WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home न्यूज़ प्रादेशिक

2 Child Policy: 2001 के बाद दो से अधिक बच्चे तो सरकारी नौकरी खतरे में

आदिवासियों को साधने के लिए सरकार

भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की जानकारी जुटा रही है। इससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है।

दरअसल मध्यप्रदेश में इस अवधि के बाद दो से अधिक बच्चे पैदा होना सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता माना जाता है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए बाकायदा सर्कुलर भी जारी किया है।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ श्रीनिवास शर्मा का कहना है कि मध्यप्रदेश में यह नियम काफी पहले से है। इसके तहत 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक बच्चे होना सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता माना जाएगा। ऐसे लोग सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर पाएंगे।

एमपी में लागू है टू चाइल्ड पॉलिसी-
मध्यप्रदेश में लागू टू चाइल्ड पॉलिसी में यह प्रावधान भी है कि यदि तीसरा बच्चा 26 जनवरी 2001 के बाद जन्मा है तो उसका पिता सरकारी नौकरी का पात्र नहीं माना जाएगा। यह नियम उच्च न्यायिक सेवाओं पर भी लागू है।

961 शिक्षकों को जारी हुए नोटिस-
विदिशा में जिला शिक्षा अधिकारी अभय मुदगल ने ऐसे 989 शिक्षकों को नोटिस जारी कर उनसे 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरे बच्चे के पैदा होंने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। प्रदेश टुडे से चर्चा में उन्होंने कहा कि हमे लोक शिक्षण संचालनालय से यह जानकारी एकत्रित करके देने को कहा गया है।

अब तक 510 शिक्षकों के जवाब आ चुके है। सारे जवाब आ जाएं तो उन्हें एकजाई करके आयुक्त लोक शिक्षण को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि काफी रोचक जवाब शिक्षकों ने दिए है। कुछ शिक्षकों ने जवाब में कहा कि हमारे नियुक्ति आदेश में यह उल्लेख नहीं था। कुछ ने कहा कि दूसरी बार एक साथ दो बच्चे हो गए। कुछ ने जवाब दिया है कि नसबंदी आपरेशन फेल हो गया हम क्या करें। प्रमाणस्वरुप दस्तावेज भी शिक्षकों ने लगाए है। मुदग का कहना है कि आयुक्त लोक शिक्षण प्रदेश के सभी जिलों से यह जानकारी एकत्रित करवा रहा है।