प्रदेश भाजपा ने राज्यसभा के लिए केंद्रीय संगठन को भेजे नाम,इनमें से एक ही जा सकेगा , कुरियन का नाम लगभग तय

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BJP Leaders not Happy

प्रदेश भाजपा ने राज्यसभा के लिए केंद्रीय संगठन को भेजे नाम,इनमें से एक ही जा सकेगा , कुरियन का नाम लगभग तय

भोपाल राज्यसभा की खाली हो रही तीन सीटों के लिए प्रदेश भाजपा ने केंद्रीय संगठन को नाम भेज दिए हैं। हालांकि इन नामों में केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन का नाम शामिल नहीं हैं, लेकिन यह माना जा रहा है कि उनका राज्यसभा में जाना लगभग तय है। वे फिर से मध्य प्रदेश से राज्यसभा में भेजे जा सकते हैं।

वहीं कांग्रेस में राज्यसभा को लेकर प्रदेश से ज्यादा हलचल दिल्ली में है।
सूत्रों की मानी जाए तो भाजपा के प्रदेश संगठन ने सात नाम केंद्रीय संगठन को भेजे हैं। इनमें पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य, प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, वर्तमान राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी और विनोद गोटिया का नाम भेजा गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इन नामों में से सिर्फ एक नाम पर ही केंद्रीय संगठन विचार करेगा। जबकि दूसरी सीट के लिए केंद्रीय संगठन ही अपनी ओर से नाम तय करेगा। वहीं तीसरी सीट के लिए चुनाव में किसी को उतारना है या नहीं यह भी केंद्रीय संगठन तय करेगा।

सामान्य वर्ग के नेताओं को इस बार उम्मीद
मध्य प्रदेश भाजपा की ओर से राज्यसभा में अभी 8 में से एक भी सामान्य वर्ग से सदस्य नहीं हैं। इसलिए ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार सामान्य वर्ग से किसी को राज्यसभा में भेजा जा सकता है। इसमें अरविंद भदौरिया और कांतदेव सिंह का नाम तेजी से चल रहा है। दतिया में उपचुनाव के कारण नरोत्तम मिश्रा इस दौड़ से बाहर बताए जा रहे हैं, हालांकि प्रदेश संगठन ने उनका नाम केंद्रीय संगठन को भेजा है।

कांग्रेस में ओबीसी पर पेंच
इधर कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर कोई हलचल नहीं हैं। राज्यसभा को लेकर दिल्ली में ही पार्टी की गतिविधियां तेज हैं। कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है। इस पर कई नामों को लेकर चर्चा है। यह तय माना जा रहा है कि राहुल गांधी इस बार दिग्विजय सिंह को राज्यसभा में नहीं भेजेंगे। उनकी जगह पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, मीनाक्षी नटराजन में से एक का नाम हो सकता है। जबकि दौड़ में अरुण यादव, जीतू पटवारी और कमलेश्वर पटेल भी माने जा रहे हैं, लेकिन ये तीनों ओबीसी से हैं, कांग्रेस से अशोक सिंह ओबीसी हैं और वे राज्यसभा के सदस्य हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि कांग्रेस कमलनाथ या मीनाक्षी नटराजन में से किसी एक को राज्यसभा में भेज सकती है।

यह है स्थिति
प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। इनमें से आठ पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस से सदस्य राज्यसभा में भेजे गए हैं। इनमें से भाजपा के समुर सिंह सोलंकी, जॉर्ज कुरियन और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 26 जून को समाप्त हो रहा है। इन तीन सीटों पर जून में ही चुनाव हैं। विधायकों की संख्या के अुनसार एक सदस्य को जीत के लिए 58 विधायकों का समर्थन चाहिए। भाजपा के पास दो सदस्य और कांग्रेस के पास एक सदस्य के लायक विधायकों की संख्या है।