
MP News: आईएएस संतोष वर्मा और कलेक्टर नहीं जाएंगे मिड कैरियर ट्रेनिंग पर
भोपाल : ब्राम्हण बेटियों को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले आईएएस संतोष वर्मा को राज्य सरकार मसूरी में मिड कैरियर ट्रेनिंग पर नहीं भेजेगी। उन्हें थर्ड फेज की ट्रेनिंग में भी रोक दिया गया था। अब चौथे फेज की ट्रेनिंग होंना है उसमें भी वे ट्रेनिंग पर नहीं जा पाएंगे। उन पर लगे आरोपों के बाद कार्रवाई के लिए केन्द्र को भेजा गया प्रस्ताव अभी विचाराधीन है इसलिए वे ट्रेनिंग पर मसूरी नहीं जा पाएंगे।
इसके अलावा जनगणना, गेहूं उपार्जन,जलसंकट को देखते हुए जिन कलेक्टरों को ट्रेनिंग पर जाना है वे भी फिलहाल मिड कैरियर ट्रेनिंग पर नहीं जा पाएंगे।
इस समय मध्यप्रदेश के 11 आईएएस अफसर मसूरी में मिड कैरियर ट्रेनिंग पर है यह ट्रेनिंग 11 मई से शुरु हुई है और पांच जून को समाप्त होंने वाली है। इस ट्रेनिंग में आईएएस संतोष वर्मा को रोक दिया गया था। इस ट्रेनिंग में केवल सिवनी कलेक्टर ही ट्रेनिंग पर गई है बाकी किसी कलेक्टर को ट्रेनिंग पर नहीं भेजा गया है
अब मिड कैरियर चौथे चरण की ट्रेनिंग पंद्रह जून से दस जुलाई के बीच होंना है। इस ट्रेनिंग में वर्ष 2000 से 2012 बैच तक के अफसरों को ट्रेनिंग पर भेजा जाना है। इस चरण के लिए भी कई जिलों के कलेक्टरों के नाम है लेकिन उन्हें मौजूदा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी, समर्थन मूल्य के गेहूं के पविहन, भंडारण की व्यवस्थाओं, जलसंकट और जनगणना तथा मतदाता सूची के काम शुरु हो जाने के कारण इस बार भी मिड कैरियर ट्रेनिंग के चौथे चरण में जाने के लिए नहीं छोड़ा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक आईएएस संतोष वर्मा ने ब्राम्हण समाज की बेटियों को लेकर विवादित बयान दिया था। इसके चलते उनकी जांच की गई और उन पर लगे आरोपो को लेकर कार्रवाई का प्रस्ताव केन्द्र में विचाराधीन है इसलिए इस बार पंद्रह जून से शुरु होंने वाली मिड कैरियर ट्रेनिंग में भी उन्हें नहीं भेजा जा रहा है।
मिड कैरियर ट्रेनिंग के लिए जिन अफसरों की सेवाओं के बारह साल हो गए है उन्हें ट्रेनिंग पर लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी मसूरी भेजा जाता है। आईएएस वेतन नियम कैरियर लाभ प्रदान करने के लिए अनिवार्य एमसीटीपी को पूरा करने के लिए एक शर्त के रुप में निर्धारित किया गया है। इस अनिवार्य प्रावधानों और प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण धिकारियों को राहत देने में कैडर नियंत्रण अधिकारियों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाईयों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक अधिकारी को एमसीटीपी के प्रत्येक चरण को पूरा करने के लिए तीन अवसर दिए जाते है। विभिन्न अधिकारियों ने विभिन्न कारणों से यह प्रशिक्षण नहीं लिया है। अब आईएएस अधिकारियों के लिए एसीटीपी चरण चार का बीसवा दौर पंद्रह जून से 10 जुलाई तक मसूरी में होगा। इसमें 20ृ12 बैच के अफसरों को पहला अवसर, 2011 बैच के अफसरों को दूसरा, 2010 बैच के अफसरों को तीसरा अवसर और 2000 से 2009 बैच के अफसरों को तीन से अधिक अवसरों को छोड़ने के बाद फिर मौका दिया जा रहा है। जिन अधिकारियों के रिटायरमेंट में तीन वर्ष से कम समय बचा है उन्हें प्रशिक्षण हेतु नामित नहीं किया जाएगा। जो 31 दिसंबर 2029 से पूर्व सेवानिवृत्त हो रहे है वे प्रशिक्षण पर नहीं जा पाएंगे। चौथे चरण के लिए 29 मई तक अधिकारियों को आनलाईन पंजीयन करना है। ये सभी पांच जून तक भागीदारी के लिए सूचित करेंगे और चौदह जून तक मसूरी इन्हें ट्रेनिंग के लिए पहुंचना है। चौथे चरण की ट्रेनिंग मे 46 अफसर पात्र पाए गए है और चिन्हित किए गए है। इनमें से जो पंजीयन कराएंगे वे प्रशिक्षण ले पाएंगे। कई कलेक्टर भी इस सूची में है इन सभी को प्रशिक्षण पर फिलहाल नहीं भेजा जाएगा।





