नक्सल मुक्त होने के लिए तैयार बस्तर…

नागरनार में स्थित है देश का सर्वश्रेष्ठ स्टील प्लांट...

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नक्सल मुक्त होने के लिए तैयार बस्तर…

बस्तर से कौशल किशोर चतुर्वेदी

प्रेस सूचना ब्यूरो ( पीआईबी) भोपाल के छत्तीसगढ़ दौरे के चौथे दिन पत्रकारों की टीम ने नक्सल एक्सपर्ट बस्तर आईजी सुंदरराज पी से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि आगामी 3-4 दिन में बस्तर में मौजूद करीब 40 नक्सलियों का खात्मा कर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बना लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2022-23 में यहां पर चार हज़ार से ज़्यादा नक्सली कैडर मौजूद थे जो आप घटकर डबल डिजिट में 40 तक सीमित रह गये हैं। 2-4 दिन में इनके खात्मे के साथ ही नक्सलमुक्त बस्तर के संकल्प को पूरा कर नक्सल मुक्त भारत का संकल्प भी पूरा हो जाएगा।

मीडिया टीम के साथ मुलाकात में उनके साथ बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा भी मौजूद थे। सिन्हा ने बताया कि नक्सली मुखिया पापाराव सहित करीब 40 नक्सलियों ने अभी तक आत्मसमर्पण नहीं किया है। इनके समर्पण या खात्मे के साथ ही पुलिस नक्सल मुक्त बस्तर बनाने में सफल हो जाएगी।

पुलिस ने पापा राव को आत्मसमर्पण करने का भी अल्टीमेटम दे दिया है। पापा राव से मुख्यधारा में लौटने की अपील की जा चुकी है। पापा राव बीजापुर इलाके में दशकों से सक्रिय रहा है। जनवरी 2025 में हुए आईईडी ब्लास्ट में 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और एक ड्राइवर की भी मौत हुई थी। इस हमले का नेतृत्व पापा राव ने किया था। ऐसे में सुरक्षाबलों ने पापा राव की तलाश तेज कर दी है।

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वहीं जगदलपुर से 16 किलोमीटर दूर नागरनार स्थित एनएमडीसी स्टील प्लांट न केवल बस्तर, बल्कि छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में अग्रिम पंक्ति में स्थापित कर रहा है। यहाँ जनरल मैनेजर और चीफ ऑफ़ कम्युनिकेशन रफीक अहमद ने स्टील निर्माण की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन भी करवाया और साझा किया कि यह भारत का सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वाला स्टील प्लांट है। 1840 एकड़ में स्थित यह प्लांट सबसे कॉम्पैक्ट है।

एनएमडीसी स्टील लिमिटेड भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक सरकारी कंपनी है। कंपनी के शेयर बीएसई, एनएसई और कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं। कंपनी छत्तीसगढ़ के नागरनार में स्थित अत्याधुनिक 3.0 मिलियन टन प्रति वर्ष इस्पात संयंत्र की मालिक है और उसका संचालन करती है।

इस इस्पात संयंत्र का निर्माण लगभग 24000 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह संयंत्र उच्च श्रेणी के हॉट रोल्ड स्टील के उत्पादन के साथ हॉट रोल्ड बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए तैयार है। इसकी अत्याधुनिक तकनीक, जिसमें इसकी सबसे आधुनिक मिल भी शामिल है, के बल पर यह संयंत्र कई प्रमुख उपभोक्ता क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है। इस इस्पात संयंत्र की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का एक कारण नागरनार से मात्र 100 किलोमीटर दूर स्थित बैलाडीला खदानों से इसका लौह अयस्क आपूर्ति संबंध भी है।

नागरनार स्टील प्लांट के उत्पाद मिश्रण में लो कार्बन स्टील, एचएसएलए और ड्यूल फेज स्टील तथा एपीआई गुणवत्ता वाला स्टील शामिल है, जिसे 1 मिमी से 16 मिमी तक की मोटाई में रोल किया जा सकता है। 1650 मिमी चौड़ाई वाले एचआर को रोल करने की क्षमता के साथ, नागरनार स्टील प्लांट का थिन स्लैब कास्टर सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे चौड़ी मिल है। यह स्टील प्लांट न केवल अपनी जरूरत की आधी बिजली अपने ही संसाधनों से पैदा कर रहा है, बल्कि प्रदूषण मुक्ति के लिए कम्पनी ने एक तिहाई क्षेत्रफल में घना पौधारोपण भी किया हुआ है। खुद का ऑक्सीजन प्लांट है जिसने कोरोना के समय अमूल्य योगदान छत्तीसगढ़ में किया है। कंपनी की बहुत सारी खूबियाँ हैं जो इसे सबसे अलग बनाती हैं।

तो यह माना जा सकता है कि

छत्तीसगढ़ जल्दी ही नक्सल मुक्त होने जा रहा है और जगदलपुर के पास स्थित स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान है।

आईपीएस सुंदरराज पी की रणनीति ने उन्हें न केवल नक्सल एक्सपर्ट बनाया है, बल्कि छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। वहीं स्टील प्लांट भारत को समृद्ध बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहा है। जो 3 साल से कम समय में

अनेकों उपलब्धियाँ अपने खाते में दर्ज कर चुका है।