
भाजपा का आजीवन सहयोग निधि: 20 हजार से ज्यादा सहयोग पर पैन अनिवार्य, 5 हजार से ऊपर नकद नहीं ले सकेगी पार्टी
भोपाल. प्रदेश भाजपा आजीवन सहयोग निधि के तहत अब 20 हजार रुपए से अधिक का सहयोग देने वालों से पैन कार्ड लेना अनिवार्य होगा, जबकि 5 हजार रुपए से ज्यादा की राशि नकद स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी यह राशि केवल चेक या बैंकिंग माध्यम से ही लेगी। यह अभियान 11 फरवरी से शुरू होकर करीब दो महीने तक चलेगा। इस अभियान के लिए जिलों में जिला प्रभारी एवं जिला सह प्रभारियों की नियुक्तियां करना शुरू कर दिया है।
राज्य स्तर पर भी इसे लेकर प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी बना दिए गए हैं। प्रदेश प्रभारी का जिम्मा पूर्व विधायक गोपी कृष्ण नेमा को सौंपा गया है। जबकि पूर्व सांसद आलोक संजर और सतना के महापौर योगेश ताम्रकार इसके सहप्रभारी बनाए गए हैं। भाजपा संगठन ने इस अभियान को पूरी तरह टारगेट आधारित बनाया है। प्रदेश के हर जिले को अलग-अलग राशि जुटाने का लक्ष्य दिया जाएगा। जिसे जिले के सालाना संगठनात्मक खर्च के अनुमान के आधार पर तय किया जाना है। जिन जिलों में संगठन का ढांचा बड़ा है और गतिविधियां ज्यादा हैं, वहां लक्ष्य भी उसी अनुपात में ज्यादा रखा गया है। इस संबंध में जल्द ही प्रदेश स्तर पर बड़ी बैठक होने जा रही है। आजीवन सहयोग निधि के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग पार्टी जिला कार्यालयों के संचालन, संगठन विस्तार, प्रशिक्षण शिविरों, बैठकों और नियमित खर्चो, प्रवास आदि में किया जाएगा।
अभियान के दौरान सहयोग लेने की जिम्मेदारी के लिए जिलों में प्रभारी, सह प्रभारी और सदस्य बनाए गए हैं। जो दानदाताओं के पास जाएंगे और उनसे आजीवन सहयोग निधि लेंगे। हर दानदाता को रसीद देना अनिवार्य होगा और पूरी राशि का लेखा-जोखा पार्टी के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इसमें पांच हजार रुपए तक की राशि नकद या कूपन के जरिए ली जाएगी। इसके बाद पांच हजार रुपए से ऊपर की राशि के चैक द्वारा लिया जाना तय किया गया है। बीस हजार से ऊपर की सहयोग निधि देने वाले के पैन भी लिया जाएगा। पार्टी इसमें पूरी तरह से पारदर्शिता रखेगी, ताकि इस पर बाद में कोई सवाल जवाब न हो।





