
ग्रहण के फेर में कांग्रेस विधायक गण… नरोत्तम के सितारे उत्तम…तीसरी राज्यसभा सीट भी जीत सकती है भाजपा…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक गणों पर किसी खास ग्रहण का साया मंडरा रहा है। एक के बाद एक कांग्रेस विधायक लगातार कानूनी फेर में ढेर होते नजर आ रहे हैं। कोई बड़ी आफत में है तो किसी को संकट से घिरी राहत मिली है और कोई मुसीबत के दरवाजे पर खड़ा नजर आ रहा है। यहां हम कांग्रेस के तीन विधायक दतिया से राजेंद्र भारती, सेमरिया से अभय मिश्रा और विजयपुर से मुकेश मल्होत्रा की बात कर रहे हैं। राजेंद्र भारती को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। अभय मिश्रा के खिलाफ हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। और मुकेश मल्होत्रा को आफत भरी राहत सुप्रीम कोर्ट से मिली है लेकिन आगे की राह संकटों से भरी है। ऐसे में मध्यप्रदेश में रिक्त होने वाली राज्यसभा सीटों में से तीसरी राज्यसभा सीट भी भाजपा के खाते में जाती नजर आ रही है। बदलते घटनाक्रम में दतिया से विधायकी खोने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सितारे उत्तम नजर आ रहे हैं। अगर भाजपा उन्हें राज्यसभा की उम्मीदवारी
देती है तो रिक्त होने वाली तीसरी राज्यसभा सीट पर भाजपा की जीत मुमकिन करने की सामर्थ्य उनमें है। अन्यथा वैसे भी समय उन्हें दतिया से ही विधायकी वापस पाने का अवसर भी मुहैया कराने की तैयारी में नजर आ रहा है। बाकी विजयपुर और सेमरिया में कांग्रेस विधायकों की किस्मत का फैसला भी समय ही तय करेगा, लेकिन यहां प्रतिद्वंद्वियों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने बैंक घोटाले में दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी ठहराया है। फर्जी दस्तावेज और एफडी गड़बड़ी से बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप उन पर साबित हुए हैं। कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया है और आज यानि 2 अप्रैल 2026 को सजा सुनाई जाएगी। इसमें तय है कि
राजेन्द्र भारती को तिहाड़ जेल से राहत मिल पाना मुश्किलों से भरा है। विशेष कोर्ट ने मामले को राजनीति से प्रेरित न मानते हुए अपराध की गंभीरता को स्वीकार कर अपना फैसला सुनाया है। और यह तय है कि भारती का भविष्य संकटों से घिरा नजर आ रहा है। और इसका सीधा सीधा फायदा पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को मिलने वाला है।
वहीं, सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भाजपा नेता और उनके प्रतिद्वंदी उम्मीदवार रहे कृष्ण पति त्रिपाठी द्वारा दायर चुनावी याचिका हाल ही में स्वीकार कर ली है। इसमें अभय मिश्रा पर पहली नजर में नौ आपराधिक मामले छिपाने का आरोप लगाया गया है। जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए
चुनाव में जानकारी छिपाने को गंभीर माना था। कोर्ट ने मिश्रा की अर्जी खारिज कर दी और उन्हें अपना लिखित बयान दाखिल करने के लिए समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।
तो तीसरे सबसे चर्चित मामले में श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के चुनाव शून्य घोषित करने और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार राम निवास रावत को विजयी घोषित करने वाले निर्णय पर रोक लगा दी है। ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ का यह निर्णय 9 मार्च 2026 को सुनाया गया था और अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया हुआ है कि यह राहत सीमित है और अंतिम फैसले तक कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे। इसमें फिलहाल मुकेश मल्होत्रा को मतदान करने का अधिकार नहीं है और उन्हें वेतन भत्ते से भी वंचित रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट से मिली इस राहत के चलते पूर्व मंत्री और विजयपुर से प्रतिद्वंदी भाजपा उम्मीदवार रहे राम निवास रावत फिलहाल विधायकी पाने से वंचित हैं। सुप्रीम कोर्ट आगे क्या फैसला देता है, यह समय बताएगा।
तो मूल बात यही है कि कांग्रेस विधायक गण किसी खास ग्रहण के प्रभाव से ग्रसित नजर आ रहे हैं। अगर यही हाल रहा तब विपक्ष की संख्या में लगातार कमी आना तय है और इसका फायदा सत्ता पक्ष को मिलता दिख रहा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस को
कुछ खास उपाय करने की जरूरत दिख रही है। और फिलहाल बदलते घटनाक्रम यह बता रहे हैं कि नरोत्तम के सितारे सबसे उत्तम नजर आ रहे हैं। राज्यसभा की तीसरी सीट पर उनका नाम आता है, तब उस पर भी उनकी जीत मुमकिन हो सकती है, अन्यथा दतिया विधानसभा सीट से उनकी विधायकी वापस लौटने की भी पूरी संभावना नजर आ रही है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





