
पढ़ना जारी रखें

दिल्ली के पिलर की ऊंचाई 20 फीट है। जबकि, धार स्थित विजय स्तंभ की ऊंचाई 41 फीट है। पवार ने शोधकर्ताओं के शोध का हवाला देते हुए बताया कि एक लॉट 10 फीट का मांडू में स्थित है। यदि इसे भी मिला लिया जाए तो 5 फीट ऊंचा स्तंभ हो जाता है। धार के किले के पश्चिम दिशा अथवा दक्षिण दिशा के किसी बुर्ज पर इसे स्थापित किया जाए तो राजा भोज का सम्मान का यह सही और उचित तरीका होगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व काल में उपयुक्त संसाधन और मशीनों का अभाव था। इस वजह से इसे उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया नहीं जा सका।
वर्तमान में अत्याधुनिक क्रेन और विभिन्न मशीनें उपलब्ध है। जिससे कि स्तंभ स्थानांतरित करने में और व्यवस्थित करने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। स्तंभ के विभिन्न भागों को आपस में जोड़ने के भी संसाधन आसानी से उपलब्ध है। शासन से हमारी अपेक्षा है कि विजय स्तंभ को किले में स्थापित करें और राजा भोज के कार्यों को प्रतिष्ठित करें। पत्रकार वार्ता के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव यादव, सांसद छतर सिंह दरबार, भाजपा नेता अनंत अग्रवाल उपस्थित थे।