Big IAS Reshuffle is in Offing : 15 ACS और PS अतिरिक्त प्रभारों से होंगे मुक्त!  

बड़े बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के बीच हुई प्रारंभिक चर्चा में काफी कुछ तय!

1810
Big IAS Reshuffle is in Offing

Big IAS Reshuffle is in Offing : 15 ACS और PS अतिरिक्त प्रभारों से होंगे मुक्त!

सुरेश तिवारी की खास प्रशासनिक रिपोर्ट

Bhopal : प्रदेश में अप्रैल माह में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट है। इस बारे में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के बीच प्रारंभिक चर्चा भी हो चुकी है।

IMG 20250331 WA0131

जानकारी के मुताबिक, इस चर्चा में यह बात सामने आई कि प्रदेश के कई अपर मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिवों (PS) के पास कई विभागों के अतिरिक्त प्रभार हैं। इस कारण विभागों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

माना जा रहा है कि अगली प्रशासनिक सर्जरी में अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों के अतिरिक्त प्रभार वाले विभाग कम किए जाएंगे या इस तरह का समन्वय किया जाएगा जिससे समान विषय वाले विभाग एक साथ जुड़ जाए। जानकारी के अनुसार ACS और PS जैसे 15 वरिष्ठ IAS अधिकारी ऐसे अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच इस बारे में सहमति बन गई।

इस बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में सबसे पहले अपर मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिवों (PS) से अतिरिक्त प्रभार वाले विभाग लिए जाएंगे और उनकी जिम्मेदारी अन्य समकक्ष अधिकारियों को दी जाएगी। गौरतलब है कि करीब 15 विभागों का अतिरिक्त प्रभार ACS और PS के पास है। प्रदेश में होने वाली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में 30 से अधिक IAS अधिकारियों को सरकार नई जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, तो प्रभार में टिके मंत्रालय को स्वतंत्र अधिकारी भी मिलेंगे।

सरकार ने इस फेरबदल में बीते एक साल के दौरान एसीएस, पीएस, सचिव, संभाग आयुक्त व कलेक्टरों के कामों को आधार बनाने की योजना रखी है। इसमें ऐसे अफसर जिनके काम के नतीजे अच्छे रहे हैं,को सरकार बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं सरकार की किरकिरी कराने वाले अधिकारियों की कुर्सी खिसकना तय है।

कई महत्वपूर्ण विभाग प्रभार पर चल रहे

प्रदेश में कई महत्वपूर्ण विभाग अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार पर चल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सरकार जल्द ही स्वतंत्र कृषि उत्पादन आयुक्त पदस्थ करेगी। वर्तमान में कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार वन विभाग के ACS अशोक वर्णवाल के पास है। वन विभाग ही अपने आप में इतना बड़ा विभाग है कि पूरा समय उसके कामकाज में ही लग जाता है। ऐसे में APC सरीखी महत्वपूर्ण जवाबदारी और समन्वय के कार्य में निश्चित तौर पर कहीं न कहीं बाधा तो आती ही है।

IMG 20250331 WA0133

 

इसी प्रकार PWD जैसे अत्यधिक महत्वपूर्ण विभाग का अतिरिक्त प्रभार अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के पास है। उनके पास पहले से प्रदेश के ऊर्जा विभाग की कमान हैं। ऐसे में बिजली और सड़क विभाग जिसे प्रदेश के सबसे बड़े विभागों के रूप में जाना जाता है, उसका प्रभार एक ही अधिकारी के पास है। यह माना जा सकता है कि नीरज मंडलोई जरूर कांपीटेंट अधिकारी हैं, लेकिन काम के बोझ के दबाव में इतने दबे हुए है कि वह दोनों विभागों के साथ शायद न्याय नहीं कर पा रहे।

IMG 20250331 WA0134 1

 

सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य सचिव संजय दुबे के पास अपने विभाग के अलावा दो-तीन और महत्वपूर्ण काम हैं। कर्मचारी चयन मंडल, विज्ञान और टेक्नोलॉजी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संजय दुबे के पास है। सामान्य प्रशासन विभाग का काम पूरे प्रदेश के मान से अगर देखा जाए तो सबसे बड़ा माना जा सकता है। ऐसे में अन्य विभागों का दायित्व संभालना उन विभागों के साथ नाइंसाफी करना ही माना जाएगा।

IMG 20250331 WA0136

images 2025 03 31T195237.307

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला के पास विमानन विभाग का अतिरिक्त दायित्व है।

IMG 20250331 WA0138 1

प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग संदीप यादव के पास खाद्य सुरक्षा विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार है। आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार राघवेंद्र सिंह, पीएस, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन के पास है। ACS उच्च शिक्षा विभाग अनुपम राजन के पास संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त दायित्व है। ACS स्तर के एक और अधिकारी राजस्व मंडल के अध्यक्ष अनिरुद्ध मुखर्जी के पास मप्र राज्य लोक संपत्ति विभाग और लोक संपत्ति प्रबंधन कंपनी का कार्य भी है।

IMG 20250331 WA0137 1

अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी दो बड़े विभागों महिला और बाल विकास और खाद्य नागरिक आपूर्ति के साथ-साथ विशेष आयुक्त मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली का कार्य भी देख रही है। दिल्ली में वे समन्वय कार्य की भी प्रभारी हैं।

images 2025 03 31T195449.215

प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला संस्कृति और पर्यटन विभाग के साथ-साथ धर्मस्व विभाग का काम भी देख रहे हैं। PS डॉ ई रमेश कुमार अनुसूचित जाति, अल्प संख्यक कल्याण के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों का कार्य भी देख रहे हैं। PS डीपी आहूजा मछुआ कल्याण, मत्स्य विकास के साथ-साथ आयुष विभाग का काम देख रहे हैं जिसका इन विभागों से कोई तालमेल नहीं है। PS वाणिज्यक कर अमित राठौर कुटीर और ग्रामीण उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। दोनों विभागों में कोई एक दूसरे से लेना-देना नहीं है। खनिज विभाग के PS उमाकांत उमराव पशुपालन एवं डेयरी विभाग का काम भी देख रहे है। समझा जा सकता है कि खनिज का पशुपालन और डेयरी विभाग से क्या तालमेल? इसी प्रकार सामान्य प्रशासन कार्मिक विभाग के सचिव एम सेलवेंद्रन, सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग भी है।

Also Read: Hyderabad Metro Rail: हैदराबाद मेट्रो रेल का समय 1 अप्रैल से 45 मिनट बढ़ेगा, SSO और ऑफ-पीक डिस्काउंट ऑफर 31 मार्च 2025 तक ही

शिकायत वाले अधिकारी हटेंगे

जानकारों का कहना है कि इस बार के तबादले में अफसरों की परफॉर्मेंस देखी जाएगी, वहीं जनप्रतिनिधियों की तरफ से जिन अधिकारियों की सरकार को शिकायत मिली उन पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। प्रदेश के कुछ जिलों के कलेक्टर व संभागों के संभागायुक्त भी बदले जाने हैं। इस बदलाव के कई आधार होंगे। जिनमें जिलों में घटित होने वाली बड़ी घटनाओं को नहीं संभाल पाना, प्रशासनिक चूक के कारण घटना होना, नेताओं की वास्तविक नाराजगी का बार-बार सामने आना, खनिज माफिया व अपराधियों की करतूतें उजागर होना, अलग-अलग स्तर पर कमियों के कारण विपक्ष को मुद्दा मिलना, जैसे बिंदू अहम हो सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने ऐसे कुछ बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। प्रदेश में अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देने के लिए अब तक के उनके काम को देखा जाएगा। इसमें मंत्रालय में विभाग अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से लेकर, उप सचिव से लेकर विभाग प्रमुख और संभाग और जिलों में पदस्थ अधिकारियों के ट्रांसफर होंगे।