MBBS डुप्लीकेट मार्कशीट मामले में बड़ा खुलासा, युवती निकली ड्रग सप्लायर

12 डुप्लीकेट डिग्री और 13 मार्कशीट लेने वालों की तलाश

709

MBBS डुप्लीकेट मार्कशीट मामले में बड़ा खुलासा, युवती निकली ड्रग सप्लायर

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में डॉक्टरों की एमबीबीएस की अंकसूची और डिग्री की डुप्लीकेट कॉपी निकलवाने का मामला गहराता जा रहा है। इस मामले में ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने जीवाजी विश्वविद्यालय से पांच साल का रिकॉर्ड मांगा था। 32 घंटे बीत जाने के बाद विश्वविद्यालय ने 13 डॉक्टरों को एमबीबीएस की अंकसूची और डिग्री की डुप्लीकेट कॉपी देने की बात स्वीकार की है, लेकिन उन डॉक्टरों के नाम अब तक क्राइम ब्रांच को नहीं बताए गए हैं। जो डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट लेकर गए हैं। इसलिए विश्वविद्यालय प्रबंधन पुलिस की जांच में शक के दायरे में है

Gwalior JU News: जेयू से पांच साल में एमबीबीएस की 12 डुप्लीकेट डिग्री और 13 मार्कशीट लेने वालों की तलाश - Gwalior JU News Looking for 12 duplicate MBBS degrees and 13

जीवाजी यूनिवर्सिटी ने पांच साल में एमबीबीएस की 12 डुप्लीकेट डिग्री और 13 मार्कशीट अलग-अलग छात्रों को जारी की हैं। यह संख्या तो जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पुलिस को बता दी है, लेकिन सभी छात्रों के नाम और इनकी डिग्री, मार्कशीट की छायाप्रति पुलिस को उपलब्ध नहीं करवाई है। जिन छात्रों का रिकार्ड पुलिस को मिला है। पुलिस अब इन छात्रों को तलाश कर रही हे। साथ ही पड़ताल की जा रही है कि छात्रों तक डिग्री, मार्कशीट पहुंचाने वाले कौन हैं?

यहां बता दें, महाराष्ट्र के मालेगांव की रहने वाली प्रतीक्षा दायमा और उसके साथी मोहम्मद शफीक को झांसी रोड पुलिस ने सिटी सेंटर स्थित होटल से पकड़ा था। इनके पास से ग्वालियर के जीआरएमसी से 2018 में एमबीबीएस कर चुकी छात्रा प्रतीक्षा शर्मा की डुप्लीकेट मार्कशीट मिली थी।

पकड़ में आए दोनों आरोपित प्रतीक्षा शर्मा की डुप्लीकेट डिग्री, इंटर्नशिप सर्टिफिकेट निकलवाने ग्वालियर आए थे। इन्होंने पूछताछ में बताया था कि वे मालेगांव महानगर पालिका के आयुष विभाग में प्रतीक्षा शर्मा के नाम पर नौकरी कर रही थी। वह डाक्टर बन गई थी। उसने जीवाजी यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ लोगों का नाम बताया था तब से जेयू प्रबंधन कटघरे में है। पहले तो जेयू के परीक्षा विभाग ने रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं करवाया।

जब इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बात की तब जानकारी दी। झांसी रोड थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया जेयू ने पांच साल में 12 डुप्लीकेट डिग्री और 13 डुप्लीकेट मार्कशीट जारी की थी। पुलिस ने 12 में से चार डिग्री और 13 में से 10 मार्कशीट की ही जानकारी, पुलिस को उलपब्ध करवाई है।

इसके अलावा अन्य जानकारी कुछ दिन में उपलब्ध करवाने की बात कही है।लेकिन डॉक्टरों के नाम बताने पर चुप्पी साध गया है, लेकिन क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस को उम्मीद है कि एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।