खरगोन ‘वायरल गर्ल’ मामला: NHRC ने लिया संज्ञान, SP को उम्र जांच और कार्रवाई के निर्देश

285

खरगोन ‘वायरल गर्ल’ मामला: NHRC ने लिया संज्ञान, SP को उम्र जांच और कार्रवाई के निर्देश

खरगोन: मध्यप्रदेश के खरगोन जिले से जुड़े ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा और फरमान के विवाह विवाद ने अब राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींच लिया है। अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने (NHRC) ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए संज्ञान लिया है और पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उधर पुलिस अधीक्षक ने जांच कर प्रतिवेदन भेजने की बात कही है।

आयोग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, आयोग के समक्ष 27 मार्च 2026 को प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया कि महेश्वर की एक किशोरी, जो महाकुंभ मेले के दौरान रुद्राक्ष बेचने के वीडियो से सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, उसने अपनी उम्र लगभग 16 वर्ष बताई थी। इसके बावजूद उसका विवाह केरल में कर दिया गया, जो कि कानूनन गंभीर मामला हो सकता है।

शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि लड़की की उम्र से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर या गलत जानकारी दी गई हो सकती है। साथ ही विवाह में दबाव, धोखाधड़ी या पहचान छिपाने जैसे पहलुओं की भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और विवाह की सहमति की स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।

आयोग ने प्रथम दृष्टया इस मामले को मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन से जुड़ा माना है। इसके तहत NHRC की बेंच ने खरगोन के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे मामले की विस्तृत जांच कर 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

इसके अलावा आयोग ने मध्यप्रदेश और केरल के मुख्य सचिवों तथा पुलिस महानिदेशकों को आपसी समन्वय के साथ जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मामले के सभी पहलुओं की सही और निष्पक्ष पड़ताल हो सके।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होती है, तो पोक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

इस बारे में खरगोन के एसपी रवींद्र वर्मा ने कहा कि नोटिस प्राप्त हुआ है, और जांच के आधार पर जो भी तथ्य पाये जाएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई कर प्रतिवेदन प्रेषित किया जाएगा।