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हेमंत पाल

तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में संलग्न। नवभारत, नईदुनिया (इंदौर, भोपाल) और जनसत्ता (मुंबई) में कार्य किया। नईदुनिया में लम्बे समय तक चुनाव डेस्क प्रभारी। राजनीतिक और फिल्म और टीवी पत्रकारिता में परीचित नाम। देशभर के अखबारों और पत्रिकाओं में लेखन। राजनीतिक और फिल्म स्तंभकार। फिलहाल 'सुबह सवेरे' के इंदौर संस्करण में स्थानीय संपादक।


संपर्क : 9755499919

विधानसभा उपचुनाव: शिवराज और सिंधिया दोनों की अग्नि परीक्षा लेगी 22 सीटें!

विधानसभा उपचुनाव: शिवराज और सिंधिया दोनों की अग्नि परीक्षा लेगी 22 सीटें!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश के चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराजसिंह चौहान की राजनीतिक परिपक्वता पर किसी को शक नहीं! वे पहली बार सांसद से सीधे मुख्यमंत्री बने थे। किसी भी मंत्रिमंडल में मंत्री बने बिना पार्टी ने उन्हें सीधे मुख्यमंत्री बनाया...

22 बागियों को चुनाव जिताना शिवराज सरकार की सबसे बड़ी चुनौती!

22 बागियों को चुनाव जिताना शिवराज सरकार की सबसे बड़ी चुनौती!

मीडियावाला.इन। पंद्रह महीने चली कांग्रेस की कमलनाथ सरकार जिस तरह गिरी और शिवराजसिंह चौहान ने भाजपा की सरकार बनाई, वह राजनीति के इतिहास की अनोखी घटना है। लेकिन, शिवराजसिंह के लिए विधानसभा के बचे करीब...

तोमर मुख्यमंत्री बने तो भाजपा के लिए कई मुश्किलें आसान!

तोमर मुख्यमंत्री बने तो भाजपा के लिए कई मुश्किलें आसान!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश में फिर से सत्ता में आ रही भाजपा का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? ये ऐसा सवाल है, जो सियासी गलियारों में लगातार घनघनाकर अपनी मौजूदगी लगातार दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शिवराजसिंह ...

'अटेर' के तीर से निशाना बनी सत्ता की बटेर!

'अटेर' के तीर से निशाना बनी सत्ता की बटेर!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश में सत्ता के सिंहासन पर पार्टी बदल गई! पाँच साल तक सरकार चलाने का सपना देखने वाली कांग्रेस सवा साल में ही घर लौट गई! विधानसभा चुनाव के समय जो कांग्रेस एकजुट नजर आ रही थी,...

'महाराज' के आने से किस नेता की जमीन खिसकेगी!

'महाराज' के आने से किस नेता की जमीन खिसकेगी!

मीडियावाला.इन। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा का दामन थामने के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में कई नए समीकरण बनेंगे! इससे कांग्रेस की राजनीति का क्या हश्र होगा, फिलहाल इससे ज्यादा प्रासंगिक यह है कि भाजपा में...

'कमल' फिर से खिलेगा या 'कमल' बचेगा!  

'कमल' फिर से खिलेगा या 'कमल' बचेगा!  

मीडियावाला.इन।   मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार फ़िलहाल आईसीयू में है। सरकार की स्थिति गंभीर है। हिचकियाँ चल रही है। डॉक्टर पूरी कोशिश में है कि सरकार की सांसे सामान्य हो जाएं, पर बार-बार बढ़ रही हिचकियों ने चिंता बढ़ा दी...

मध्यप्रदेश में 'वीडी' भाजपा को बदलेंगे या नए शीतयुद्ध संकेत!

मध्यप्रदेश में 'वीडी' भाजपा को बदलेंगे या नए शीतयुद्ध संकेत!

मीडियावाला.इन।  भारतीय जनता पार्टी ने विष्णुदत्त शर्मा उर्फ़ 'वीडी' को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी की सोच में बदलाव के संकेत दिए हैं। उनके अध्यक्ष बनने से या तो प्रदेश में भाजपा की राजनीति बदलेगी...

'राजा' की कोशिश है कि 'महाराजा' की नाराजी दूर हो!

'राजा' की कोशिश है कि 'महाराजा' की नाराजी दूर हो!

मीडियावाला.इन।      मध्यप्रदेश की कांग्रेस राजनीति में चल रही सियासी जंग थमने का नाम नहीं ले रही।  इस सियासी जंग के पीछे दो छुपे कारण हैं। पहला कारण है अप्रैल में राज्यसभा की खाली होने वाली सीटें हैं। एक सीट...

कांग्रेस में गहराता असंतोष और हवाहवाई फैसले

कांग्रेस में गहराता असंतोष और हवाहवाई फैसले

मीडियावाला.इन।  कमलनाथ सरकार जिस दिन से बनी है, उसी दिन से उसके गिरने के दावे किए जा रहे हैं। भाजपा के नेता तो रोज ही सरकार गिराने के हथकंडे सोचते रहते हैं, पर उन्हें मौका नहीं मिल रहा! पर, कांग्रेस...

'मैन ऑफ रियल पॉलिटिक्स' कमलनाथ की कॉरपोरेट छवि के निहितार्थ!

'मैन ऑफ रियल पॉलिटिक्स' कमलनाथ की कॉरपोरेट छवि के निहितार्थ!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश की राजनीति इन दिनों पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ के आसपास केंद्रित है। बात उन्हीं से शुरू होती है और उन्हीं पर ख़त्म भी होती है। सालभर पहले जब पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी...

पश्चिम मध्यप्रदेश छाया रहा 'पद्म' पुरस्कारों में!

मीडियावाला.इन। केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कारों में इस बार मध्यप्रदेश के पश्चिमी इलाके का दबदबा रहा। प्रदेश की चार असाधारण हस्तियों को मिले 'पद्म श्री' सम्मान में से तीन इंदौर और उज्जैन संभाग के लोगों को मिले हैं।...

भाजपा के गुस्से पर बहुत भारी है  निधि निवेदिता की लोकप्रियता!

भाजपा के गुस्से पर बहुत भारी है निधि निवेदिता की लोकप्रियता!

मीडियावाला.इन। राजगढ़-ब्यावरा की कलेक्टर निधि निवेदिता से भाजपा के नेता बहुत नाराज है। उन्हें ये कलेक्टर खलनायिका नजर आ रही है, जिसने उनके एक कार्यकर्ता को सरेआम थप्पड़ मार दिया। भाजपा इस महिला कलेक्टर के खिलाफ राजगढ़ में हल्ला...

वैचारिक विरोध की राजनीति में निजी रिश्तों की अहमियत!

वैचारिक विरोध की राजनीति में निजी रिश्तों की अहमियत!

मीडियावाला.इन।  वैचारिक विरोध के बावजूद राजनीति में निजी रिश्तों का हमेशा सम्मान किया जाता रहा है। इसलिए कि राजनीति के अपने दायरे होते हैं, उन्हीं दायरों में शिद्दत से ये शिष्टाचार निभाया जाता है। ऐसे कई उदाहरण हैं,...

भूमाफियाओं को तो घेर लिया, सूदखोरों को सरकार कब पकड़ेगी!

मीडियावाला.इन। साठ के दशक में एक फिल्म आई थी 'मदर इंडिया' इसमें गाँव का सूदखोर सुक्खीलाल विधवा नर्गिस से कहता है 'तेरे गहने का तो तू मूल नहीं चुका पाई, अब तेरी उम्र ब्याज लौटाने की भी नहीं रही।...

कमलनाथ की ख़ामोशी में ही छुपी है उनकी ताकत!

कमलनाथ की ख़ामोशी में ही छुपी है उनकी ताकत!

मीडियावाला.इन। कमलनाथ के कम बोलने में ही छुपी है उनकी ताकत!  राजनीति में कोई व्यक्ति कम बोलकर कैसे सफल हो सकता है, ये मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पहले साल में साबित कर दिया।...

वे मुँह चलाने वाले, जिनके पास कोई काम नहीं बचा!

वे मुँह चलाने वाले, जिनके पास कोई काम नहीं बचा!

मीडियावाला.इन।       राजनीति की अपनी एक मर्यादा और संस्कार होते हैं! विपक्षी नेताओं पर भी शाब्दिक हमलों के समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि वे किसी की भावनाओं को आहत न करें! ये भी...

सरकार के बदले तेवर से माफियाओं पर कहर बरपा!

सरकार के बदले तेवर से माफियाओं पर कहर बरपा!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश में इन दिनों माफिया पर सरकार बहुत सख्त है। यहाँ माफिया का आशय सिर्फ भूमाफिया नहीं है! बल्कि, हर कारोबार में ऐसे धंधेबाजों ने अपनी पैठ बनाई है जिनकी नैतिकता संदिग्ध होती है। लेकिन,...

शिवराज के विरोध से राकेश सिंह के दोबारा अध्यक्ष बनने के आसार!

शिवराज के विरोध से राकेश सिंह के दोबारा अध्यक्ष बनने के आसार!

मीडियावाला.इन। मध्यप्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर पार्टी के अंदर घमासान जारी है। सतह पर शांति नजर आ रही है, पर नीचे जमकर राजनीति चल रही! एक तरफ वर्तमान अध्यक्ष राकेश सिंह को दोबारा अध्यक्ष बनाए...

भाजपा को झाबुआ की हार से कुछ सीखना चाहिए!

मीडियावाला.इन। भारतीय जनता पार्टी के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि उसे चुनावी हार बर्दाश्त नहीं होती! पार्टी के नेताओं में इतना ज्यादा आत्मविश्वास घर कर गया है, कि उन्हें चुनाव की रणनीति बनाते...

झाबुआ में भाजपा को बाहरी नेताओं की 'मनमानी' ने हरवाया!

झाबुआ में भाजपा को बाहरी नेताओं की 'मनमानी' ने हरवाया!

मीडियावाला.इन। अपनी राजनीतिक जागरूकता और बड़े उलटफेर के कारण झाबुआ हमेशा चर्चा में रहा है। इस बार भी यहाँ वही सब हुआ! झाबुआ उपचुनाव का  नतीजा अप्रत्याशित नहीं रहा। वही हुआ जिसका अनुमान लगाया गया था। वास्तव में ये...