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वनवासी संस्कृति में ही गड़ी है हमारी गर्भनाल!

वनवासी संस्कृति में ही गड़ी है हमारी गर्भनाल!

मीडियावाला.इन। मूलनिवासी दिवस विशेष  "रामायण कथा वनवासियों के पराक्रम और अतुल्य सामर्थ्य की कथा है, जिसमें उन्होंने राम के नेतृत्व में पूंजीवाद, आतंकवाद के पोषक साम्राज्यवादी रावण को पराजित कर सोने की...

कटे बाघ का सिर देखकर इंदिरा जी दहल गईं! फिर ऐसा कड़ा कानून बनाया कि...

कटे बाघ का सिर देखकर इंदिरा जी दहल गईं! फिर ऐसा कड़ा कानून बनाया कि...

मीडियावाला.इन। चीन भले ही अपने काल्पनिक/भुतहे ड्रैगन(अजदहा) को लेकर इतराता रहे लेकिन हम वास्तव में 'टाइगर नेशन' हैं। मंगलवार को विश्व बाघ दिवस की पूर्व संध्या पर केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भारत में बाघों को...

एक मुख्यमंत्री जिसके पास शेर पर सवारी गांठने का हुनर था!

एक मुख्यमंत्री जिसके पास शेर पर सवारी गांठने का हुनर था!

मीडियावाला.इन। (संदर्भ:डा.गोविंदनारायण सिंह जन्मशती) डा.गोविंदनारायण सिंह मध्यप्रदेश के सबसे पढ़े-लिखे और मेधावी राजनेता रहे। संविदकाल में जब वे मुख्यमंत्री बने तो उनके कई किस्से मशहूर हुए।  आरव्हीपी नरोन्हा तब प्रदेश...

सियासत के बाजार में  रद्दी के भाव वाले लोग

सियासत के बाजार में रद्दी के भाव वाले लोग

मीडियावाला.इन। इस साल वसंत के बाद की गर्मियों का पतझड़ पेड़ों में आने की बजाय कांग्रेस में आ गया। सावन की इस हरियरी में डाली-डाली, पत्ता-पत्ता सब झड़ने को बेताब दिख रहे हैं। जब सोए तब कांग्रेसी...

अपराध के 'रक्तबीजों' को आखिर सींचता कौन है!

अपराध के 'रक्तबीजों' को आखिर सींचता कौन है!

मीडियावाला.इन। हमारे देश का मीडिया अजब-गजब है। एक मुद्दे को चबाते हुए पचा नहीं पाता कि उसकी उल्टी कर दूसरे की तरफ लपक पड़ता है। ड्रैगन को बैगन बनाकर भून ही रहा था कि बीच में दुर्दांत विकास दुबे...

विकास का"आदित्य ह्रदय पाठ"है ये सोलर प्लांट

विकास का"आदित्य ह्रदय पाठ"है ये सोलर प्लांट

मीडियावाला.इन। प्रधानमंत्री जी ने ठीक ही कहा कि अब विंध्य माँ नर्मदा, सफेद बाघ के साथ सोलर ऊर्जा की पहचान के साथ जाना जाएगा। 10 जुलाई को रीवा अल्ट्रामेगा सोलर प्रोजेक्ट के लोकार्पण के साथ..क्लीन और ग्रीन एनर्जी का...

पीछे बँधे हैं हाथ मगर शर्त है सफर!

पीछे बँधे हैं हाथ मगर शर्त है सफर!

मीडियावाला.इन। "भाजपा इन उप चुनावों में जीतती है तो सिंधिया का कद "लार्जर दैन लाइफ" हो जाएगा। और हारती है तो वह भविष्यवाणी चरितार्थ होगी कि- छब्बीस जनवरी को कमलनाथ ही झंडा फहराएंगे"। 

जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहुँ गुरुदेव के नाईं।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहुँ गुरुदेव के नाईं।।

मीडियावाला.इन। अपन के गुरदेव बजरंग बली हैं। गोस्वामी जी कह गए.. अउर देवता चित्त न धरई, हनुमत सेइ सर्व सुख करई। गोसाईं जी के लिए बजरंगबली देवता, ईश्वर नहीं बल्कि गुरु हैं।  इसलिए जब भी अपने  गुरु का...

इंदिरा की जेल में नेता, गुंडे, गिरहकट एक भाव.!

इंदिरा की जेल में नेता, गुंडे, गिरहकट एक भाव.!

मीडियावाला.इन। पंद्रह अगस्त, छब्बीस जनवरी यदि सरकारी आयोजन न होते तो पब्लिक इन्हें कब का भुला चुकी होती। लेकिन कुछ ऐसी तिथियां हैं जिन्हें राजनीति तब तक भूलने नहीं देगी जब तक कि इस देश का अस्तित्व है। इन...

ड्रैगन साँप का पुरखा उसकी चाल समझिए!

ड्रैगन साँप का पुरखा उसकी चाल समझिए!

मीडियावाला.इन। विंध्य का एक और सपूत मातृभूमि की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हो गया। रीवा जिले के फरेदा गाँव का दीपक सिंह उन 20 जाँबाजों में से एक हैं जिनकी शहादत हुई। चीन के इस ताजा विश्वासघात...

सच के शीर्षासन पर झूँठ का झंडा

मीडियावाला.इन। हमारे शहर में पुराने जमाने के खाँटी समाजवादी नेता हैं- दादा कौशल सिंह। खरी-खरी कहने में उनका कोई शानी नहीं। बात-बात में वे एक डायलॉग अक्सर दोहराते हैं - बड़ी अमसा-खमसी मची है, पतै नहीं चलि पावै कि...

नरेन्द्र सिंह तोमर होने के मायने!

नरेन्द्र सिंह तोमर होने के मायने!

मीडियावाला.इन। 12 जून को जन्मदिन पर विशेष पिछले महीने ही मोदी 2.0 के एक साल पूरे हुए। इस एक साल का लेखाजोखा और सरकार की उपलब्धियों के प्रस्तुतिकरण नरेन्द्र तोमर ने जिस प्रभावी...

राहत पर भारी राजनीति

राहत पर भारी राजनीति

मीडियावाला.इन।   हाय हुसैन, यह कौन बताए  कि हम वहां क्यों न हुए..! दुनिया भले थम जाए, फिर भी सियासत और सहाफत जारी रहेगी। सियासत यानी कि नेतागिरी और सहाफत का मतलब पत्रकारिता। करोनाकाल चल रहा है, सियासत...

'भारतमाता ग्राम्यवासिनी' ही आत्मनिर्भरता की जननी

'भारतमाता ग्राम्यवासिनी' ही आत्मनिर्भरता की जननी

मीडियावाला.इन। कभी-कभी आपदाएं सबक लेकर आती हैं। कोविड-19 महामारी ने न सिर्फ़ हमारी जीवनदृष्टि को बदला है अपितु भविष्य के समावेशी और सर्वस्पर्शी विकास के नए माड़ल पर विचार करने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत का...

बदला तो काफी कुछ है यदि देखना चाहें तो

बदला तो काफी कुछ है यदि देखना चाहें तो

मीडियावाला.इन। मोदी 2.0 के एक साल पूरा होने का जश्न करोना खा गया। कुलजमा छह सालों में यह छठवां साल धमाके का रहा। ऐसे काम हुए जो युगांतकारी हैं। कोई सोच भी नहीं सकता था कि कश्मीर का मसला...

एक सेनापति ऐसा भी जिसने तलवार की जगह कलम चुना

एक सेनापति ऐसा भी जिसने तलवार की जगह कलम चुना

मीडियावाला.इन। 30 मई 1826 के दिन कलकत्ता से पं.जुगुल किशोर शुक्ल के संपादन में निकले हिन्दी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड ने हिन्दी पत्रकारिता की राह को देश भर में आलोकित किया।  समाजिक क्रांति की आकांक्षा पाले...

करोना काल और उसके बाद का मीडिया

करोना काल और उसके बाद का मीडिया

मीडियावाला.इन। करोना के लाकडाउन ने जिंदगी को नया अनुभव दिया है, अच्छा भी बुरा भी। जो जहां जिस वृत्ति या कार्यक्षेत्र में है उसे कई सबक मिल रहे और काफी कुछ सीखने को भी। ये जो सबक और सीख...

भ्रष्टाचार, सचमुच भगवान की तरह सर्वव्यापी है, कण-कण में, क्षण-क्षण में,सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी को स्मरण करते हुए!

भ्रष्टाचार, सचमुच भगवान की तरह सर्वव्यापी है, कण-कण में, क्षण-क्षण में,सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी को स्मरण करते हुए!

मीडियावाला.इन। शरद जोशी ने कोई पैतीस साल पहले हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे व्यंग्य निबंध रचा था। तब यह व्यंग्य था, लोगों को गुदगुदाने वाला। भ्रष्टाचारियों के सीने में नश्तर की तरह चुभने वाला।  अब यह व्यंग्य, व्यंग्य...

पुण्य स्मरण : राजनीति में त्रिबिध बयार थे अनिल दवे जी

पुण्य स्मरण : राजनीति में त्रिबिध बयार थे अनिल दवे जी

मीडियावाला.इन। नर्मदा के नीर की तरह निर्मल निश्छल और पुराणकालीन अमरकंटक में बहने वाली त्रिबिध (शीतल,मंद,सुगंध) बयार से थे अनिल माधव दवे..जी हां उन्हें देखकर यही छवि उभरती थी।  मैं उनके निकट...

साँप से डरें नहीं, जहर की तिजारत करना सीख लें!

मीडियावाला.इन। डेल कारनेगी जीवन प्रबंधन के विश्वविख्यात गुरू माने जाते हैं। उनकी दो पुस्तकें- लोक व्यवहार व चिंता छोड़ों सुख से जियो..के नाम सबसे ज्यादा बिकने और पढ़ी जाने वाली पुस्तकों में है। इन पुस्तकों की विशेषता...