

Bhavna Singh Murder Case : भावना हत्याकांड में पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा, करोल में छुपे, नेपाल भागने से पहले हत्थे चढ़े!
आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े, कई मोबाइल, बैंक पासबुक और ATM कार्ड मिले!
Indore : महालक्ष्मी नगर हुए भावना सिंह हत्याकांड में पुलिस ने हत्या के आरोपी आशु यादव, मुकुल यादव और उनकी महिला मित्र स्वस्ति राय को गिरफ्तार कर लिया। फरार आरोपियों का पकड़ने पिछले 7 दिन से खाक छान रही थी, आखिरकार पुलिस को सफलता मिल ही गई। पुलिस ने आरोपियों को हिमाचल से दबोचा। पुलिस का कहना है कि आरोपी हिमाचल में छिपकर फरारी काट रहे थे। वहीं से नेपाल भागने की फिराक में थे। इससे पहले कि वे भाग पाते, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी ऑनलाइन सट्टा एप के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित करते थे। बताया गया कि घटना वाले दिन शराब पार्टी के दौरान हुए एक विवाद के कारण मुकुल ने भावना पर गोली चला दी थी। इसके बाद आरोपियों ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल छोड़ दिया और भाग गए। अस्पताल में इलाज के दौरान भावना की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, भावना सिंह मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली थी और वह इंदौर में ब्यूटीशियन का कोर्स करने आई थी।
पुलिस ने हत्या के बाद जब महालक्ष्मी नगर स्थित फ्लैट की तलाशी ली, तो वहां 28 अलग-अलग कंपनी के मोबाइल, लैपटॉप, 60 से अधिक बैंक खातों की पासबुक और 50 से ज्यादा एटीएम कार्ड बरामद किए गए। इसके अलावा, पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए। भावना सिंह गोली कांड में नया खुलासा यह हुआ कि पुलिस को चकमा देकर आरोपी, विदेश भागने की फिराक में थे। मंगलवार 25 मार्च को ही पुलिस ने उन्हें विदेश भागने से रोकने के लिए लुक आउट नोटिस भी जारी किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों का पता बताने वालों को 10-10 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा भी की थी।
ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे आरोपी
डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले 6-7 महीने से किराए के घर में ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। वे लोगों को फंसाकर उनसे पैसा ऐंठते थे। टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया वेबसाइट्स के जरिए ये सट्टा संचालित कर रहे थे। जब लोग जीत जाते थे, तो उनके खातों में रुपए भी भेजते थे। हमने 60 बैंकों में इनके अकाउंट फ्रीज करवाए हैं। इन खातों से भारी मात्रा में कैश बरामद हो सकता है। पुलिस को घटना स्थल से देसी पिस्टल और फॉरेंसिक एविडेंस बरामद हुए हैं। डीसीपी ने बताया कि जिस फ्लैट में ये वारदात हुई, उसके मालिक से रेंट एग्रीमेंट लेकर देखा, तब इन पांचों के बारे में पता लगा। घटनाक्रम में एक ही बार फायरिंग की जानकारी मिली है। घटना स्थल से काफी फॉरेंसिक एविडेंस भी जब्त किए गए हैं। डीसीपी का कहना है कि उनके पास पिस्टल कहां से आई, किसने दी अब इसकी जांच की जा रही है। जिसने भी पिस्टल इन्हें दी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा और गिरफ्तार किया जाएगा।
यह था हत्याकांड का मामला
21 मार्च को इंदौर के महालक्ष्मी नगर में एक फ्लैट में ग्वालियर की रहने वाली भावना सिंह अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रही थी। तभी वह गोली लगने से घायल हो गई। तीन लोगों ने उसे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाया और वहीं छोड़कर भाग गए। इलाज के दौरान भावना की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को पता चला था कि आरोपी भोपाल भागे हैं। पुलिस ने भोपाल से विख्यात पाठक को पकड़ा है। पीयूष अवस्थी और कान्हा गोयल को भी हिरासत में ले लिया।
संरक्षण देने वाले को भी बनाया आरोपी
पुलिस इस मामले पर कुछ भी बताने से बचती नजर आ रही है। लेकिन जानकारी ये भी मिली है कि हत्या के बाद आशु, मुकुल और स्वास्तिका भोपाल में विख्यात के घर पर रुके थे। फरारी में आरोपियों को संरक्षण देने के मामले में विख्यात को भी आरोपी बनाया गया है। भावना को अस्पताल में भर्ती करवाकर भोपाल भागे थे। पुलिस को जानकारी मिली थी कि भावना सिंह के गोली लगने के बाद आरोपियों ने उसे पहले अस्पताल में भर्ती करवाया, उसके बाद खुद भोपाल भाग गए। इधर अस्पताल में इलाज के दौरान भावना की मौत हो गई थी।