
Bharatmala Land Project Scam: ED छापे में 40 लाख रूपये नकद, डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट मिले
रायपुर। भारतमाला भू अधिग्रहण मुआवजा घोटाले को लेकर दो दिन पहले की गई छापेमारी के बाद ED ने बताया है कि महासमुंद में हरमीत सिंह खनूजा और दूसरों के घर और ऑफिस की दस जगहों पर तलाशी ली गई। इस दौरान सभी ठिकानों से 40 लाख रुपये कैश, डिजिटल डिवाइस और कई तरह के आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट ज़ब्त किए गए हैं।
ED ने ACB और EOW रायपुर द्वारा निर्भय साहू, तत्कालीन एसडीओ (राजस्व), अभनपुर, रायपुर और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। इसमें आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर रायपुर-विशाखापत्तनम हाईवे प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण में सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करके अवैध मुआवज़ा प्राप्त किया।
ED की जांच में पता चला कि आरोपियों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ आपराधिक साज़िश रचकर, पिछली तारीख की एंट्री के ज़रिए परिवार के सदस्यों के बीच “जानबूझकर ज़मीन के बड़े टुकड़ों को बांटकर” भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित ज़मीन के लिए धोखाधड़ी से ज़्यादा मुआवज़ा प्राप्त किया। ज़मीन का यह कृत्रिम बंटवारा भूमि अधिग्रहण से पहले कई छोटी जोतों को दिखाने के लिए किया गया था, जिससे मुआवज़े के ढांचे का फायदा उठाकर ज़्यादा मुआवज़े का दावा किया जा सके। राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया ताकि यह दिखाया जा सके कि ये बंटवारे अधिग्रहण प्रक्रिया से पहले हुए थे, जिससे बढ़ी हुई अवैध मुआवज़े की राशि स्वीकृत और वितरित हुई। इस तरह प्राप्त अतिरिक्त अवैध मुआवज़ा अपराध की आय (POC) था और इससे सरकारी खजाने को गलत नुकसान हुआ और आरोपियों को उसी के अनुसार गैरकानूनी लाभ हुआ।
तलाशी अभियान के दौरान 40 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइस और विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। साथ ही, तलाशी अभियान के दौरान अनुसूचित अपराध करने से उत्पन्न POC से शामिल व्यक्तियों के नाम पर अर्जित कई चल और अचल संपत्तियों की भी पहचान की गई। आगे की जांच जारी है।





