मंदसौर-सीतामऊ मार्ग पर रोजाना हो रही दुर्घटनाओं और दोषपूर्ण व्यवस्था को लेकर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

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मंदसौर-सीतामऊ मार्ग पर रोजाना हो रही दुर्घटनाओं और दोषपूर्ण व्यवस्था को लेकर मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

एमपीआरडीसी महाप्रबंधक से दो सप्ताह में कार्यवाही प्रतिवेदन मांगा

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

मंदसौर। मात्र तीन दिनों में जिला मुख्यालय से सीतामऊ सड़क मार्ग पर दुर्घटनाओं में हुई चार मौतें और अन्य घायलों की सुधी लेते हुए मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने तत्काल संज्ञान लिया है।

बुधवार को मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष डॉ अवधेश प्रताप सिंह ने प्राप्त सूचना आधार पर मंदसौर से सीतामऊ के 30 किमी सड़क मार्ग में 26 डेंजर पॉईंट, 12 अंधे मोड़, संकेतक गायब यात्रियों नागरिकों वाहन चालकों को पर्याप्त आवश्यक सुविधाओं की कमी होने पर बड़ी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है यह परेशानी का सबब बन रहा है।

मंदसौर जिले के मंदसौर-सीतामऊ सड़क मार्ग से शामगढ़ सुवासरा क्यामपुर आगे भानपुरा गरोठ वृत्त को जोड़ने का मुख्य माध्यम है वहीं सीतामऊ सड़क मार्ग से आगे एक्सप्रेस वे 8 लेन भी जुड़ा हुआ होने से यातायात और आवागमन बढ़ गया है ऐसे में बुनियादी रूप से तकनीकी दोष भी सामने आए हैं जिनके समाधान आवश्यक हो गए हैं इसके अभाव में दुर्घटना बढ़ गई है।

रिपोर्ट के अनुसार 30 किमी मार्ग पर 26 खतरनाक पॉईंट, 12 अंधे मोड़, अतिक्रमण और रात के समय मार्ग पर अंधेरा होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोमली नदी का अंधा मोड़ दोनों ओर से खतरनाक हो गया है।

मंदसौर से निकलते ही लाभमुनि नेत्र अस्पताल क्षेत्र में अतिक्रमण और ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव रहता है। इस कारण आये दिन यहां सड़क हादसे होते है और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। मामले में संज्ञान लेकर मध्‍यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने महाप्रबंधक, एम.पी. आर.डी.सी. से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।

ज्ञातव्य है कि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं को लेकर नागरिकों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इस मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए पन्द्रह दिनों में उचित कार्यवाही करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।