BJP President: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फिर तेज हुई हलचल,चौंकाने वाला नाम आ सकता है सामने

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BJP President: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फिर तेज हुई हलचल,चौंकाने वाला नाम आ सकता है सामने

 

भोपाल: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। इस बार फिर कुछ नए नाम सामने आए हैं। इसमें निमाड़ क्षेत्र के एक सांसद का नाम भी तेजी से उभर कर सामने आया है। वे दिल्ली में भी सक्रिय हैं। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल आगे बढ़ाने को लेकर भी संभावनाएं बनी हुई हैं। लोकसभा का सत्र पूरा होते ही भाजपा कुछ प्रदेशों के अध्यक्षों को लेकर निर्णय ले सकती है। इसमें मध्य प्रदेश भी शामिल माना जा रहा है। यहां पर अध्यक्ष का चुनाव होना है। ऐसे में अप्रैल महीने के दूसरे सप्ताह में अध्यक्ष चुनने को लेकर पूरी कवायद हो सकती है।

इस बार भाजपा जातिगत समीकरणों के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष दे चुन सकती है। इसमें एक बार फिर तेजी से अनुसूचित जनजाति वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बनाने की सुगबुगाहट चल रही है। इसमें कोई अप्रत्याशित नाम सामने आ सकता है। एसटी वर्ग से इस दौड़ में तेजी से नाम खरगौन के सांसद गजेंद्र पटेल का चल रहा है। पटेल संघ से भी जुड़े हुए हैं। इसी क्षेत्र से सुमेर सिंह सोलंकी भी आते हैं, वे राज्यसभा के सदस्य हैं और संघ के नजदीक भी माने जाते हैं। इन दिनों गजेंद्र पटेल दिल्ली में खासे सक्रिय हैं। उनकी इस दौरान कई नेताओं से भी मुलाकात हुई है।

 *वीडी को मिल सकता है फिर मौका* 

इधर यह भी माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा को एक टर्म और दिया जाए। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वीडी शर्मा की जोड़ी संगठन को लेकर तालमेल के साथ चल रही है। इस तालमेल के जरिए और बेहतर परिणाम पार्टी के हित में आ सकें इस पर भी केंद्रीय नेताओं की नजर है। ऐसे में शर्मा को एक मौका और मिल सकता है। वहीं आधा दर्जन नेताओं के नाम भी अध्यक्ष के लिए भोपाल से लेकर दिल्ली तक चर्चा में हैं। इनमें नरोत्तम मिश्रा, हेमंत खंडेलवाल, अरविंद भदौरिया, कविता पाटीदार के नाम हैं।

*अप्रत्याशित नाम भी आ सकता है सामने* 

भाजपा के केंद्रीय नेता कई बार अपने फैसले से सभी को चौंका देते हैं। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के लिए कोई अप्रत्याशित नेता का चेहरा भी पार्टी सामने ला सकती है। हालांकि यह तय है कि प्रदेश अध्यक्ष का चयन चुनाव प्रक्रिया के तहत होगा। यह प्रक्रिया लोकसभा सत्र पूरा होते ही शुरू हो सकती है।

 *जनवरी से टल रहा* 

प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव जनवरी में होने की संभावना थी। यहां के लिए धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव अधिकारी बनाया था। इसके बाद दिल्ली चुनाव को लेकर यह मामला टल गया। लोकसभा और राज्यसभा के सत्र चलने के कारण चुनाव प्रक्रिया फिर टल गई। अब ऐसा माना जा रहा है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी।