एक और राष्ट्रीय गौरव, 6 रेल इंजन ने खींची 295 बोगियों वाली 3.5 किलोमीटर लंबी ट्रेन

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सुदेश गौड़ की ख़ास खबर

New Delhi। केंद्र की मोदी सरकार ने एक और कीर्तिमान रच दिया। इस कीर्तिमान को देखकर पूरी दुनिया ने दांतों तले अपनी उंगलियां दबा ली हैं। भारतीय रेलवे ने अब तक की सबसे लंबी और सबसे भारी मालगाड़ी का सफल परीक्षण कर लिया है। भारतीय रेलवे द्वारा चलाई गई यह ट्रेन है देश की सबसे लंबी ट्रेन वासुकी जिसे 6 रेल इंजन ने मिलकर खींचा। इसकी कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर है और इसमें 295 बोगियां हैं।

रेलवे की ओर से बताया गया कि इस ट्रेन के सुगम परिचालन के लिए रेलवे ने सभी इंजन को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल से जोड़ा गया था, ताकि उनमें सामंजस्य बना रहे और उनके साथ 295 डिब्बों को पटरी पर दौड़ाया जा सके।

भारतीय रेलवे ने हाल ही में 3.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी सुपर वासुकी का परीक्षण किया, जिसमें 295 लोडेड वैगनों में छत्तीसगढ़ के कोरबा और नागपुर के राजनांदगांव के बीच 27,000 टन से अधिक कोयला था, जिससे यह भारत की सबसे लंबी और सबसे भारी ट्रेन बन गई। कोठारी रोड स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेन का वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा चलाई गई ट्रेन 15 अगस्त को 13:50 बजे कोरबा से रवाना हुई और 267 किमी की दूरी तय करने में 11.20 घंटे का समय लगा। रेलवे द्वारा चलाई गई यह अब तक की सबसे लंबी और सबसे भारी मालगाड़ी है, राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने कहा, एक स्टेशन को पार करने में ट्रेन को लगभग चार मिनट लगते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि सुपर वासुकी द्वारा ढोए गए कोयले की मात्रा 3000 मेगावाट बिजली संयंत्र को एक पूरे दिन चलाने के लिए पर्याप्त है। यह मौजूदा रेलवे रैक (प्रत्येक में 100 टन वाली 90 कारें) की क्षमता का तीन गुना है, जिसमें एक यात्रा में लगभग 9,000 टन कोयला होता है।

मालगाड़ियों के पांच रैक को एक इकाई के रूप में मिलाकर ट्रेन का गठन किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे इस व्यवस्था (लंबी मालगाड़ियों) का अधिक बार उपयोग करने की योजना बना रहा है, ताकि विद्युत संयंत्रों की ईंधन की कमी को रोकने के लिए पीक डिमांड सीजन में कोयले के परिवहन के लिए पर्याप्त व्यवस्था बनाई जा सके।इस साल की शुरुआत में, कोयले की कमी ने देश को गंभीर बिजली संकट में धकेल दिया था। उसी समस्या के समाधान के लिए इस योजना पर काम किया गया।

आपको बता दें कि इतिहास में अब तक दर्ज की गई सबसे लंबी मालवाहक ट्रेन आस्ट्रेलिया बीएचपी लौह अयस्क ट्रेन थी जो 7.353 किमी लंबी थी। यह मालगाड़ी आठ शक्तिशाली हाइब्रिड डीजल-इलेक्ट्रिक इंजनों द्वारा संचालित थी, और इसने लगभग 275 किमी की यात्रा की थी।

सबसे लंबी यात्री ट्रेन ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड और डार्विन के बीच चलने वाली द घान नामक ट्रेन है, यह एक साप्ताहिक स्लीपर सेवा है। आम तौर पर इस ट्रेन सेवा में दो लोकोमोटिव और 30 बोगियां होती हैं और इसकी कुल लंबाई 774 मीटर है।

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Sudesh Gaud
सुदेश गौड़

श्री सुदेश गौड़ मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, राष्ट्रीय सहारा सहित देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। वे नवदुनिया भोपाल के संपादक भी रहे हैं। वर्तमान में वे प्रदेश के अग्रणी न्यूज़ पोर्टल मीडिया वाला के नेशनल हेड हैं।