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इस दौरान बाबा ने दुकानदार के बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और फिर पूरे माहौल को सहज बनाते हुए गद्दी पर बैठकर मजाकिया अंदाज में मिठाई बेचने की आवाज लगाने लगे—
“बर्फी ले लो… पेड़ा ले लो… लड्डू ले लो… अपने-अपने भाव से।”
दुकान पर मौजूद लोग यह दृश्य देखकर भावुक हो गए। बाबा का यह सरल रूप देखकर लोगों में चर्चा होती रही कि देश-विदेश में सनातन धर्म का संदेश देने वाले और बड़े मंचों पर नजर आने वाले बाबा आम लोगों के बीच भी उसी सहजता से घुल-मिल जाते हैं।
दुकानदार अशोक अग्रवाल ने बताया..
“यह हमारे जीवन का सौभाग्य है कि बाबा खुद चलकर आधी रात हमारी छोटी सी दुकान पर आए। मिठाई खाई, गद्दी पर बैठे। जिनसे मिलने के लिए लोग सालों इंतजार करते हैं, उनका यूं अचानक आना हमारे पूरे परिवार के लिए अविस्मरणीय है।”
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी बाबा बागेश्वर कभी चाट तो कभी समोसे की दुकान पर आम लोगों के बीच नजर आ चुके हैं।
