Biggest Liquor Scam of ₹3200 Crore: नेताओं-अफसरों के नाम उजागर, दो दर्जन पर कार्रवाई, जांच में नए खुलासे

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Biggest Liquor Scam of ₹3200 Crore: नेताओं-अफसरों के नाम उजागर, दो दर्जन पर कार्रवाई, जांच में नए खुलासे

आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सामने आए 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में कई बड़े नेताओं और अफसरों के नाम सामने आए हैं। आंध्र प्रदेश में SIT और ED की जांच में सबसे बड़ा नाम कसीरेड्डी राजशेखर रेड्डी (राज) का है, जो पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आईटी सलाहकार रहे हैं। राज को 21 अप्रैल 2025 को हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और वे इस घोटाले के मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं। SIT रिपोर्ट के मुताबिक, राज ने कबूला कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की जानकारी और मंजूरी से नई शराब नीति बनाई थी, जिससे हर महीने 50-60 करोड़ रुपये की रिश्वत वसूली जाती थी। हालांकि, राज ने अपने बयान पर साइन नहीं किया है।

जांच में जिन नेताओं और अफसरों के नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख हैं:

1. कसीरेड्डी राजशेखर रेड्डी (राज)- पूर्व आईटी सलाहकार, मास्टरमाइंड, मुख्य आरोपी, फिलहाल न्यायिक हिरासत में।
2. वाईएस जगन मोहन रेड्डी- पूर्व मुख्यमंत्री, SIT रिपोर्ट में नाम, नीति की मंजूरी देने का आरोप (आधिकारिक बयान में, लेकिन कानूनी रूप से दोषी नहीं ठहराया गया)।
3. पीवी मिधुन रेड्डी- वाईएसआरसीपी सांसद, SIT ने पूछताछ की, सिंडिकेट में शामिल होने का आरोप।
4. वी विजयसाई रेड्डी- पूर्व राज्यसभा सांसद, SIT रिपोर्ट में नाम, सिंडिकेट में शामिल होने का आरोप।
5. सज्जला श्रीधर रेड्डी- वरिष्ठ YSRCP नेता, SIT रिपोर्ट में नाम।
6. वसुदेवा रेड्डी- आबकारी विभाग के अफसर, सॉफ्टवेयर में हेरफेर का आरोप।
7. कई रिटायर्ड IAS अफसर- SIT रिपोर्ट में शामिल, नाम उजागर नहीं।                                                    8. अनवर ढेबर- छत्तीसगढ़ घोटाले का मास्टरमाइंड, पुलिस हिरासत में।

SIT और ED की जांच में सामने आया कि इन नेताओं-अफसरों ने मिलकर शराब कंपनियों से हर महीने मोटी रिश्वत ली और सरकारी दुकानों में छोटे ब्रांड्स को प्रमोट किया। 2019-2024 के बीच करीब 3200 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई, जो शेल कंपनियों और हवाला के जरिए घुमाई गई। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है और कई बैंक खातों व संपत्तियों की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ में भी 29 आबकारी अफसरों पर कार्रवाई हुई है, जिनमें 7 रिटायर हो चुके हैं। दो दर्जन से ज्यादा अफसर सस्पेंड या गिरफ्तार किए गए हैं। रायपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

EOW और SIT के मुताबिक, “3200 करोड़ के शराब घोटाले में नेताओं, सांसदों, पूर्व अधिकारियों और शराब सिंडिकेट की मिलीभगत सामने आई है। जांच जारी है और सभी आरोपी कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई का सामना करेंगे।”