
आयुर्वेद एक प्राचीन और शास्वत पद्धति है, इस चिकित्सा को प्रचारित करने देश में बड़ी संख्या में संस्थान बनाने की दरकार: एसपी अमित कुमार
Ratlam : आयुर्वेद एक प्राचीन और शाश्वत चिकित्सा पद्धति है, इस चिकित्सा विज्ञान को समाज में प्रचलित करने के लिए देश में बड़े बड़े संस्थान बनाने की आवश्यकता है। उक्त विचार स्थानीय रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम पर जिला आयुर्वेद सम्मेलन के द्वारा आयोजित श्री धन्वंतरि जयंती महोत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में SP अमित कुमार ने व्यक्त किए। महोत्सव के विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात समाजसेवी गोविंद काकानी ने अपने उद्बोधन में आयुर्वेद समाज से देहदान, रक्तदान और नेत्रदान का आग्रह किया एवं आयुर्वेद के विशिष्ट ज्ञान के विस्तार के लिए सामूहिक गोष्ठियों के आयोजन की आवश्यकता की और ध्यान आकृष्ट किया। महोत्सव की अध्यक्षता जिला आयुष अधिकारी डॉ. दाताराम जयंत ने की।

धन्वंतरि जयंती महोत्सव का शुभारंभ सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा विधि-विधान से भगवान धन्वंतरि का पूजन कर किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पहारों द्वारा जिला आयुर्वेद सम्मेलन अध्यक्ष वैद्य ईश्वरीप्रसाद त्रिवेदी, सचिव वैद्य राधेश्याम सोनी, वैद्य सुशील शर्मा, वैद्य कुतुबुद्दीन अतार, वैद्य रविन्द्र उपाध्याय, वैद्य मोहनलाल ठन्ना, वैद्य रामेश्वर सोनी, वैद्य निर्मला डांगी, वैद्य दिलीप पंड्या, वैद्य मोहनसिंह सिसोदिया, वैद्य रामचंद्र कुमावत, वैद्य डीबी. मौर्य, डाबर कंपनी से विनायक पंवार, राजेश भाग्यवानी, गायत्री परिवार के पंडित शिवपाल छपरी, गोपालसिंह तोमर, रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम के सुभाष शर्मा ने किया। इस अवसर पर जिला आयुर्वेद सम्मेलन ने आयुर्वेद की सेवा के लिए डॉ. प्रेमनारायण बिंदुआ का शाल श्रीफल से अभिनन्दन किया गया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह जिला आयुर्वेद सम्मेलन के पदाधिकारीयों ने प्रदान किए। धन्वंतरि जयंती महोत्सव के अंत उपस्थित सभी आयुर्वेद चिकित्सकों, आयुर्वेद औषधि विक्रेता, समस्त आयुर्वेद कंपनियों के प्रतिनिधिगण एवं आयुर्वेद प्रेमी समाज बंधुओं द्वारा भगवान धन्वंतरि की आरती कर संपूर्ण विश्व के आरोग्य की कामना हेतु सामूहिक प्रार्थना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आयुर्वेद समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। महोत्सव का संचालन संयोजक, वैध रत्नदीप निगम तथा आभार वैद्य सुशील शर्मा ने माना!





