एम्स में बन रहा 4 मंजिला आईसीयू भवन, मिलेंगी हाई एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर सपोर्ट और मल्टी डिसिप्लिनरी क्रिटिकल केयर सुविधाएं

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एम्स में बन रहा 4 मंजिला आईसीयू भवन, मिलेंगी हाई एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर सपोर्ट और मल्टी डिसिप्लिनरी क्रिटिकल केयर सुविधाएं

भोपाल। एम्स भोपाल ने साल 2026 के लिए जो रोडमैप तैयार किया है, वह राजधानी ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए अहम माना जा रहा है। नए साल में अलग से अंग प्रत्यारोपण आपरेशन थिएटर शुरू किए जाएंगे। इन ओटी में हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी और कॉर्निया जैसे सभी प्रमुख अंगों का प्रत्यारोपण एक ही छत के नीचे संभव होगा। इससे ट्रांसप्लांट से जुड़े जटिल मामलों में समय की बचत होगी और मरीजों की सुरक्षा भी बढ़ेगी।

बनेगा चार मंजिला आईसीयू भवन

गंभीर मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एम्स भोपाल कैंसर ब्लॉक के पास चार मंजिला मॉडर्न आईसीयू भवन तैयार कर रहा है। यहां हाई एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर सपोर्ट और मल्टी डिसिप्लिनरी क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही नई क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने से गंभीर मरीजों के लिए बेड क्षमता में वृद्धि होगी।

गामा नाइफ से कैंसर इलाज होगा सटीक

एम्स भोपाल में गामा नाइफ मशीन और पेट स्कैन सुविधा की शुरूआत कैंसर मरीजों के लिए गेमचेंजर साबित होगी। गामा नाइफ तकनीक से बिना चीरा लगाए ब्रेन ट्यूमर और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का सटीक इलाज संभव होगा। वहीं स्कैन से कैंसर की शुरूआती पहचान और स्टेजिंग आसान होगी, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा।

रोबोटिक सर्जरी और ट्रेनिंग सेंटर भी होगा शुरू

आधुनिक सर्जरी के क्षेत्र में एम्स भोपाल रोबोटिक सर्जरी और प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने जा रहा है। इससे जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम जोखिम के साथ की जा सकेंगी। साथ ही युवा डॉक्टरों और सर्जनों को उन्नत तकनीक पर प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे संस्थान की अकादमिक क्षमता और मजबूत होगी।