
ट्रेंचिंग ग्राउंड से उठते धुएं के बीच सांस लेने में दिक्कत के बाद 2 वर्षीय बच्चे की मौत
खरगोन : खरगोन जिला मुख्यालय के बाहरी हिस्से में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में तीन दिन पहले कचरे में लगी आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन उससे निकल रहा घना धुआं मंगलवार तक भी पूरी तरह खत्म नहीं हो सका। इसी बीच कथित तौर पर धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए दो वर्षीय अस्थमा पीड़ित बच्चे की मौत हो गई।
खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन कचरे से अभी भी धुआं निकल रहा है। स्थिति से निपटने के लिए मंगलवार को आठ फायर टेंडर और करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनें लगाई गईं। कचरे को पलटकर उस पर फोम का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे धुआं कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंगलवार रात तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी।
कलेक्टर मित्तल ने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास स्थित गोपालपुरा समेत शहर के कुछ हिस्सों में धुएं का असर देखा गया, हालांकि इसे घातक नहीं माना गया है। उन्होंने कहा कि दो वर्षीय अस्थमा पीड़ित बच्चे की मौत की सूचना मिली है, लेकिन फिलहाल इसे धुएं के प्रदूषण से सीधे तौर पर जोड़कर नहीं देखा जा सकता। मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और उनकी टीम को गोपालपुरा भेजा गया।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही निगरानी के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
वहीं गोपालपुरा निवासी साजिद शेख ने आरोप लगाया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से लगातार उठ रहे धुएं के कारण उनके दो वर्षीय बेटे अली को सांस लेने में परेशानी हुई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने इंदौर रेफर कर दिया। परिवार के अनुसार, इंदौर के एक निजी अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी। सोमवार रात उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि अली को पहले ऐसी कोई समस्या नहीं थी।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि एक अन्य अस्थमा पीड़ित बुजुर्ग महिला सईदा बी को भी धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई थी। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
खरगोन के सीएमएचओ डॉ. दौलत सिंह चौहान ने बताया कि वे मंगलवार को गोपालपुरा जाकर परिजनों से मिले। प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत अस्थमा के कारण प्रतीत होती है। उन्होंने बताया कि बच्चे का इलाज जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा किया गया था, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। उन्होंने बताया कि परिजन मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
नगर पालिका खरगोन की सीएमओ कमला कौल ने बताया कि आग बुझाने के लिए फायर फाइटर के करीब 200 फेरे लगाए गए और टैंकरों से भी लगातार पानी डाला गया। एहतियात के तौर पर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर रातभर फायर टेंडर तैनात रखे गए हैं।





