
पढ़ना जारी रखें
मैदानी सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही पेटीएम के शेयर 1,077 रुपये के स्तर पर आ गए, जो पिछले बंद भाव से करीब 8 प्रतिशत तक की गिरावट है। दरअसल, निवेशकों को उम्मीद थी कि शायद बैंकिंग ऑपरेशंस को लेकर कोई राहत मिल सकती है, लेकिन लाइसेंस रद्द होने की खबर ने बैंकिंग शाखा के दोबारा शुरू होने की तमाम उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
गौरतलब है कि जनवरी 2024 से ही इस बैंक पर सख्त रेगुलेटरी पाबंदियां लागू थीं।पेटीएम पर आई इस मुसीबत के बीच अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। फर्म ने पेटीएम के शेयर पर Buy रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन इसके भविष्य के टारगेट प्राइस में कटौती कर दी है।
पुराना टारगेट: 1,470 रुपये, नया टारगेट: 1,400 रुपये
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि लाइसेंस रद्द होना एक बड़ा ‘नेगेटिव’ कदम है। हालांकि इससे कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर तुरंत कोई सीधा असर नहीं होगा, लेकिन ग्राहकों और व्यापारियों के बीच भरोसे का संकट (Trust Deficit) सबसे बड़ा जोखिम बन सकता है। पूरे घटनाक्रम पर पेटीएम की ओर से भी बयान सामने आया है।
कंपनी का कहना है कि पेमेंट्स बैंक का कामकाज पहले ही लगभग बंद हो चुका था और इसे पार्टनर-आधारित मॉडल में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में लाइसेंस रद्द होने से उनकी तात्कालिक कमाई या कामकाज पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि रेगुलेटरी एक्शन के चलते आने वाले दिनों में शेयर पर दबाव बना रह सकता है।