
भजन
शिवरात्री पर विशेष -भोलेनाथ की बारात
रंजना शर्मा ‘सुमन’

भोलेनाथ की बारात
डमरू डम-डम बाजे,
भोले बाबा आए हैं।
सखियाँ मंगल गीत सुनाओ,
भोले बाबा आए हैं।
झांझ, ताल, ढोलक, मंजीरा,
सबकी ध्वनि अति प्यारी।
मधुरम स्वर में करें अर्चना,
भक्त तेरे त्रिपुरारी।
झम-झम आई जब झनकार,
भोले बाबा आए हैं।
सखियाँ, मंगल गीत सुनाओ,
भोले बाबा आए हैं।
भूत-प्रेत करे जयकार,
भोले बाबा आए हैं।
सखियाँ मंगल गीत सुनाओं,
भोले बाबा आए हैं।
शिव -शक्ति का मिलन है, देखो,
शिव बिन शक्ति अधूरी।
शक्ति के बिन शिव भी अधूरे,
डोले अंबर-भूमि।
सृजनकर्ता, संग भूत, प्रेत बारात,
भोले बाबा आए हैं।
सखियाँ मंगल गीत सुनाओ,
भोले बाबा आए हैं।
रूंड-मुंड की माला धारे,
मृगछाला को पहने।
हाथ कमंडल, त्रिशूल जो सोहे,
मन आकूलित होए।
सृष्टिकर्ता की बारात,
भोले बाबा आए हैं।
सखियाँ मंगल गीत सुनाओ,
भोले बाबा आए हैं।
शिवरात्रि की महिमा निराली, शिव-शक्ति की पूजा।
हर श्वास में बसे हैं शिवजी,
आवाहन है अजूबा।
आदि अनंत शिव -शक्ति अपार,
भोले बाबा आए हैं।
संग में मात गौरा का साथ,
भोले बाबा आए हैं।
नाचो, गाओ, दीप जलाओ,
करो अर्चना शिव की।.
मात पार्वती के संग पूजो,
करो भक्ति श्रीशिव की
भांग,धतूरा,आक, मिष्ठान्न,
भोग लगाओ शिव-पार्वती को।
सृष्टि के पालनहार,
भोले बाबा आए हैं।
सखियाँ मंगल गीत सुनाओ।
भोले बाबा आए हैं।
रंजना शर्मा ‘सुमन’
इंदौर (म.प्र.)
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