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ओमप्रकाश श्रीवास्तव

ओपी श्रीवास्तव मध्यप्रदेशशासन में  भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के2007 बैच के अधिकारी है .वर्तमान में वे मुख्यमंत्री के अपर सचिव एवं संचालक जनसम्पर्क है .साहित्यकार  है .

लोक-सेवाओं पर कालिख पोतते ये बिगड़ैल सॉंड़ 

लोक-सेवाओं पर कालिख पोतते ये बिगड़ैल सॉंड़ 

मीडियावाला.इन। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक कलेक्‍टर साहब सिंघम स्‍टाइल में अवतरित होते हैं। उनके पीछे डण्‍डों और शस्‍त्रों से लैस पुलिस है। स्‍थान है एक मैरिज हॉल। कलेक्‍टर क्‍या हैं जनरल डायर...

गई कील खुल पिंजरा की और उड़ गई रायमुनैया 

गई कील खुल पिंजरा की और उड़ गई रायमुनैया 

मीडियावाला.इन। मैं आज अश्रुपूरित नेत्रों से एक असाधारण शख्‍स का साधारण विदाई लेख लिख रहा हूँ। असाधारण इसलिए कि उसके जीवन में ईश्‍वर ने जितने संघर्ष दिये वह उतनी ही जीवटता से उनसे लड़ा । स्‍वयं अभावग्रस्‍त होते हुए...

धर्मग्रंथ, संविधान और रामराज्य

धर्मग्रंथ, संविधान और रामराज्य

मीडियावाला.इन। सभ्‍यता के प्रारंभ से ही मनुष्‍य ने प्रकृति के रहस्‍यों को समझने के प्रयास किये और फिर जो भी अबूझ पहेलियॉं रह गईं उनके लिए संसार के अलग-अलग हिस्‍सों में निवास कर रहे समुदायों ने अपने-अपने...

समन्‍वय व सहिष्‍णुता- हिन्‍दू धर्म की शक्ति है या कमजोरी ?

समन्‍वय व सहिष्‍णुता- हिन्‍दू धर्म की शक्ति है या कमजोरी ?

मीडियावाला.इन। अनुयायियों की संख्‍या के आधार पर संसार के सबसे बड़े तीन धर्म ईसाई, इस्‍लाम और हिंदू हैं। इतिहास गवाह है कि सबसे ज्‍यादा रक्‍तपात धर्म के नाम पर हुआ है, चाहे वह धर्म-प्रचार के नाम पर हुआ हो या...

हॉं! जिन्दा रहकर भी देश के लिए शहादत दी जा सकती है

हॉं! जिन्दा रहकर भी देश के लिए शहादत दी जा सकती है

मीडियावाला.इन। शीर्षक पढ़कर कुछ अजीब सा लगा न ? हमें बचपन से ही सिखाया गया है कि जरूरत पड़ने पर देश के लिए मर-मिटना देश की सर्वोच्‍च सेवा है। सही भी है, परंतु व्‍यवहार में सभी के...

गीता – जिसने संसार के कार्यों को ही ईश्‍वर की पूजा बना दिया

गीता – जिसने संसार के कार्यों को ही ईश्‍वर की पूजा बना दिया

मीडियावाला.इन। वैदिक या सनातन धर्म जिसे अब हिन्‍दू धर्म कहा जाता है के आधार स्‍तंभ चार वेद हैं । उपनिषद वेदों के आध्‍य‍ात्मिक और दार्शनिक खंड हैं। उपनिषदों ने हिन्‍दू धर्म के आधारभूत सिद्धांतों – ब्रह्म, आत्‍मा, पुनर्जन्‍म और...

अपने शास्‍त्रों के मूल स्‍वरूप को पहचानें

अपने शास्‍त्रों के मूल स्‍वरूप को पहचानें

मीडियावाला.इन। 2 अक्‍टूबर 20 के दैनिक भास्‍कर में संपादकीय पृष्‍ठ पर एक लेख छपा है । शीर्षक है – ‘’कोरोना ने हमें सिखाया कि अब 5 साल की योजनाऍं न बनाऍं’’ । इसके लेखक हैं सुनील अलघ जिनका परिचय...

हिन्‍दी के लिए हमारी आचार संहिता

हिन्‍दी के लिए हमारी आचार संहिता

मीडियावाला.इन। हिन्‍दी दिवस अब सरकारी समारोह बन कर रह गया है। अभिजात्‍य वर्ग इसे गरीब-गुरबों की भाषा समझकर घृणा करता है। वहीं हिन्‍दी भाषी आम लोग इसके प्रति नि:स्‍पृह से हो गये हैं। उन्‍हें इसकी दशा-दुर्दशा से...

जीवन के हर पक्ष में समन्वय के महाकवि - गोस्वामी तुलसीदास

जीवन के हर पक्ष में समन्वय के महाकवि - गोस्वामी तुलसीदास

मीडियावाला.इन। (तुलसी जयंती, श्रावण शुक्‍ला सप्‍तमी 27 जुलाई 2020 के अवसर पर विशेष लेख) मनुष्‍य सदा से ऐसा जीवन चाहता है जिसमें सुख-शांति, प्रेम, उल्‍लास, खुशी और ऐसी ही सकारात्‍मक भावनाऍं हों।...

क्‍या श्री रामचरितमानस में कोरोना को लेकर भविष्‍यवाणी की गई है ?

क्‍या श्री रामचरितमानस में कोरोना को लेकर भविष्‍यवाणी की गई है ?

मीडियावाला.इन। आजकल एक लेख वाट्सएप पर चल रहा है जिसमें कहा गया है कि रामचरित मानस में कोरोना की भविष्‍यवाणी की गई है।  उसके लक्षण और उपचार के उपाय बताए गए हैं। इसमें कहा गया है कि तुलसीदास जी...