भारतमाला मुआवजा घोटाला मामले में फरार तहसीलदार-नायब तहसीलदार गिरफ्तार, फर्जी डॉक्यूमेंट से 43 करोड़ का घोटाला

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भारतमाला मुआवजा घोटाला मामले में फरार तहसीलदार-नायब तहसीलदार गिरफ्तार, फर्जी डॉक्यूमेंट से 43 करोड़ का घोटाला

विनोद काशिव की रिपोर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के भारतमाला मुआवजा घोटाला मामले में फरार आरोपी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभनपुर में हुए भारतमाला परियोजना के तहत मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे 2 आरोपी तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे, और तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण शामिल हैं।

दोनों अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे निरस्त कर दिया गया था। इससे पहले स्पेशल कोर्ट से इनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की थी। विशेष न्यायालय रायपुर में आरोपियों की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई के लिए भी प्रकरण विचाराधीन है।

जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए

राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया।मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा भुगतान कर दिया।बता दें कि, इस मामले में EOW ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 12 बंडलों में 8000 पन्नों का चालान पेश किया है।

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने 43 करोड़ के भूमि अधिग्रहण घोटाले में 10 लोगों को आरोपी बनाया है। इन लोगों ने कथित तौर पर जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया।