Khargone News: 13 माह के मासूम ने निगला कोल्ड ड्रिंक का ढक्कन, डॉक्टरों ने समय रहते बचाई जान  

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Khargone News: 13 माह के मासूम ने निगला कोल्ड ड्रिंक का ढक्कन, डॉक्टरों ने समय रहते बचाई जान 

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 13 माह के एक मासूम बच्चे ने खेलते-खेलते कोल्ड ड्रिंक की बोतल का ढक्कन निगल लिया। यह ढक्कन बच्चे के गले में करीब दो घंटे तक फंसा रहा, जिससे उसे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी। हालांकि, जिला अस्पताल के डॉक्टरों की तत्परता और सूझबूझ से समय रहते सफल उपचार कर बच्चे की जान बचा ली गई। शनिवार शाम बच्चे को स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज कर दिया गया।

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जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शशिकांत पटीदार के अनुसार कसरावद तहसील के ग्राम बेजापुर निवासी प्रवीण पटेल अपनी पत्नी और 13 माह के बेटे शिवाय के साथ ग्राम सिलोटिया में एक रिश्तेदार के यहां आयोजित शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। शुक्रवार को समारोह के दौरान खेलते समय बच्चे ने पास पड़ी कोल्ड ड्रिंक की बोतल का ढक्कन उठाकर मुंह में डाल लिया, जो अचानक उसके गले में फंस गया। इसके बाद बच्चे को तेज खांसी और घुटन होने लगी, जिससे परिजन घबरा गए।

परिजनों ने पहले अपने स्तर पर ढक्कन निकालने का प्रयास किया, लेकिन इससे स्थिति और बिगड़ गई और ढक्कन गले में और अंदर फंस गया। बच्चे की हालत बिगड़ती देख उसे तत्काल टांडाबरूड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल खरगोन रेफर कर दिया।

जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती किए जाने के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत पाटीदार और उनकी टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना समय गंवाए विशेष प्रक्रिया अपनाई गई। डॉक्टरों ने कैथेटर की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे के लैरिंक्स (स्वरयंत्र) में फंसे ढक्कन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

ढक्कन निकलते ही बच्चे की सांस सामान्य हो गई और उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ। गले में सूजन होने के कारण उसे आईसीयू में निगरानी में रखा गया। शनिवार शाम उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉक्टरों के अनुसार यदि अस्पताल पहुंचने में थोड़ी भी देरी होती, तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर किया है।