A New Chapter in Agricultural History in Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाई, स्वयं ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए

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A New Chapter in Agricultural History in Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाई, स्वयं ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए

 

भोपाल: A New Chapter in Agricultural History in Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल में कोकाता बायपास से 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री स्वयं ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए।

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कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार होकर रैली में शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री और विधायक मौजूद थे।

रैली से पहले किसानों को संबोधित करते हुए सीएम ने सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक प्रसंग रखा। उन्होंने सरदार पटेल से सोमनाथ पुनर्निर्माण और राम मंदिर निर्माण तक भारत की सांस्कृतिक यात्रा का उल्लेख किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि

‘कृषक कल्याण वर्ष’ पूरे साल चलने वाला अभियान होगा।

उद्योग-रोजगार वर्ष की तरह अब कृषक कल्याण वर्ष का मॉडल लागू किया जाएगा।

गरीब, युवा, महिला और किसान—चार वर्गों के समग्र कल्याण का संकल्प लिया है। वर्ष के अंत तक किसानों के लिए ठोस उपलब्धियों का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 16 विभाग मिलकर किसानों के लिए कार्य करेंगे।

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सीएम ने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुंची है। किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने का लक्ष्य है।

ट्रैक्टर रैली के बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान पहुंचे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि वहां मौजूद थे।

सीएम ने जंबूरी मैदान में कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इसके पहले गौ-पूजन कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

उन्होंने मिनी ट्रैक्टर पर बैठकर आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी ली।

मंत्री कृष्णा गौर ने आज के दिन को एमपी के लिए ऐतिहासिक बताया।

*समारोह के महत्वपूर्ण बिंदु*

“किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश समृद्ध होगा” का संदेश.

अन्नदाता किसान अब उद्यमी बनने की ओर अग्रसर.

कृषक कल्याण वर्ष का उद्देश्य खेती को लाभकारी और तकनीक आधारित बनाना.

फोकस सेक्टर: उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य-पालन, खाद्य प्रसंस्करण

जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा.

प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं और प्रसंस्करण पर जोर.

एग्री-टेक, ड्रोन, एफपीओ और हाइड्रोपोनिक्स में नए अवसर.

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन.

कृषि और ग्रामीण क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला.

कृषि बजट में निरंतर वृद्धि.

समर्थन मूल्य, भावांतर योजना, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं सक्रिय.

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और कृषि उन्नति योजना लागू.

रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना से मोटे अनाज को बढ़ावा.

कृषक कल्याण वर्ष से अन्नदाता का समग्र विकास लक्ष्य.

किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति.

जंबूरी मैदान से प्रदेशव्यापी कृषि अभियान की शुरुआत.

मध्यप्रदेश की खेती को नई पहचान देने की दिशा में निर्णायक कदम.