भोपाल कमिश्नर सिस्टम में अफसरों की कमी, ACP के 9 पद खाली,निगरानी करने वाले 2 DCP की जगह भी हुई खाली

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भोपाल कमिश्नर सिस्टम में अफसरों की कमी, ACP के 9 पद खाली,निगरानी करने वाले 2 DCP की जगह भी हुई खाली

भोपाल: राजधानी के पुलिस कमिश्नरेट में अब सुपरविजन करने वाले अफसरों की कमी साफ दिखने लगी है। वर्तमान में डीसीपी जोन-वन और थ्री का पद खाली है। वहीं डीसीपी जोन-टू विवेक सिंह डीआईजी बन चुके हैं। वह भी डीआईजी बनकर अन्यत्र पदस्थ होंगे। इसलिए जोन-टू भी खाली होगा। वहीं 8 एसीपी के पद खाली पड़े हैं, जहां बहुत दिनों से किसी को पदस्थ नहीं किया गया है। ऐसे में इन विभागों की मॉनीटरिंग नाममात्र की है।

इधर, थानों में दो साल से ज्यादा समय से थाना प्रभारी जमे बैठे हैं, जिन्हें देखने वाला कोई नहीं है। दरअसल, नए शहर में बैठे थाना प्रभारी पुराने में और पुराने में बैठे अधिकारी नए शहर में आना नहीं चाहते हैं। वहीं पुलिस लाइन में दर्जनभर से अधिक निरीक्षक बैठे हैं, जिन्हें काफी लंबे समय से थानों की बागडोर नहीं मिली। डीसीपी जोन-वन का पद लगभग दो माह से खाली पड़ा है। इस पद पर आईपीएस आशुतोष गुप्ता पदस्थ थे। वर्तमान में वह रायसेन एसपी हैं। डीसीपी जोन – थ्री अभिनव चौकसे 10 फरवरी को रिलीव हो गए थे। उनकी नवीन पदस्थापना आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) में हुई है। यह पद भी रिक्त हो गया है।

*एसीपी की कमी से हो रही परेशानी* 

भोपाल कमिश्नरेट सिस्टम में 9 एसीपी की कमी है, जिसकी वजह से कई विभागों की मॉनीटरिंग नहीं हो पा रही है। इसमें एसीपी लाईन, एसीपी न्यायालय-1, एसीपी न्यायालय -2, एसीपी डाटा अपराध शाखा, एसीपी मानव वध, एसीपी सुरक्षा, एसीपी गुप्तवार्ता और एसीपी सुरक्षा जोन 2-3 के पद रिक्त पड़े हैं। हेमंत श्रीवास्तव के रिक्त होने से एसीपी क्राइम का पद भी खाली हो गया है।

लंबे समय से बदला नहीं गया

शहर के कई थानों में ऐसे थाना प्रभारी बैठे हैं, जिन्हें दो साल से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन उनकी बदली नहीं की गई। इसमें थाना कमलानगर, रातीबड़, गोविंदपुरा, अयोध्या नगर, एमपी नगर, बागसेवनिया, कोतवाली, हनुमानगंज, शाहजहांनाबाद, खजूरी सड़क हैं। इसमें से कुछ को लगभग ढाई साल हो रहे हैं। एक ही थाने में जमे इन थाना प्रभारियों को काफी लंबे से बदला नहीं गया। वर्तमान में लाइन में कई सीनियर निरीक्षक बैठे हुए हैं, जिसमें गंगाराम उइके, सुरेश पथारिया, कमलजीत रंधावा, सुधीर अरजरिया, मनीष सिंह भदौरिया, राजन सिंह, नीतू कुंसारिया, हेमंत विष्णु वर्वे, जितेंद्र गढ़वाल, सरिता बर्मन, और सुरेश नागर हैं।