यहां पेपर लीक नहीं होगा…

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यहां पेपर लीक नहीं होगा…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

मध्यप्रदेश में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट की है। वास्तव में, मंत्री इस तरह परीक्षा की तैयारी में लगे हैं, जितनी तैयारी नीट के परीक्षार्थियों ने भी नहीं की होगी। अब नीट की परीक्षा का तो पेपर लीक हो गया और लाखों विद्यार्थी फिर नए सिरे से माथापच्ची करने को मजबूर हो गए हैं। लेकिन मंत्रियों की परीक्षा में यह बात तय है कि यहां पेपर लीक होने की कोई गुंजाइश नहीं है। यह बात और है कि यहां किसी फेल व्यक्ति को भी अभयदान देकर उत्कृष्ट श्रेणी की तरह सम्मान से नवाजा जा सकता है तो किसी उत्कृष्ट को फेल करने का विशेषाधिकार भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इसलिए शायद मंत्रियों में परीक्षा को लेकर डर बिलकुल भी नहीं है, बल्कि परिणाम क्या आएगा इसको लेकर उनका मन संशय में जरूर होगा। और इसमें यह बात भी है कि कुछ मंत्रियों को अपना परिणाम पहले से भी पता है, और उन्होंने मानसिक रूप से तैयारी कर ली है कि अब वही मंजिल ठीक है, जहां मन को चैन मिले। खैर, परफॉर्मेंस रिपोर्ट तो तैयार होनी ही है और बाकायदा नॉर्म्स के साथ किसको कितने नंबर मिले, यह परिणाम ज़रूर लीक होने वाला है।

तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट के मंत्रियों का औपचारिक “परफॉर्मेंस टेस्ट” होने जा रहा है। इस समीक्षा प्रक्रिया में हर मंत्री को केवल 15 मिनट में अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करना होगा। संगठन और सरकार के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में होने वाली इस क्लास को मंत्रियों के कामकाज की निर्णायक परीक्षा माना जा रहा है, जिसका सीधा सा संबंध आगामी कैबिनेट विस्तार से है।

मध्य प्रदेश में सरकार के ढाई साल पूरे होने जा रहे हैं ऐसे में मंत्रियों की कार्यशैली और प्रदर्शन का आकलन जरूरी है। इसीलिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में 17 और 18 मई को मंत्रियों के साथ अलग-अलग वन-टू-वन चर्चा होगी, जिसमें उनके विभागीय कामकाज, संगठन से समन्वय और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा की जाएगी। जानकारी के अनुसार, इस समीक्षा प्रक्रिया में भाजपा के वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। बैठक में राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभरी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी रहेगी। बैठक मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होगी। मंत्रियों से करीब एक दर्जन बिंदुओं पर रिपोर्ट और फीडबैक लिया जाएगा। इसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति, जमीनी स्तर पर उनकी निगरानी, संगठन के साथ तालमेल, गृह एवं प्रभार जिलों में कार्यकर्ताओं से समन्वय और चुनाव में कमजोर रही सीटों पर किए गए प्रयासों की समीक्षा शामिल है। पार्टी और सरकार की इस संयुक्त कवायद को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। वर्तमान में कैबिनेट में चार पद रिक्त हैं और माना जा रहा है कि प्रदर्शन के आधार पर कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

मंत्रियों को अपने ढाई साल के कार्यकाल का पूरा रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना होगा। इसमें उनकी योजनाओं का क्रियान्वयन, घोषणाओं की प्रगति और विभागीय प्रदर्शन का आकलन शामिल रहेगा। यह प्रक्रिया सरकार की कार्यकुशलता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हर मंत्री को अपनी बात रखने के लिए मात्र 15 मिनट का समय दिया गया है। इस दौरान उन्हें अपने विभाग की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा करनी होगी। यह सीमित समय प्रणाली मंत्रियों की तैयारी और उनके कामकाज की सटीकता को परखने का माध्यम बनेगी।

खैर परफॉर्मेंस रिपोर्ट एक औपचारिकता है, बाकी आकलन रिपोर्ट तो मंत्रियों के कार्यकाल के पहले दिन से अभी तक की सरकार के पास तैयार ही है। ढाई साल बीतने के बीच-बीच में लगातार यह चर्चा चलती रही है कि अब मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है और अब यह चेहरे डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में नज़र नहीं आएंगे तो उन नामों पर भी लगातार कयास लगाए जाते रहे जिनको मोहन कैबिनेट में ससम्मान विदाई मिलने वाली है। लेकिन फिलहाल अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इसीलिए यह परफॉर्मेंस एग्जाम अब एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीदें जगा रहा है। भाजपा शासित कई राज्यों में मंत्रिमंडल विस्तार जैसी कवायद अब देखने को मिल रही है। तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि परफॉर्मेंस रिपोर्ट को सत्ता और संगठन के सामने रखकर हर मंत्री द्वारा खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती से सामना करने के दिन अब आ गए हैं। किसके अच्छे दिन रहेंगे और किसके अच्छे दिन अतीत बनने वाले हैं, यह बताने के लिए वक़्त शायद बेसब्री से इंतजार कर रहा है। और वक्त को यह भी पता है कि इस परफॉर्मेंस रिपोर्ट परीक्षा का पेपर लीक कतई नहीं होगा…।

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।