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दिनेश निगम त्यागी

श्री दिनेश निगम 'त्यागी' भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं .


नेतृत्व कमलनाथ का, छाए रहे दिग्विजय....

नेतृत्व कमलनाथ का, छाए रहे दिग्विजय....

मीडियावाला.इन। - केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एवं आंदोलनरत किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने भोपाल के प्रदर्शन में ताकत दिखाई। आंदोलन इस मायने में सफल रहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ले गया। वजह रही प्रदर्शनकारियों...

भाजपा में एक और पीढ़ी को घर बैठाने की तैयारी!

भाजपा में एक और पीढ़ी को घर बैठाने की तैयारी!

मीडियावाला.इन। कुछ फैसलों को अपवाद के तौर पर छोड़ दें तो भाजपा में बदलाव का एक और दौर देखने को मिल रहा है। पहले मंत्रिमंडल में जमेजमाए नेताओं को नजरअंदाज कर नए चेहरों को मौका दिया गया।...

पहले मंत्री नहीं बने, अब संगठन से बाहर....

पहले मंत्री नहीं बने, अब संगठन से बाहर....

मीडियावाला.इन। - भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने 9 माह से ज्यादा समय बाद अपनी कार्यकारिणी घोषित की तो ‘कई के अरमां आसुओं में बह गए।’ खासकर उन नेताओं पर गाज जैसी गिरी जो पहले मंत्रिमंडल में जगह...

केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद बनी बात....

केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद बनी बात....

मीडियावाला.इन।  विधानसभा की 28 सीटों के उप चुनाव के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत एवं तुलसी सिलावट मंत्री बनेंगे, इसमें किसी को संदेह नहीं था। उम्मीद थी कि उप चुनावों के तत्काल बाद इनकी शपथ होगी।...

सिंधिया अपना सिक्का चलाने में रहे कामयाब....

सिंधिया अपना सिक्का चलाने में रहे कामयाब....

मीडियावाला.इन। - शिवराज मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो कट्टर समर्थक गोविंद सिंह राजपूत एवं तुलसी सिलावट को फिर मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को दो नजरिए से देखा जा रहा है। पहला यही कि भाजपा के न-नुकुर के बाद...

कांग्रेस नेताओं के ही गले नहीं उतरे कमलनाथ के फैसले

कांग्रेस नेताओं के ही गले नहीं उतरे कमलनाथ के फैसले

मीडियावाला.इन। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के दो फैसले पार्टी के ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतरे। इनमें एक है विधानसभा के शीतकालीन सत्र को स्थगित करने पर सहमति देना और दूसरा, 28 दिसंबर के ट्रेक्टरों के जरिए...

ज्योतिरादित्य समर्थकों में मोहभंग के हालात....

ज्योतिरादित्य समर्थकों में मोहभंग के हालात....

मीडियावाला.इन। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक और दौरा पूरा हो गया। उनकी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा नेताओं से मुलाकात भी हो गई। लेकिन उनके समर्थकों के मंत्री बनने का मामला जहां...

कमलनाथ को छोड़ना पड़ सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष-नेता प्रतिपक्ष के पद!

कमलनाथ को छोड़ना पड़ सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष-नेता प्रतिपक्ष के पद!

मीडियावाला.इन। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश की राजनीति में ही रहने की घोषणा कर चुके हैं। उनकी इच्छा विधानसभा का नेता प्रतिपक्ष पद छोड़ने की है। वे प्रदेश अध्यक्ष बने रह कर संगठन को मजबूत करना चाहते हैं, अपना वर्चस्व...

दिग्विजय का जवाबी ‘आदिवासी कार्ड’

दिग्विजय का जवाबी ‘आदिवासी कार्ड’

मीडियावाला.इन। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ नेता प्रतिपक्ष पद के लिए आदिवासी कार्ड चलने की तैयारी में थे। उन्होंने अपने खास वरिष्ठ आदिवासी विधायक बाला बच्चन का नाम आगे किया था। खबर थी , बच्चन का नाम इस पद...

चल पाएगा कमलनाथ का आदिवासी कार्ड!

चल पाएगा कमलनाथ का आदिवासी कार्ड!

मीडियावाला.इन। कांग्रेस आलाकमान को 28 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष के बारे में फैसला करना है। फिलहाल कमलनाथ के पास प्रदेश अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष पद का भी...

क्या ‘गौर’ जैसी छवि बना पाएंगे ‘शिवराज’....

क्या ‘गौर’ जैसी छवि बना पाएंगे ‘शिवराज’....

मीडियावाला.इन। - माफिया, गुंडों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उसी एक्शन मोड में हैं, जैसे कभी तत्कालीन नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर हुआ करते थे। सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में...

महाराज के ‘राइट-लेफ्ट’ भी नजरअंदाज....

महाराज के ‘राइट-लेफ्ट’ भी नजरअंदाज....

मीडियावाला.इन। भाजपा सत्ता में न आती तो कांग्रेस सरकार सिंहस्थ, ई-टेंडरिंग, व्यापमं जैसे कई घोटालों की जांच करा रही होती। कटघरे में होते भाजपा सरकार के कई मौजूदा ताकतवर मंत्री। इसके लिए भाजपा नेतृत्व को ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं उनके...

फिर 'विष' तो नहीं पीना पड़ जाएगा 'शिव' को...

फिर 'विष' तो नहीं पीना पड़ जाएगा 'शिव' को...

मीडियावाला.इन। भोपाल दौरे के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब उचित समझेंगे, सही समय पर मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। जबकि मुख्यमंत्री चौहान ने कहा था कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई जल्दी नहीं...

इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार टालेंगे शिवराज....

इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार टालेंगे शिवराज....

मीडियावाला.इन। शिवराज सिंह चौहान सफल मुख्यमंत्री हैं, इसमें किसी को संदेह नहीं। वे जानते हैं कि कब क्या तत्काल करना है और क्या करने में विलंब। उनका कार्यकाल गवाह है कि सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल के गठन एवं...

कांग्रेस: अब भी वर्चस्व को लेकर  जंग, पुनर्गठन आसान नहीं, नकुल, जयवर्धन को आगे लाने की तैयारी

कांग्रेस: अब भी वर्चस्व को लेकर जंग, पुनर्गठन आसान नहीं, नकुल, जयवर्धन को आगे लाने की तैयारी

मीडियावाला.इन। प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों में पराजय के बाद कांग्रेस के पुनर्गठन को लेकर खबरें तेज हैं। कांग्रेस के सत्ता से बेदखल होने से लेकर उप चुनाव में हार और पार्टी विधायकों के बागी होने सहित सभी मामलों...

अब सिंधिया खेमे को जगह नहीं, भाजपा कोटे से भरे जाएंगे खाली मंत्री पद

अब सिंधिया खेमे को जगह नहीं, भाजपा कोटे से भरे जाएंगे खाली मंत्री पद

मीडियावाला.इन। उप चुनाव निपट जाने के बाद अब सबसे चर्चित मुद्दा है राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार। उप चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर आए तीन बागी मंत्री चुनाव हार गए हैं। सवाल यह है कि खाली हुए...

कौन होगा विधानसभा का नया अध्यक्ष?

कौन होगा विधानसभा का नया अध्यक्ष?

मीडियावाला.इन। विधानसभा के नए अध्यक्ष का चुनाव हालांकि सदन का शीतकालीन सत्र बुलाए जाने के बाद होगा लेकिन इसे लेकर जोड़तोड़ और दावों का सिलसिला शुरू हो गया है। आमतौर पर कोई भी विधायक मंत्री पद छोड़कर विधानसभा का...

यह गोविंद - तुलसी के साथ नाइंसाफी तो नहीं....

यह गोविंद - तुलसी के साथ नाइंसाफी तो नहीं....

मीडियावाला.इन। - माना जा रहा था कि उप चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल का विस्तार चाहे जब करें लेकिन 6 vo माह की मजबूरी के कारण इस्तीफा देने वाले गोविंद सिंह राजपूत एवं तुलसी सिलावट...

बसपा से समझौता होता तब भी नहीं गल पाती कांग्रेस की दाल

बसपा से समझौता होता तब भी नहीं गल पाती कांग्रेस की दाल

मीडियावाला.इन। इसमें कोई संदेह नहीं कि बसपा ने जहां-जहां अपनी जमीन मजबूत की, वहां-वहां कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। 28 विधानसभा सीटों के उप चुनाव में भी ऐसा हुआ। हालांकि यदि कांग्रेस का बसपा के साथ समझौता भी हो...

कमलनाथ जी, अब आप नहीं रहे आलाकमान की आंखों के तारे, छोड़ना होगा एक पद, केंद्र में आने का मिल सकता है हुक्म

कमलनाथ जी, अब आप नहीं रहे आलाकमान की आंखों के तारे, छोड़ना होगा एक पद, केंद्र में आने का मिल सकता है हुक्म

मीडियावाला.इन। भोपाल: उप चुनावों में करारी शिकस्त के बावजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की राजनीति न छोड़ने की बात कही है। अर्थात उन्होंने इस पराजय से भी सबक नहीं लिया। अब भी वे प्रदेश कांग्रेस में कब्जा...