
श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड की लोन की राशि जमा नहीं करने को 6 महीने की सजा, जानिए क्या हैं पूरा प्रकरण?
Ratlam : न्यायालय वैशाली चौहान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने फायनान्स कम्पनी से ऋण प्राप्त किया और समय पर किश्तों की अदायगी नहीं करने वाले आरोपी को 6 महीने की सश्रम सजा सुनाते हुए 1,44,225 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई।बता दें कि श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड पूर्व नाम श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ब्रांच रतलाम से जय मां आशापुरा ड्रिलिंग द्वारा प्रोपाइटर हर्षवर्धन सिंह चौहान पिता शिवकुमार निवासी ग्राम उमरन पोस्ट पिंपलखुंटा जिला रतलाम ने वाहन खरीदने के लिए ऋण लिया था।
जिसकी राशि जमा न करने पर श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक संजय पंड्या एवं कलेक्शन मैनेजर नेपाल सिंह डोडिया, रीजनल ब्रांच हेड रामकुमार, ब्रांच मैनेजर कृष्ण कुमार विश्वकर्मा, संजय नायक द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय रतलाम में परिवाद (चेक बाउंस) अपने अधिवक्तागण हेमराज कसेडिया, यशपाल कुमार, मोहित कसेडिया द्वारा दायर किया था।
न्यायालय ने प्रकरण में सुनवाई के पश्चात लोन की राशि की अदायगी के संबंध में फाइनेंस कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी जय मां आशापुरा ड्रिलिंग द्वारा प्रोपाइटर हर्षवर्धन सिंह को चेक राशि एवं प्रतिकर राशि कुल एक लाख चवालीस हजार दो सो पच्चीस रुपए (144225) और 6 माह का सश्रम कारावास की सजा और 1 हजार रुपए जुर्माना तथा प्रतिकर राशि जमा नहीं करने की दशा में 3 महीने की अतिरिक्त सजा सुनाई।कंपनी की और से पैनल अधिवक्ता एवं विधिक प्रतिनिधि हेमराज कसेडिया, एडवोकेट यशपाल कुमार, एडवोकेट मोहित कसेडिया थे तथा प्रकरण में पैरवी रीजनल लीगल हेड भारत गिरी द्वारा की गई!





