Big Action: जेलों में बंदियों से अवैध उगाही,जेल प्रभारी और कई प्रहरी बर्खास्त

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Big Action: जेलों में बंदियों से अवैध उगाही,जेल प्रभारी और कई प्रहरी बर्खास्त 

विनोद काशिव की रिपोर्ट

रायपुर/अंबिकापुर। प्रदेश की जेलों में बंदियों से अवैध उगाही के गंभीर मामलों में सरकार ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। सेंट्रल जेल अंबिकापुर में कैदियों से अवैध वसूली मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। यहां 4 जेल प्रहरी बर्खास्त कर दिए गए हैं, वहीं सहायक जेल अधीक्षक पर भी बर्खास्गी की गाज गिरने वाली है।

इधर राजधानी स्थित सेंट्रल जेल में कैदी का कसरत करते हुए वीडियो वायरल होने के मामले में अधिकारी के निलंबन के बाद दो प्रहरी बर्खास्त गए हैं।अंबिकापुर के सेंट्रल जेल में स्टाफ द्वारा कैदियों को डरा-धमका कर वसूली करने का खुलासा पिछले दिनों हुआ।

जानकारी के मुताबिक इस मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी मुकेशकांत मल्हार की पत्नी ने जेल प्रहरियों के खिलाफ लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पति को जेल में प्रताड़ित किया जाता है और मामूली सुविधाओं के लिए भी उसे रुपये देने को मजबूर किया जाता है। महिला ने आरोप लगाया कि अब तक वह 70 से 80 हजार रुपये जेल प्रहरियों को आनलाइन ट्रांसफर कर चुकी है, उसने इसके प्रमाण भी दिए। जांच में यह आरोप सही पाए गए जिसके बाद अंबिकापुर केंद्रीय जेल में पदस्थ जेल प्रहरी नीलेश केरकेट्टा, लोकेश टोप्पो, ललईराम और चंद्र प्रकाश शामिल को बर्खास्त कर दिया गया है।

उधर रायपुर सेंट्रल जेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन की नींद उड़ गई है। वीडियो में विचाराधीन बंदी राशिद अली उर्फ राजा बैझड़ जेल परिसर में कसरत करता दिख रहा है। जांच में सामने आया है कि यह वीडियो 5 अक्टूबर 2025 को बनाया गया था और इसे जेल में बंद दूसरे बंदी शशांक चोपड़ा के मोबाइल फोन से शूट किया गया था।जांच के अनुसार, उसी दिन राजा बैझड़ ने अपने साथियों राहुल दुबे, विश्वनाथ राव और रोहित यादव के साथ मोबाइल से सेल्फी भी ली थी। बताया जा रहा है कि वीडियो सुबह के समय शूट किया गया, जबकि सेल्फी दोपहर में ली गई। यह सब कुछ जेल में तैनात दो प्रहरियों—राधेलाल खुंटे और बिपिन खलखो—की मौजूदगी में हुआ।

जांच में लापरवाही सिद्ध होने पर जेल अधीक्षक ने दोनों प्रहरियों की सेवा समाप्त कर दी है।

इससे पहले महानिदेशक (जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं) ने अधिकारी संदीप कश्यप को निलंबित कर दिया था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों प्रहरी ड्यूटी के दौरान न केवल वीडियो बनने से नहीं रोक सके, बल्कि इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी नहीं दी।

राजधानी रायपुर के जेल में भी जेलकर्मियों पर एक्शन की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि निलंबित सहायक अधीक्षक संदीप कश्यप को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से सहमति मांगी गई है।इसी कड़ी में दुर्ग जेल में कैदियों से वसूली के मामले में पूर्व में जेल भेजे गए प्रहरी दिवाकर सिंह को भी बर्खास्त कर दिया गया है। जबकि बिलासपुर जेल के समीर रौतिया की दीपावली के बाद गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।

जेल विभाग में सवाल उठ रहा है कि विचाराधीन बंदी शशांक चोपड़ा के पास मोबाइल फोन पहुंचा कैसे। जेल प्रशासन इस मामले की अलग से जांच कर रहा है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, जेल के अंदर कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से राशिद अली को मोबाइल और अन्य सुविधाएं मिल रही थीं। रायपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, राशिद अली को NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत 11 जुलाई 2025 को टिकरापारा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह पिछले तीन महीनों से जेल में बंद है। आरोप है कि वह जेल के अंदर से ही नशे और वसूली के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।जेल विभाग तक स्टाफ और अफसरों के खिलाफ निलंबन जैसी छोटी-मोटी कार्रवाइयां होती रही हैं, मगर सीधे बर्खास्तगी के चलते अफसरों और कर्मियों में भय के साथ ही नाराजगी भी है। स्टाफ इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि प्रदेश में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद भी कर्मचारी और अफसर केवल निलंबित किये जाते बहाली के बाद फिर आराम से नौकरी करने करने लगते हैं, मगर उन्हें सीधे बर्खास्त किया जा रहा है, इस तरह की कार्रवाई से स्टाफ जहां एक ओर डरे हुए हैं, वहीं उनके बीच गुस्सा भी है।