4 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया इंस्पेक्टर, लोकायुक्त पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई !

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4 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया इंस्पेक्टर, लोकायुक्त पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई !

कर्नाटक में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिस इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। इसके साथ ही एक पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व एक्साइज अधिकारी को सजा सुनाई गई है और एक अन्य अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है।

बेंगलुरु के केपी अग्रहर पुलिस थाने में तैनात इंस्पेक्टर गोविंदराजू को लोकायुक्त पुलिस ने 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को चिट फंड धोखाधड़ी मामले में झूठा फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे थे।

शिकायत मिलने के बाद लोकायु्त अधिकारियों ने जाल बिछाया और सिरसी सर्कल के पास सीएआर ग्राउंड इलाके में इंस्पेक्टर को नकद पैसे लेते हुए पकड़ लिया। आरोप है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि क्या इसमें कोई और अधिकारी भी शामिल था।

एक अन्य मामले में बेंगलुरु की 77वीं अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सत्र अदालत ने चिकबल्लापुर जिले के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (एक्साइज) एस श्रीनिवास मूर्ति को दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें आय से अधिक संपत्ति मामले में तीन साल की साधारण जेल की सजा सुनाई और 1 करोड़ 34 लाख 18 हजार 645 रुपये का जुर्माना लगाया।

जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त जेल की सजा होगी। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, वर्ष 1978 से 2014 के बीच मूर्ति के पास उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति पाई गई थी। 2014 में हुई छापेमारी में 1.22 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति सामने आई थी।

26 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा

इस बीच, लोकायुक्त पुलिस ने शिवमोग्गा वन विभाग में हाल ही में स्थानांतरित सहायक आयुक्त तेजस कुमार एन से जुड़े पांच से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

छापेमारी में करीब 26 करोड़ 55 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। इसमें चार साइट, आठ मकान और 14 एकड़ कृषि भूमि शामिल है जिनकी कुल कीमत 25 करोड़ 63 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है।

इसके अलावा 50 हजार रुपये नकद और करीब 92 लाख रुपये कीमत के वाहन भी जब्त किए गए हैं। इस मामले में बेंगलुरु सिटी लोकायुक्त थाने में केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।