
Neemuch Head Constable Suicide Case में बड़ा खुलासा: अफसरों को डराने के लिए जहर पीकर कंट्रोल रूम पहुंचा, ज्यादा मात्रा बनी मौत की वजह
▪️गोविंद सिंह प्लास
Neemuch: हेड कांस्टेबल होशियार सिंह की मौत के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि उन्होंने जहर सीधे आत्महत्या के इरादे से नहीं बल्कि अपनी परेशानी की गंभीरता अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए सेवन किया था। जहर पीने के बाद वे सीधे पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे, जिससे पूरे घटनाक्रम पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
● कंट्रोल रूम पहुंचना क्या दर्शाता है
सूत्रों के अनुसार यदि आत्महत्या ही उद्देश्य होता तो वे किसी एकांत स्थान का चयन कर सकते थे, लेकिन जहर पीने के बाद उनका सीधे कंट्रोल रूम पहुंचना इस ओर संकेत करता है कि वे चाहते थे कि अधिकारी तत्काल संज्ञान लें। संभावना जताई जा रही है कि वे यह बताकर दबाव बनाना चाहते थे कि उनकी समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए, अन्यथा बड़ा कदम उठाना पड़ेगा। लेकिन जहरीले पदार्थ की मात्रा अधिक होने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
● वायरल पत्र से बढ़ा विवाद
घटना के बाद एक कथित पत्र सामने आया, जिसमें विभागीय कार्यप्रणाली और कुछ अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उक्त शिकायत औपचारिक रूप से किसी शाखा में दर्ज हुई थी या नहीं। पत्र पर आवक-जावक क्रमांक अथवा संबंधित शाखा की सील उपलब्ध नहीं बताई जा रही है।
● एसपी के संज्ञान में नहीं लाई गई थी बात
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने कहा है कि इतनी गंभीर समस्या थी तो सीधे उनके समक्ष प्रस्तुत की जा सकती थी। हाल ही में पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनने के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किया गया था, लेकिन उसमें भी कोई शिकायत सामने नहीं आई। उनका कहना है कि यदि बात उच्च स्तर पर रखी जाती तो शायद स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
● विभाग में पहली बार ऐसी घटना
नीमच पुलिस विभाग में इस तरह की घटना अभूतपूर्व मानी जा रही है। एक हेड कांस्टेबल द्वारा कंट्रोल रूम में जहर सेवन करना पूरे महकमे के लिए आत्ममंथन का विषय बन गया है। विभागीय संवाद, आंतरिक शिकायत तंत्र और कर्मचारी मानसिक स्वास्थ्य समर्थन पर अब गंभीर चर्चा हो रही है।
● जांच के दायरे में परिस्थितियां
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कंट्रोल रूम की स्थिति, सीसीटीवी फुटेज और कथित पत्र की सत्यता की जांच की जा रही है। यदि किसी अधिकारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो विभागीय कार्रवाई संभव है।
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि पुलिस तंत्र के भीतर संवाद और विश्वास की कमी की ओर भी संकेत करती है। आने वाली जांच रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब दे सकती है।





