लू लगने से भगवान हुए बीमार, 15 दिनों तक श्रद्धालुओं को नहीं मिलेंगे भगवान के दर्शन,बुंदेलखंड की प्रसिद्ध रथ यात्रा का हुआ आगाज,भगवान जगन्नाथ स्वामी ने किया शाही स्नान

लू लगने से भगवान हुए बीमार, 15 दिनों तक श्रद्धालुओं को नहीं मिलेंगे भगवान के दर्शन,बुंदेलखंड की प्रसिद्ध रथ यात्रा का हुआ आगाज,भगवान जगन्नाथ स्वामी ने किया शाही स्नान

मीडियावाला.इन।

पन्ना से राजेश चौरसिया की विशेष रिपोर्ट

पन्ना- अभी तक आप ने इंसानो को बीमार होते देखा और सुना होगा मगर अब हम आप को बताते है जहां भगवान भी बीमार होते है। पवित्र नगर पन्ना में ऐतिहासिक भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी का प्रसिद्व मंदिर है। जहां वर्षों पुरानी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ जी सुभद्रा जी और बलभद्र जी को जेष्ट शुक्ल की पूर्णिमा को स्नान हेतु मंदिर के गर्भ ग्रह से बाहर ला कर एक बड़े से बर्तन मे स्नान कराया जाता है। स्नान करने के कारण भगवान को लू और लपट लग जाती है और भगवान बीमार हो जाते हैं।

यह भी पढ़े: दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक है एक IAS अफसर की शादी की चर्चा

बीमार होने पर 15 दिनों तक भगवान का जड़ी-बूटी के द्वारा ईलाज भी किया जाता है। इसके पश्चात भगवान जगन्नाथ जी को अमावश्या के दिन कच्चे भोजन का प्रसाद ग्रहण करवा कर 3 अलग-अलग रथों में विराजमान करके रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।

यह परम्परा सैकड़ों वर्ष पुरानी है । भगवान को लू लग जाने के बाद दर्शनार्थियों को 15 दिन तक भगवान के दर्शन नहीं होते हैं। भगवान जगन्नाथ जी के बीमारी से ठीक होने के बाद रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है।

बाईट - संजय मिश्र (कलेक्टर पन्ना)


यहाँ के मन्दिर की परम्परा पूरी के मन्दिर की तर्ज पर बनाई जाती है भगवान जगन्नाथ स्वामी स्नान के लिए बाहर आते हैं तो भगवान को लू लग जाती है और वे बीमार पड़ जाते हैं। उनके इलाज के लिए प्रति दिन वेद आऔषधि के रूप में जड़ी बूटी दे कर उन्हें (भगवन) को ठीक करते हैं। 

इस दौरान भगवान के दर्शन के लिए दूर-दूर से आये भक्त भी बिना दर्शन के लौट जाते हैं। भगवान 15 दिन बाद ठीक होने पर उन्हें छप्पन भोग (छप्पन प्रकार के मिठाई/व्यंजन) लगा कर फिर 9 दिनों की रथ यात्रा संपन्न की जाती है।

बाइट- पं. राकेश गोस्वामी (पुजारी)

0 comments      

Add Comment