मकर संक्रांति विशेष: जानिए सूर्यदेव को जल चढ़ाने के नियम और फायदे

मकर संक्रांति विशेष: जानिए सूर्यदेव को जल चढ़ाने के नियम और फायदे

मीडियावाला.इन।

दान पुण्य और मोक्ष प्राप्ति का महापर्व मकर संक्रांति आज मनाया जा रहा हैं ज्योतिष अनुसार सूर्य के मकर राशि में गोचर को मकर संक्रांति कहा जाता हैं वही माघ माह में सूर्य के राशि परिवर्तन से सूर्य की स्थिति बदलती हैं सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायन हो जाता हैं

शास्त्रों में सूर्य उपासना, सूर्य को जल अर्पित करने और इससे होने वाले लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया हैं। वही कुंडली में सूर्य की शुभ स्थिति से समाज में मान सम्मान बढ़ता हैं। वही ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता हैं नियमित सूर्य को जल देने से आत्म शुद्धि और आत्मबल प्राप्त होता हैं सूर्य को जल अर्पित करने से आरोग्य लाभ मिलता हैं।

 

वही मकर संक्रांति के दिन के साथ रोजाना सूर्य को नियमित रूप से जल देने से सूर्य का प्रभाव मनुष्य के शरीर में बढ़ता हैं और यह आपको ऊर्जावान बनाता हैं कार्यक्षेत्र में आपको कई तरह के लाभ भी प्राप्त होते हैं। वही नौकरी में परेशानी आ रही हैं तो नियमित रूप से सूर्य देव को जल देने से उच्चाधिकारी से सहयोग प्राप्त होता हैं और मुश्किलें दूर हो जाती हैं। वही सूर्य भगवान को जल तांबे के बर्तन से अर्पित करना चाहिए। वही जल देने से पहले उसमें चावल, लाल पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए।

नमामि देवदेवशं भूतभावनमव्ययम्। दिवाकरं रविं भानुं मार्तण्डं भास्करं भगम्।।
इन्द्रं विष्णुं हरिं हंसमर्कं लोकगुरुं विभुम्। त्रिनेत्रं त्र्यक्षरं त्र्यङ्गं त्रिमूर्तिं त्रिगतिं शुभम्।।

पढ़ें सूर्य के 12 मंत्र
ॐ सूर्याय नम: ।
ॐ भास्कराय नम:।
ऊं रवये नम: ।
ऊं मित्राय नम: ।
ॐ भानवे नम:
ॐ खगय नम: ।
ॐ पुष्णे नम: ।
ॐ मारिचाये नम: ।
ॐ आदित्याय नम: ।
ॐ सावित्रे नम: ।
ॐ आर्काय नम: ।
ॐ हिरण्यगर्भाय नम: ।

 

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