
कोरियोग्राफर अमृता जोशी को मिला प्रतिष्ठित ‘रोटरी वुमन आइकॉन अवार्ड’
Dhar: परफॉर्मिंग आर्ट्स (Performing Arts) के क्षेत्र में अद्वितीय नेतृत्व, १५ वर्षों से अधिक की उत्कृष्ट सेवा और कला के माध्यम से समाज को नई दिशा देने के लिए देश की जानी-मानी रचनात्मक निर्देशिका (Creative Director) और कोरियोग्राफर अमृता जोशी को प्रतिष्ठित ‘रोटरी वुमन आइकॉन अवार्ड’ (Rotary Women Icon Award) से सम्मानित किया गया है। रोटरी क्लब द्वारा यह सम्मान उन्हें महिला सशक्तिकरण, कला साधना और उनके द्वारा स्थापित अनूठी वैलनेस प्रणाली ‘नृत्ययोग’ के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रदान किया गया है।
अमृता जी लाइव एंटरटेनमेंट और इवेंट इंडस्ट्री की देश की सर्वोच्च संस्था EEMA (इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन) की प्रतिष्ठित ‘आर्टिस्ट कमेटी’ की सक्रिय सदस्य (Artiste Committee Member) हैं। इस सर्वोच्च संस्था में उनका यह नेतृत्व पद कला और इवेंट जगत में उनके गहरे प्रभाव को दर्शाता है।
इस सम्मान को स्वीकार करते हुए अमृता जोशी ने कहा, “एक महिला कलाकार और लीडर के रूप में ‘वुमन आइकॉन’ का सम्मान मिलना मेरे लिए अत्यंत गर्व की बात है। यह अवार्ड उन सभी महिलाओं को समर्पित है जो कला, संस्कृति और लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को अपनी ताकत बनाकर समाज को खूबसूरत बना रही हैं।”
रोटरी वुमन आइकॉन अवार्ड की इस नई उपलब्धि के साथ ही अमृता जोशी के नाम सफलताओं का एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। कला के क्षेत्र में उनके इसी असाधारण योगदान के लिए उन्हें एम.पी. प्रेस क्लब (MP Press Club) द्वारा अत्यंत प्रतिष्ठित ‘मध्य प्रदेश रत्न अलंकरण’ से भी नवाजा जा चुका है।
वैश्विक मंचों पर भारत का गौरव

अपनी विशिष्ट शैली और ‘आर्किटेक्ट ऑफ मूवमेंट’ के रूप में पहचानी जाने वाली अमृता जी ने हाल ही में भारत में आयोजित वैश्विक ब्रिक्स समिट २०२६ (BRICS Summit 2026) में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सांस्कृतिक शोकेस में मुख्य जज (Main Judge), क्रिएटिव डायरेक्टर और कोरियोग्राफर के रूप में पूरे शो का सफल निर्देशन किया था। इसके अलावा वे भारतीय नौसेना के राष्ट्रीय ‘नेवी डे’ समारोहों और ‘साउथ फैक्टर’ जैसे बड़े मंचों पर अपनी कला का लोहा मनवा चुकी हैं।
आंदोलन और ध्यान (Movement and Mindfulness) को मिलाकर उनके द्वारा खोजी गई ‘नृत्ययोग’ प्रणाली आज के तनावपूर्ण दौर में मानसिक शांति और आंतरिक ऊर्जा संतुलन का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है। कथक, भरतनाट्यम और घूमर जैसी पारंपरिक भारतीय विधाओं को आधुनिक और गरिमामय रूप में वैश्विक मंचों पर ले जाने वाली अमृता जोशी को यह सम्मान मिलने पर ईएमए (EEMA) परिवार, कला जगत और उनके शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।





