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हेमंत पाल

तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में संलग्न। नवभारत, नईदुनिया (इंदौर, भोपाल) और जनसत्ता (मुंबई) में कार्य किया। नईदुनिया में लम्बे समय तक चुनाव डेस्क प्रभारी। राजनीतिक और फिल्म और टीवी पत्रकारिता में परीचित नाम। देशभर के अखबारों और पत्रिकाओं में लेखन। राजनीतिक और फिल्म स्तंभकार। फिलहाल 'सुबह सवेरे' के इंदौर संस्करण में स्थानीय संपादक।


संपर्क : 9755499919

जंगल के साथ परदे से भी जानवर गुम!

जंगल के साथ परदे से भी जानवर गुम!

मीडियावाला.इन। किसी भी फिल्म की जान उसके नायक और नायिका होते हैं। कथानक के केंद्र बिंदु में यही दो चरित्र छाए रहते हैं। दर्शक भी फिल्म के बारे कोई अनुमान लगाने से पहले उसके नायक और नायिका पर नजर...

मुलाकातों के दौर में सत्ता बदलने के कयासों की रिसन!

मुलाकातों के दौर में सत्ता बदलने के कयासों की रिसन!

मीडियावाला.इन। राजधानी भोपाल में पिछले दिनों अच्छी खासी राजनीतिक हलचल रही। भाजपा की राजनीति को उंगलियों पर नचाने वाले कई बड़े नेता भोपाल पहुंचे और यहाँ प्रदेश के नेताओं से मेल-मुलाकात की। बिना किसी संदर्भ और प्रसंग के होने...

पोस्टर होता है फिल्म का चेहरा!

पोस्टर होता है फिल्म का चेहरा!

मीडियावाला.इन। फ़िल्में प्रचार से चलती है, इस सच में कोई शंका नहीं! जब से फ़िल्में बनना हुई, तब से किसी न किसी तरह फिल्मों का प्रचार किया जाता है। पहले फिल्मों के पोस्टर सूचनात्मक होते थे, अब वो दर्शकों...

छातों के गर्भ में समाए कई कालजयी दृश्य और गीत

छातों के गर्भ में समाए कई कालजयी दृश्य और गीत

मीडियावाला.इन। बारिश के मौसम में छाता जिंदगी का एक हिस्सा है। अमीर हो या गरीब, ये साधन सबके लिए एक ही काम करता है। ये बारिश के अलावा सूरज के ताप से बचाने के साथ जीवन की समृद्धि दर्शाने...

वेब सीरीज के सामने सिनेमा और टीवी का अस्तित्व खतरे में!

वेब सीरीज के सामने सिनेमा और टीवी का अस्तित्व खतरे में!

मीडियावाला.इन। भारतीय दर्शकों के दिमाग में सिनेमा को लेकर धारणा है कि ये बड़े परदे का मनोरंजन है। ये सौ साल से ज्यादा पुरानी धारणा है, इसलिए सही भी है। जब से सिनेमा की शुरुआत हुई, इसे...

आगे रहने की होड़ में अफवाह बनती मौत की खबरें!

आगे रहने की होड़ में अफवाह बनती मौत की खबरें!

मीडियावाला.इन।  इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जब से ख़बरों की होड़जोड़ मची, तब से अफवाहों का बाजार ज्यादा गर्म होने लगा! ऐसे में सबसे ज्यादा अफसोसजनक ख़बरें होती है, किसी की मौत की गलत जानकारी देना। बाद...

इंदौर की जनता के साथ कोरोना से अकेला जूझता नेता!

इंदौर की जनता के साथ कोरोना से अकेला जूझता नेता!

मीडियावाला.इन। दो महीने पहले तक संजय शुक्ला इंदौर में कांग्रेस के बड़े नेता नहीं थे! उनकी पहचान विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-एक के कांग्रेस विधायक के रूप में थी। फिर उन्हें निकाय चुनाव के लिए पार्टी ने...

होली एक बहाना है, फिल्म में नए ट्विस्ट का!

होली एक बहाना है, फिल्म में नए ट्विस्ट का!

मीडियावाला.इन। सिनेमा की कहानी में ट्विस्ट लाने के लिए किसी मौके की जरूरत महसूस की जाती है! इनमें सबसे आसान होता है, किसी त्यौहार का प्रसंग लाकर कहानी का प्लॉट बदला जाए! होली और ईद दो ऐसे ही त्यौहार...

सत्यपाल मलिक की बातों के गूढ़ अर्थ को समझा जाए!

सत्यपाल मलिक की बातों के गूढ़ अर्थ को समझा जाए!

मीडियावाला.इन। देश में राज्यपाल का पद निरपेक्ष माना जाता है! वह न तो खुलकर किसी का पक्ष लेता है और न विरोध करता है। राज्य में उसकी भूमिका केंद्र सरकार के प्रतिनिधि की होती है और मर्यादा की...

बंगाल की 'दीदी' की सत्ता में सेंध लगाने में लगे इंदौर के 'भाई'

बंगाल की 'दीदी' की सत्ता में सेंध लगाने में लगे इंदौर के 'भाई'

मीडियावाला.इन। इस बात को करीब तीन दशक हो गए जब लोग इंदौर की एलआईजी कॉलोनी के चौराहे पर केशरिया दुपट्टा डाले एक नेता को अकसर देखते थे! तब वे स्कूटर के पीछे बैठे नजर आते थे! ये थे कैलाश...

पत्रकारिता की पाठशाला पर ताला, अब नहीं खुलेगी!

पत्रकारिता की पाठशाला पर ताला, अब नहीं खुलेगी!

मीडियावाला.इन। श्रद्धांजलि : कमल दीक्षित कुछ लोगों की हिंदी पत्रकारिता में बहुआयामी होती है। वे अच्छे पत्रकार होने के साथ अच्छे संपादक भी होते हैं। उनमें से कुछ बिरले लोग होते हैं, जो...

सिनेमा के परदे के हाशिए पर दलित!

सिनेमा के परदे के हाशिए पर दलित!

मीडियावाला.इन। हिंदी सिनेमा ने अपने सौ साल से ज्यादा लम्बे सफर में कई मुद्दों को छुआ। शुरू में धार्मिक कथाओं पर फ़िल्में बनी, फिर आजादी के संघर्ष को विषय बनाया गया। इसके बाद सामाजिक बदलाव और प्रेम...

मनोरंजन के नाम पर धार्मिक आस्था का मखौल!

मनोरंजन के नाम पर धार्मिक आस्था का मखौल!

मीडियावाला.इन। लॉकडाउन के दौरान जब सिनेमाघर बंद हो गए और फिल्म के शौकीनों के पास कोई विकल्प नहीं बचा, तब ओटीटी प्लेटफॉर्म की डिमांड बढ़ी! लोगों ने वेब सीरीज देखना शुरू किया और इसके साथ ही इसकी खामियों पर...

वे खलनायक जिनसे मोहब्बत हो गई!

वे खलनायक जिनसे मोहब्बत हो गई!

मीडियावाला.इन। सिनेमा की दुनिया में बीते सालों में जो बदलाव आया उसने कई धारणाओं को खंडित किया है। सबसे बड़ा बदलाव आया है खलनायक की भूमिका को लेकर, जो किसी भी फिल्म का अहम् हिस्सा होते हैं!...

सिनेमा के परदे पर किसान का दर्द

सिनेमा के परदे पर किसान का दर्द

मीडियावाला.इन। भारतीय सिनेमा का एक लम्बा दौर गाँव पर केंद्रित फिल्मों का रहा। शुरूआत के दौर में धार्मिक और पौराणिक फ़िल्में बनती रही। रामायण और महाभारत के प्रसंगों को फिल्म की कहानियों का विषय बनाया गया। इसके...

अब बासी हो गया टीवी का 'बिग बॉस'

अब बासी हो गया टीवी का 'बिग बॉस'

मीडियावाला.इन। जो लोग टीवी पर 'बिग बॉस शो के दीवाने थे, लगता है उनकी खुमारी उतर गई! इस बार का शो बेहद बोर और उबाऊ है। दो महीने बाद भी इस शो को दर्शक नहीं मिले! इसका सबसे बड़ा...

कांग्रेस संगठन से झांकीबाजों की छँटनी कैसे होगी!

कांग्रेस संगठन से झांकीबाजों की छँटनी कैसे होगी!

मीडियावाला.इन।      उपचुनाव के नतीजे आने के साथ ही कमलनाथ के खिलाफ पार्टी में गुबार उठने लगा था। उनकी नेतृत्व क्षमता पर उंगली उठाई जाने लगी थी। जब नतीजों के रुझान आ रहे थे, तभी कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने...

पाँच दशक बाद भी 'जाॅनी मेरा नाम' सदाबहार!

पाँच दशक बाद भी 'जाॅनी मेरा नाम' सदाबहार!

मीडियावाला.इन। देवआनंद और उनकी फिल्मों में बहुत समानता है। उनकी ही तरह उनकी कुछ फिल्में सर्वकालिक और सदाबहार रही! समय की गर्द जिन्हें धुंधला नहीं सकी। ऐसी ही फिल्मों में पचास साल पहले आई 'जाॅनी मेरा नाम' ऐसी ही...

कांग्रेस संगठन में चुनाव जीतने का माद्दा नहीं!

कांग्रेस संगठन में चुनाव जीतने का माद्दा नहीं!

मीडियावाला.इन।     राजनीति में हर हार कोई न कोई सबक देती है। यही सबक बाद में जीत का मददगार बनता है। लेकिन, कांग्रेस ने इस आदर्श तथ्य से कभी कुछ नहीं सीखा। मध्यप्रदेश में डेढ़ दशक बाद सरकार बनाने, फिर...

हवा-हवाई बातें करने वालों को मतदाताओं ने नकारा!

हवा-हवाई बातें करने वालों को मतदाताओं ने नकारा!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के उपचुनाव के नतीजे आ गए! भाजपा ने जीत के अपने दावों को सही साबित करते हुए 19 सीटों पर जीत हांसिल कर ली। भाजपा क्यों जीती और कांग्रेस क्यों पिछड़ी, इसके कई कारण गिनाए जा सकते...