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अजय बोकिल

जन्म तिथि : 17/07/1958, इंदौर

शिक्षा : एमएस्सी (वनस्पतिशास्त्र), एम.ए. (हिंदी साहित्य)

पता : ई 18/ 45 बंगले,  नार्थ टी टी नगर भोपाल

मो. 9893699939

अनुभव :

पत्रकारिता का 33 वर्ष का अनुभव। शुरूआत प्रभात किरण’ इंदौर में सह संपादक से। इसके बाद नईदुनिया/नवदुनिया में सह संपादक से एसोसिएट संपादक तक। फिर संपादक प्रदेश टुडे पत्रिका। सम्प्रति : वरिष्ठ संपादक ‘सुबह सवेरे।‘

लेखन : 

लोकप्रिय स्तम्भ लेखन, यथा हस्तक्षेप ( सा. राज्य  की नईदुनिया) बतोलेबाज व टेस्ट काॅर्नर ( नवदुनिया) राइट क्लिक सुबह सवेरे।

शोध कार्य : 

पं. माखनलाल  चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विवि में श्री अरविंद पीठ पर शोध अध्येता के  रूप में कार्य। शोध ग्रंथ ‘श्री अरविंद की संचार अवधारणा’ प्रकाशित।

प्रकाशन : 

कहानी संग्रह ‘पास पडोस’ प्रकाशित। कई रिपोर्ताज व आलेख प्रकाशित। मातृ भाषा मराठी में भी लेखन। दूरदर्शन आकाशवाणी तथा विधानसभा के लिए समीक्षा लेखन।  

पुरस्कार : 

स्व: जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी उत्कृष्ट युवा पुरस्कार, मप्र मराठी साहित्य संघ द्वारा जीवन गौरव पुरस्कार, मप्र मराठी अकादमी द्वारा मराठी प्रतिभा सम्मान व कई और सम्मान।

विदेश यात्रा : 

समकाालीन हिंदी साहित्य सम्मेलन कोलंबो (श्रीलंका)  में सहभागिता। नेपाल व भूटान का भ्रमण।

यह जवाब सरकारी तंत्र के ‘अनारोग्य’ को उजागर करता है...!

यह जवाब सरकारी तंत्र के ‘अनारोग्य’ को उजागर करता है...!

मीडियावाला.इन। यूं सरकार के हजारों हाथ, आंख और कान होते हैं, बावजूद इसके सरकार को कई बार खुद अपने बारे में ठीक से पता नहीं होता। एक दिलचस्प खबर है कि भारत सरकार के जिस ‘आरोग्य सेतु’ को करीब...

कश्मीर में धारा 370 बहाली की मांग से कांग्रेस को क्या फायदा?

कश्मीर में धारा 370 बहाली की मांग से कांग्रेस को क्या फायदा?

मीडियावाला.इन। क्या केन्द्र शासित प्रदेश बन चुके जम्मू एवं कश्मीर राज्य की सियासी तासीर बदल रही है या फिर राज्य के पुराने नेता धारा 370 वाली पुरानी राजनीति में फिर से प्राण फूंककर अपनी राजनीतिक जमीन बचाना चाहते हैं?...

बिहार चुनाव: तेजस्वी का ‘नौकरी कार्ड’ और बीजेपी का ‘फ्री वैक्सीन’ इंसेटिव...!

बिहार चुनाव: तेजस्वी का ‘नौकरी कार्ड’ और बीजेपी का ‘फ्री वैक्सीन’ इंसेटिव...!

मीडियावाला.इन। यह नैतिक दृष्टि से भले सही न हो, लेकिन राज की दृष्टि से शायद बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक है। क्योंकि किसी ने अब तक टीके, दवा या जड़ी बूटी आदि का इस्तेमाल राजगद्दी पर दोबारा काबिज होने के...

स्त्री अपमान को लेकर महिला आयोगों के चश्मे अलग क्यों?

स्त्री अपमान को लेकर महिला आयोगों के चश्मे अलग क्यों?

मीडियावाला.इन। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता’ वाले देश में नेताओं के इन बोल वचनों पर गौर फरमाएं ( प्रसंगवश इसमें दो प्रमुख राजनीतिक दल ही शामिल हैं)। कांग्रेस -आपको तो पहले ही मुझे सावधान कर देना चाहिए था,...

ओटीपी व्यवस्था: गैस टंकी की होम डिलीवरी आसान होगी या दुश्वार ?

ओटीपी व्यवस्था: गैस टंकी की होम डिलीवरी आसान होगी या दुश्वार ?

मीडियावाला.इन। रोजमर्रा की जरूरत और हर घर में खामोशी से जलने वाली रसोई गैस की होम डिलीवरी के लिऋ एलपीजी कंपनियां सुरक्षा के नाम पर जो नई रोजमर्रा की जरूरत और हर घर में खामोशी से जलने वाली रसोई...

ऐसी ‘फेक न्यूज’ सेना ही नहीं पूरे देश के लिए आत्मघाती है..

ऐसी ‘फेक न्यूज’ सेना ही नहीं पूरे देश के लिए आत्मघाती है..

मीडियावाला.इन। भारतीय सेना में ‘मुस्लिम रेजीमेंट’ खत्म करने को लेकर सोशल मीडिया में जो फेक न्यूज चलाई गई, वह सेना के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बदनाम करने वाली तो थी ही, साथ में खतरनाक ढंग से शरारतपूर्ण भी...

‘हां, मैं बिका’... इस सियासी स्वीकारोक्ति का जनता ऑडिट कैसे करेगी?

‘हां, मैं बिका’... इस सियासी स्वीकारोक्ति का जनता ऑडिट कैसे करेगी?

मीडियावाला.इन। मैं मरता था जिन होठों पर, वो बिकने लगे हैं नोटों पर..’ पता नहीं ये लोकगीत विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के उस आयातित प्रत्याशी ने सुना था नहीं, लेकिन भरी सभा में खुद के ‘बिकने’ की...

चुनाव टिकट संघर्ष के मार्मिक दृश्य और चार ट्रेंड..!

चुनाव टिकट संघर्ष के मार्मिक दृश्य और चार ट्रेंड..!

मीडियावाला.इन। चुनाव कोई-सा हो, किसी स्तर का हो, उसकी घोषणा होते ही नेताओं में ‘टिकट वायरस’ इतनी तेजी से और गहरे तक फैलता है कि इसके लिए और इसे गंवाने पर कुछ भी कर सकते हैं। पार्टी से चुनाव...

टीआरपी के बलवे में जिम्मेदार पत्रकारिता की हत्या...!

टीआरपी के बलवे में जिम्मेदार पत्रकारिता की हत्या...!

मीडियावाला.इन। एक संदिग्ध मौत कितने चेहरे बेनकाब कर सकती है, कितने रैकेट उजागर कर सकती है, कितनी सियासत और कितनी इंसाफ की बात कर सकती है, यह अभिनेता सुशांत सिंह प्रकरण ने दिखा दिया है। सुशांत मामले में पहले...

खाली वक्त में सोने के मजे और ऊंघता सरकारी तंत्र...!

खाली वक्त में सोने के मजे और ऊंघता सरकारी तंत्र...!

मीडियावाला.इन। गनीमत है कि ये सर्वे कोरोना काल और लाॅक डाउन के पहले का है। हालात तो तब भी बहुत बेहतर नहीं थे, मगर सर्वे की मानें तो खाली वक्त में ‘सुकून से सोने लायक’ तो थे। सर्वे से...

‘उसने मरने से पहले ईश्वर से क्या कहा होगा...?

‘उसने मरने से पहले ईश्वर से क्या कहा होगा...?

मीडियावाला.इन। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के एक गांव में दलित युवती के साथ गैंगरेप की यह घटना दरअसल ‘बेटी बचाओ नारे के साथ पूरे सिस्टम का ही घृणित बलात्कार है। जिसमें दंबगों ने न सिर्फ एक 19 वर्षीय...

भीगी बालू रेत की गंध थी एसपीबी की अमर आवाज में...

भीगी बालू रेत की गंध थी एसपीबी की अमर आवाज में...

मीडियावाला.इन। एक अच्छे सुगम संगीत श्रोता की तरह बात करूं तो एसपी बालासुब्रमण्यम के रूप में बाॅलीवुड में गूंजने वाली दक्षिण भारत की वो पहली आवाज थी, जो न सिर्फ रेडियो बल्कि टीवी के माध्यम से भी...

गुप्तेश्वर प्रकरण: अफसर का जननेता में रूपांतरण आसान नहीं!

गुप्तेश्वर प्रकरण: अफसर का जननेता में रूपांतरण आसान नहीं!

मीडियावाला.इन। लगता है नौकरशाहों के राजनीति में आने का मौसम फिर बहार पर है। बिहार के डीजीपी (अब पूर्व) गुप्तेश्वर पांडेय ने वर्दी उतार कर राज्य में आसन्न विधानसभा चुनाव लड़ने के साफ संकेत दे दिए हैं...

अपनी ही बेटियों की बलि लेने वाली ये कैसी ‘मांएं’ हैं?

अपनी ही बेटियों की बलि लेने वाली ये कैसी ‘मांएं’ हैं?

मीडियावाला.इन। बीते सप्ताह प्रदेश की राजधानी भोपाल में घटी दो शर्मनाक घटनाओं ने इस बात पुनर्विचार पर विवश कर दिया कि ‘बेटियों को बचाने’ की दिशा में हम आगे जा रहे हैं या पीछे? सरकार और सामाजिक संस्थाओं की...

‘फिल्म सिटी’ बनाना आसान है, ‘बाॅलीवुड’ बनाना कठिन !

‘फिल्म सिटी’ बनाना आसान है, ‘बाॅलीवुड’ बनाना कठिन !

मीडियावाला.इन। बाॅलीवुड में सुशांत संदिग्ध मौत प्रकरण, भाई भतीजावाद, ड्रग्स प्रकरण, यौन शोषण और हल्के स्तर की राजनीति के बाद नया एंगल एक नया प्रति-बाॅलीवुड खड़ा करने की उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ताबड़तोड़ घोषणा है। शनिवार...

बाॅलीवुड को ‘ड्रग्सवुड’ में तब्दील करने का सियासी खेल...!

बाॅलीवुड को ‘ड्रग्सवुड’ में तब्दील करने का सियासी खेल...!

मीडियावाला.इन। उफ्! कहां तो बाॅलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह की मौत का मर्डर एंगल पुख्‍ता करने की बात हो रही थी और कहां अब बाॅलीवुड में ड्रग्स की पर्तें उधेड़ी जा रही हैं। आलम यह है कि सुशांत...

ऑक्सीजन की कालाबाजारी, सियासी सांसें भी न रोक दे...

ऑक्सीजन की कालाबाजारी, सियासी सांसें भी न रोक दे...

मीडियावाला.इन। क्या कभी सोचा था कि इंसान को जिंदा रखने वाली प्राणवायु ऑक्सीजन की भी चोरी होगी और लोग इसकी भी खुलकर कालाबाजारी करने से बाज नहीं आएंगे? लोग खुद को जिंदा रखने के लिए दूसरों की सांसें इस...

समान अधिकार: क्या कुत्ता, इंसान के बराबर हो सकता है ?

समान अधिकार: क्या कुत्ता, इंसान के बराबर हो सकता है ?

मीडियावाला.इन। क्या जानवरों के भी मनुष्य के समान अधिकार हो सकते हैं या होना चाहिए? प्राणी होने के अलावा इन दोनो में कौन सी समानताएं हैं जो कानूनी तौर पर उन्हें एक पलडे में रखने का आग्रह रखती हैं?...

पदनाम बदलने पर भी ‘कलेक्टर’ तो ‘कलेक्टर’ ही रहता...!

पदनाम बदलने पर भी ‘कलेक्टर’ तो ‘कलेक्टर’ ही रहता...!

मीडियावाला.इन। अच्छा हुआ जो शिवराज सरकार ने प्रदेश में कलेक्टर का नाम बदलने की एक गैरजरूरी कोशिश को तिलांजलि दे दी। सरकार ने इस काम के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति को भी भंग कर दिया। दरअसल यह अनावश्यक मशक्कत...

‘एक रूपए’ में सिमटी इंसाफ, इज्जत और ईमान की दुनिया...

‘एक रूपए’ में सिमटी इंसाफ, इज्जत और ईमान की दुनिया...

मीडियावाला.इन। देश की सर्वोच्च अदालत ने अपनी अवमानना के आरोप में जाने-माने वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण पर एक रूपए का जो जुर्माना लगाया, उसकी सोशल मीडिया पर अलग अलग ढंग से व्याख्‍या हो रही है। कोई इसे अभूतपूर्व...