रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस हादसे का शिकार: पायलट सहित 7 लोगों की मौत 

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रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस हादसे का शिकार: पायलट सहित 7 लोगों की मौत 

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई एक निजी एयर एंबुलेंस उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

रांची एयर एंबुलेंस क्रैश में सभी 7 लोगों की मौत हो गई।

रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कथीयातु के जंगलों में क्रैश हो गई है. इसमें पायलट- क्रू मेंबर समेत 7 लोग सवार थे.

झारखंड के आसमान में शाम सात बजे से मंडरा रहा सस्पेंस एक खौफनाक हकीकत में बदल गया है. रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कथीयातु के जंगलों में क्रैश हो गई है. इसमें पायलट- क्रू मेंबर समेत 7 लोग सवार थे.

 

एनेस्थीसिया विशेषज्ञ थे डॉ.विकास गुप्ता

इस हादसे का शिकार हुए डॉ.विकास गुप्ता रांची के सदर अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे. उनकी पहचान एक ऐसे डॉक्टर के रूप में थी जो मरीजों की जान बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. डॉ.विकास अक्सर गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में एयरलिफ्ट करने के चुनौतीपूर्ण मिशन पर जाया करते थे. उनके साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस हादसे से महज एक दिन पहले ही वे भारतीय सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर दिल्ली पहुंचाकर लौटे थे. वह न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि ‘मेडिकल इवैक्युएशन’ के कठिन कार्यों में उनकी विशेषज्ञता बेमिसाल थी. वे मरीज संजय कुमार की सांसों की रखवाली के लिए रेडबर्ड एयरवेज के विमान पर सवार हुए थे, लेकिन नियति ने चतरा के जंगलों में उनके सेवा-सफर पर विराम लगा दिया.

विमान में दो पायलट सवार थे. इसमें कैप्टन विवेक विकास बिलागत और कैप्टन सवरदीप सिंह. इस फ्लाइट में कुल 5 यात्री सवार थे. संजय कुमार – मरीज, अर्चना देवी-अटेंडेंट, धुरु कुमार-अटेंडेंट, डॉ.विकास कुमार गुप्ता-डॉक्टर, सचिन कुमार मिश्रा-पैरामेडिक

 

रांची के Devkamal Hospital & Research Centre में भर्ती 41 वर्षीय संजय कुमार को गंभीर हालत में इलाज के बाद उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, संजय कुमार 16 फरवरी 2026 को पेट्रोलियम पदार्थ से लगी आग में बुरी तरह झुलस गए थे. उनके शरीर का करीब 63 से 65 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। उसी दिन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजने का फैसला लिया. फिलहाल मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह खबर बेहद चिंताजनक है. उन्होंने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने और सभी जरूरी संसाधन लगाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सभी यात्रियों को सुरक्षित ढूंढना है. राज्य सरकार पूरी गंभीरता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

 

चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि रेस्क्यू टीम भेजी गई है. मौके पर जाकर देखा जाएगा कि कितने लोग सुरक्षित हैं. गांव के लोगों से प्राथमिक जानकारी मिली है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री भी कुछ ही देर में घटना स्थल का दौरा करेंगे. जिला प्रशासन की खोज और बचाव टीम मौके पर पहुंच चुकी है और राहत-बचाव कार्य जारी है. हादसे की जांच के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की टीम को रवाना किया जा रहा है. प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत जानकारी का इंतजार है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक निजी Beechcraft King Air C90 विमान (रजिस्ट्रेशन: VT-AJV) Ranchi के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से Delhi के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी. विमान ने रांची से दोपहर 1:41 बजे (UTC) यानी शाम 7:11 बजे (भारतीय समय) उड़ान भरी. शाम 2:04 बजे (UTC) यानी 7:34 बजे (भारतीय समय) के आसपास अटाली नामक इलाके के पास विमान से संपर्क टूट गया. आखिरी बार विमान का संपर्क VEC कंट्रोल (VHF फ्रीक्वेंसी 132.25) से हुआ था. Varanasi एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान ने कोई संपर्क नहीं किया. शाम 2:35 बजे (UTC) यानी 8:05 बजे (भारतीय समय) रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) को सक्रिय कर दिया गया, यानी खोज और बचाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

शाम 7 बजे शुरू हुआ सफर, 90 मिनट बाद मच गया हड़कंप

मिली जानकारी के अनुसार इस निजी चार्टर एम्बुलेंस ने सोमवार शाम 7:00 बजे रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए टेक-ऑफ किया था. इसे रात 8:30 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड करना था. लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, जब विमान झारखंड के भौगोलिक रूप से दुर्गम इलाकों के ऊपर था. अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से इसका संपर्क टूट गया।

लातेहार और पलामू के बीच डार्क जोन में विमान

विमान की आखिरी लोकेशन लातेहार और पलामू के बीच स्थित घने जंगली और पहाड़ी इलाकों में बताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक उस समय इलाके में मौसम अचानक खराब हो गया था. तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही थी. अंदेशा जताया जा रहा है कि खराब दृश्यता या तकनीकी खराबी के कारण विमान अपना रास्ता भटक गया या फिर किसी हादसे का शिकार हो गया. लातेहार और पलामू का यह क्षेत्र बेहद घना जंगल है. जिससे सर्च ऑपरेशन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

विमान चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कसरिया पंचायत के पास कथियातु इलाके में गिरा। हादसे के समय विमान में दो पायलट सहित कुल सात लोग सवार थे, जिनमें मरीज, उसके परिजन, डॉक्टर और मेल नर्स भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी की मौत हो गई है।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए।

 

● उड़ान के कुछ ही देर बाद टूटा संपर्क

जानकारी के अनुसार रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट सी-90 विमान एयर एंबुलेंस के रूप में रांची से दिल्ली जा रहा था। विमान ने शाम लगभग 7:10 बजे उड़ान भरी। प्रारंभिक चरण में एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क बना रहा, लेकिन करीब 7:34 बजे अचानक रडार और संचार दोनों से संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान से कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ।

बताया गया कि रांची से उड़ान के बाद नियंत्रण अगले एयर ट्रैफिक सेक्टर को सौंप दिया गया था, लेकिन वहां से भी संपर्क स्थापित नहीं हो सका। वाराणसी एयर कंट्रोल से संपर्क होने से पहले ही विमान गायब हो गया।

● खराब मौसम बना हादसे की बड़ी वजह

प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार क्षेत्र में खराब मौसम और बादलों की घनी परत के कारण विमान को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। माना जा रहा है कि मौसम के कारण विमान ने दिशा और ऊंचाई पर नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद वह चतरा जिले के ग्रामीण इलाके में गिर गया। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

● स्थानीय लोगों ने दी दुर्घटना की सूचना

ग्रामीणों ने तेज आवाज और आग की लपटें देख प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण राहत और बचाव कार्य में शुरुआती कठिनाई आई, लेकिन टीमों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

● मरीज को दिल्ली ले जाया जा रहा था

सूत्रों के अनुसार विमान एयर एंबुलेंस के रूप में एक गंभीर मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था। उसके साथ परिजन, डॉक्टर और नर्स मौजूद थे। विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें दो चालक दल के सदस्य शामिल हैं।

● विस्तृत जांच के आदेश

हादसे के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दे दी गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और अन्य संबंधित एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगी। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

● पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल

घटना के बाद इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है। यह हादसा एक बार फिर खराब मौसम में उड़ान सरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है।