नाफरमान अफसर, तबादले के 9 महीने बाद भी नई पोस्टिंग पर नहीं पहुंचे, अब सरकार ने एकतरफा रिलीव किया

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नाफरमान अफसर, तबादले के 9 महीने बाद भी नई पोस्टिंग पर नहीं पहुंचे, अब सरकार ने एकतरफा रिलीव किया

भोपाल :मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के कई ऐसे अफसर भी है जो राज्य शासन द्वारा किए गए तबादलों को ठेंगा दिखा रहे है। हालत यह है कि ट्रांसफर आर्डर जारी होंने के बाद नौ महीनों तक उन्होंने नई पदस्थापना वाले जिलों में ज्वाईनिंग ही नहीं दी। अब सरकार ने राज्य स्तर से उन्हें एकतरफा रिलीव कर दिया है।

सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक ने पिछले साल चार अगस्त को राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के ट्रांसफर आर्डर जारी किए थे। इसमें बड़वानी में पदस्थ 2006 बैच के राप्रसे अफसर संयुक्त कलेक्टर सोहन कनाश को अलीराजपुर में अपर कलेक्टर बनाया गया था। 2019 बैच के राप्रसे अफसर विजय कुमार डहरिया जो सागर में डिप्टी कलेक्टर है उन्हें ट्रांसफर कर छतरपुर मे डिप्टी कलेक्टर बनाया गया था। रायसेन में पदस्थ प्रभारी डिप्टी कलेक्टर संतोष मुदगल को सामाजिक न्याय विभाग में प्रभारी उप संचालक बनाया गया था। कटनी में पदस्थ प्रभारी डिप्टी कलेक्टर राकेश कुमार चौरसिया को रीवा में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बनाया गया था।

इन अफसरों को ट्रांसफर के बाद नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक बार-बार स्मरण कराता रहा लेकिन कभी जिलों के कलेक्टरों ने उन्हें जरुरी काम के नाम पर रोके रखा तो कहीं अफसरों ने अपनी पारिवारिक जरुरतें बताते हुए नए पोस्टिंग स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया।

प्रशासनिक आधार पर बदले गए इन अफसरों ने बार-बार याद दिलाने पर भी जब पद पदस्थापना स्थल पर कार्यभार नहीं संभाला और पानी सिर से उपर चला गया तो अब सामान्य प्रशासन ने उन्हें वर्तमान पदस्थापना स्थल से एकपक्षीय कार्यमुक्त कर दिया है।

सभी को राज्य स्तर से निर्देश दिए गए है कि वे नवीन पदस्थापना स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करें और उपस्थिति प्रतिवेदन सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक को भेजें। नई पोस्टिंग वाले स्थान पर ज्वाइन नही करने पर उन्हें अब वर्तमान कार्यस्थल से वेतन नहीं मिलेगा। अब अगला वेतन उन्हें नई पोस्टिंग वाले स्थान से ही मिलेगा।