
निवेशकों से लालच देकर करोड़ों रुपए निवेश करवा कर ठगी करने वाला गिरोह मंदसौर पुलिस की गिरफ्त में – गिरोह सरगना सहित 2 आरोपी हरियाणा से पकड़े गए
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर। इनामी बदमाश और एक साल से फरार आरोपी को पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़ा है यह जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने शुक्रवार शाम मिडिया को दी।
एस पी श्री मीना ने बताया कि मुख्य सरगना एथिकल हेकर का कोर्स कर चुका हैं पुलिस से हर संभव बचने के प्रयास में इसी दक्षता का फरारी के दौरान कर रहा था उपयोग, आरोपियों के गिरोह द्वारा सुनियायेजित तरीके से 20 करोड़ रुपए से अधिक की राशि की ठगी को अंजाम दिया गया था।
इसी अनुक्रम में मंदसौर जिले के थाना व्हाय.डी. नगर के अपराध क्रमांक 002/25 धारा 318(4),316(5) बीएनएस एवं 6(1) म.प्र. निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधि. 2000 के आरोपित अजय पिता महेश राठौर निवासी मल्हारगढ़ एवं आदित्य पिता शिवलाल पालीवाल निवासी पिपलिया मंडी को गिरफ्तार करने मे पुलिस टीम को सफलता मिली है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तरीका ए वारदात- प्रकरण का मुख्य आरोपी अजय राठौर पिता महेश राठौर मुख्य सरगना होकर क्रोलिक नामक एक कंपनी की शुरुआत कर स्थानीय लोगों से चैन सिस्टम के आधार पर जुड़कर निवेश करने हेतु प्रलोभित कर कई, भोले-भाले लोगों को निवेश करवा कर करोड़ों रुपए एकत्र करवा लिये गऐ।

इसी निवेश की आड़ में आरोपी अजय ने अपने गिरोह के अन्य सदस्य आदित्य पालीवाल के साथ मिलकर उक्त निवेश राशि से ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट अनाधिकृत रूप से करता रहा तथा इन्वेस्टर्स को 15% रिटर्न का लालच व प्रलोभन देकर उनसे करोड़ों रुपए निवेश के नाम पर एकत्रित कर लिए गए। प्रारंभ में आरोपियों द्वारा निवेशकों को रिटर्न स्वरूप कुछ राशि समय समय से प्रदाय की जाने से निवेशकों में निवेश करने की उत्सुकता को बढ़ावा दिया गया । इसी प्रकार जब करोड़ों रुपए का निवेश एकत्र हो गया तब गिरोह के सदस्यों द्वारा कंपनी को बंद कर फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अजय राठौर व आदित्य पालीवाल द्वारा स्थानीय लोगों से क्रोलिक कम्पनी बनाकर उसमें निवेश के नाम पर 20 करोड रुपए से अधिक राशि की ठगी कर लगभग 1 वर्ष से फरार थे।
दोनो आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
मामले में गठित विशेष पुलिस टीम शिवांशु मालवीय निरीक्षक थाना प्रभारी व्हाय.डी. नगर, उप निरीक्षक रितेश नगर प्रभारी सायबर सेल व उपनिरीक्षक विनय बुंदेला थाना व्हाय.डी. नगर के नेतृत्व में आरोपियों की पतारसी हेतु तकनीकी डाटा संकलन करना प्रारंभ किया गया। आरोपी के संबंध में डेटा विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का सुराग हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर में उपस्थित होना परिलक्षित होने से तत्काल पुलिस टीम द्वारा हरियाणा राज्य के फरीदाबाद रवाना होकर तकनीकी एवं जमीनी स्तर पर कार्य कर प्रत्येक दिशा में गहन विश्लेषण के आधार पर प्रकरण के दोनों आरोपी अजय राठौर एवं आदित्य पालीवाल को गिरफ्तार करने में महती सफलता प्राप्त की गई।
गिरोह के दोनों आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष होकर आरोपी अजय राठौर को पूर्व से एथिकल हेकिंग का सम्पूर्ण ज्ञान होने से पुलिस से बचाव के हर तकनीक को अच्छे से उपयोग कर रहा था।
आरोपियों द्वारा सीम रहित मोबाईल उपयोग करना, प्रोक्सी नेटवर्क उपयोग करना, वर्चुअल लोकेशन स्थापित करना आदि कार्यो में पूर्णरूपेण दक्ष होने से पुलिस टीम के सामने एक बड़ी चुनौती थी। गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा अपने गहन तकनीकी विश्लेषण, कार्य कौशल व व्यावसायिक दक्षता तथा कार्य कुशलता के आधार पर दोनों आरोपियों को कढ़ी दर कढ़ी तकनीकी साक्ष्य संकलित कर तकनीकी, मैदानी, कार्य विवेचन करने के उपरान्त दोनों आरोपियों को लगभग 1 वर्ष की फरारी के बाद पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की गई। आरोपियो से, गबन किये गये रूपयो के संबंध मे पुछताछ, संपत्ति एवं लिक्विड मनी की जाँच की जा रही है।
जप्तशुदा मशरूकाः- 01 लैपटाप, 01 एप्पल आई पैड, 03 मोबाइल, 01 महिन्द्र थार कुल कीमती 20 लाख रूपये।
मामले में कार्य निष्पादित करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक शिवांशु मालवीय थाना प्रभारी व्हाय.डी. नगर, उप निरीक्षक रितेश नागर प्रभारी सायबर सेल, उप निरीक्षक विनय बुंदेला थाना व्हाय.डी. नगर, प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी सायबर सेल, प्रधान आरक्षक दशरथ मालवीय, प्रधान आरक्षक मुजफ्फर उद्दीन व आरक्षक मनीष बघेल सायबर सेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तैर सिंह बघैल सीएसपी जितेंद्र भास्कर ने संयुक्त रूप से मीडिया माध्यम से मन्दसौर जिले की समस्त जनता एवं जन सामान्य से विशेष अपील की जाती हैं कि बिना जॉचे परखे किसी भी दिखावे में या प्रलोभन में आकर अपनी मेहनत से कमाइ्र् हुयी पॅूजी को ठगो के झॉसे से बचाये। बिना सोचे समझे या सलाह परामर्श के बिना किसी भी स्कीम या फर्जी कम्पनी में निवेश न करे अन्यथा ठगो द्वारा आपका अर्जित धन आसानी से हड़प कर लिया जा सकता है। सतर्क रहें। सावधान रहें। जागरूक बने।





