीमेंट से लेकर कंपलायंस तक को जोड़ा जाएगा।
भवन विकास निगम के जरिए काम करने वाले ठेकेदारों को तय मानकों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा किए बिना उस काम का भुगतान किसी भी हालत में नहीं होगा।
मध्यप्रदेश भवन विकास निगम प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल भी लागू कर रहा है। इसमें निर्माण से जुड़ी कोई भी जानकारी दो स्थानों पर अलग-अलग नहीं होगी। एक जैसी जानकारी सभी जगह दिखेगी।
भवन विकास निगम जो भी काम करेगा उसके लिए हर काम के लिए कौन-कौन उत्तरदायी है यह पहले से तय होगा। हर काम की टाइमलाइन भी तय होगी। कौन सा काम किस वक्त पूरा होंना है। इसके लिए उत्तरदायी कौन है। काम समय पर पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा। उसकी भरपाई कैसे होगी इसका पूरा इंतजाम इस पोर्टल् प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम में होगा। किस ठेकेदार के साथ किस काम के लिए अनुबंध किया गया है। इसकी शर्ते क्या है। काम की गुणवत्ता के मानक क्या है। कब क्या काम पूरा होगा और किस तरह भुगतान होंना है, यह सब कुछ पहले से तय होगा और इस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर सबकुछ आनलाईन होगा। इसकी मानीटरिंग भी होगी जिससे गुणवत्ता पूर्ण कार्य के साथ,समयबद्धता और भुगतान प्रणली भी पूरी तरह पारदर्शी होगी। किसी तरह के भ्रष्टाचार पर भी पूरी तरह रोक लग सकेगी।
ठेकेदार के साथ जो एग्रीमेंट हुआ है उसका कंपलायंस कैसे होंना है। उसका पूरा डाक्यूमेंटेशन होगा। अनुबंध ठीक है या नहीं। भुगतान सही व्यक्ति को हो रहा है या नहीं इस पर भी पूरी नजर रखी जाएगी।इसे पूरी तरह किसी भी स्तर पर चेक किया जा सकेगा।
इसमें अधिकारियों के डिजिटल साइन होंगे। हर डाक्यूमेंट में ये अटैच किए जाएंगे। रोड नेटवर्क प्लान भी तैयार किया गया है। इसके अलावा अधिकारियों से लेकर अन्य अमले को किस तरह प्रशिक्षण दिया जाना है यह भी निगम तैयार कर रहा है। मध्यप्रदेश में थ्री डी प्रिंटर बिल्डिंग के आधार पर काम किया जाएगा। इससे पचास साल की गारंटी के भवन बनाए जाएंगे। कम समय में ये भवन तैयार होंगे इसकी गुणवत्ता भी अन्य निर्माण से बेहतर होगी। कर्मचारियों की जरुरत भी इन निर्माण कार्यों में कम लगेगी। इससे लागत पंद्रह प्रतिशत अधिक होगी लेकिन निर्माण में लगने वाला समय एक चौथाई हो जाएगा और गुणवत्ता उससे कई गुना बेहतर होगी।
ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर मध्यप्रदेश में निर्माण किए जाएंगे। बिल्डिंग डेवपलमेंट कारपोरेशन ने इसके लिए एसपीए के साथ अनुबंध भी किया है। कैपेसिटी बिल्डिंग और तकनीकी का प्रशिक्षण इसके जरिए विभागी अमले को दिया जाएगा।





