Blog

जेहाद के इस नए अंदाज को समझिए!

जेहाद के इस नए अंदाज को समझिए!

मीडियावाला.इन। देश में जबसे इस्लामिक आतंकवाद की काली छाया पड़ी है तब से कई मोर्चे एक साथ खुले हैं। उसमें से एक मोर्चा लव जेहाद का है। गाँव और छोटे कस्बे से लेकर महानगरों तक यह सिलसिला चल रहा...

गद्दारी और खुद्दारी के दो पाटों में फँसे हैं प्रत्याशी

गद्दारी और खुद्दारी के दो पाटों में फँसे हैं प्रत्याशी

मीडियावाला.इन। "मध्यप्रदेश में हो रहे विधानसभा उपचुनावों में उतरे प्रत्याशियों की स्थिति लुटे हुए मेले के मदारियों जैसी है। उनके डमरू बजाने और बंदरों की तरह कुलाटी लगाने के दिलचस्प तमाशे के बाद भी मजमें नहीं भर रहे हैं। कोरोना...

लोहिया की नसीहत; लोकतंत्र में विपक्ष का मतलब विरोधी नहीं

लोहिया की नसीहत; लोकतंत्र में विपक्ष का मतलब विरोधी नहीं

मीडियावाला.इन। डाक्टर राममनोहर लोहिया के व्यक्तित्व के इतने आयाम हैं जिनका कोई पारावार नहीं। उनसे जुडा़ एक प्रसंग प्राख्यात समाजवादी विचारक जगदीश जोशी ने बताया था, जो विपक्ष के विरोध की मर्यादा और उसके स्तर के भी...

जेपी और नानाजी- राजनीति के जंगल में शुचिता के द्वीप..!

जेपी और नानाजी- राजनीति के जंगल में शुचिता के द्वीप..!

मीडियावाला.इन। अक्टूबर का महीना बड़े महत्व का है। पावन,मनभावन और आराधन का। भगवान मुहूर्त देखकर ही विभूतियों को धरती पर भेजता है। 2 अक्टूबर को गांधीजी, शास्त्रीजी की जयंती थी। 11अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख...

खबरिया चैनलों के चाल,चरित्र और चेहरे

खबरिया चैनलों के चाल,चरित्र और चेहरे

मीडियावाला.इन। इन दिनों जिधर सिर घुमाओ वहीं कुछ भी ऊटपटांग चलता दिख रहा है। कहीं भी सही-शाट कुछ नहीं। मीडिया मेले का फूहड़ सर्कस हो गया लगता है। सोशल मीडिया का तो कहना ही क्या..! कटपेस्ट, फोटोशॉप, इसका सिर...

मामाजी; जस की तस धर दीनी चदरिया

मामाजी; जस की तस धर दीनी चदरिया

मीडियावाला.इन। मामा माणिकचंद्र वाजपेयी स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद स्वतंत्रता संग्राम के समय की पत्रकारिता के ध्येय को लेकर चलने वाले अंतिम ध्वजवाहक थे। जलियांवाला बाग नरसंहार के वर्ष ही वे पैदा हुए थे। वे पत्रकारिता में देर...

ये सब मैकाले की करतूत है..

मीडियावाला.इन। ये ससुरे मैकाले ने हमारी शिक्षा व्यवस्था का बेडा गर्क कर दिया वरना अपन कबके विश्वगुरु हो गए होते...जब भारत में प्राथमिक शिक्षा के स्तर के बारे में रिपोर्ट पढ़ते हैं तब से कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया सुनने...

युवाशक्ति को सोख रही है ये आभासी दुनिया!

युवाशक्ति को सोख रही है ये आभासी दुनिया!

मीडियावाला.इन। कोरोना ने इस साल की पढ़ाई लिखाई में भी ग्रहण लगा दिया। स्कूल कालेज कब से शुरू होंगे कहा नहीं जा सकता। पढ़ाई का आँनलाइन तरीका निकला है। अध्यापक मजबूरी में पढ़ा भी रहे हैं और बच्चे पढ़...

एक यायावर महाव्रती का स्मरण करते हुए!

एक यायावर महाव्रती का स्मरण करते हुए!

मीडियावाला.इन। मुगलसराय जंक्शन अब पं.दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जाना जाता है। कुछ वर्ष पहले जब नाम बदलने की बात उठी तो यह सुनते ही कई योद्घा विचलित हो गए, कहा इतिहास को भगवा रंग ओढाया जा रहा है...

यह ताव आज  के कवि-कोविदों  में कहां..!

यह ताव आज के कवि-कोविदों में कहां..!

मीडियावाला.इन। रामधारी सिंह दिनकर नेहरू के करीबी माने जाते थे। प्रधानमंत्री रहते हुए पंड्डिजी ने ही उन्हें राष्ट्रकवि का खिताब बख्शा व राज्यसभा में कांग्रेस की ओर से मनोनीत करवाया।  दिनकर की यशस्वी कृति ..संस्कृति के चार अध्याय ..की...

जो न समझे वो अनाड़ी है..!

मीडियावाला.इन। एक मित्र सायकिल की दुकान पर मिल गए। बाहर उनकी चमचमाती कार खड़ी थी। मैंने पूछा-यहां कैसे? वो बोले- डाक्टर ने कहा सायकिल से चला करिए सो सायकिल से बचपन शुरू हुआ और अब बुढापा भी। दूकान वाले...

लौह व्यक्तित्व के भीतर धड़कता एक कवि हृदय

लौह व्यक्तित्व के भीतर धड़कता एक कवि हृदय

मीडियावाला.इन। संवेदना, कला-संस्कृति व साहित्य प्रेम के संदर्भ में भी नरेन्द्र मोदी अटलविहारी वाजपेई के वैचारिक वंशधर हैं। उनका कवि पक्ष बहुत कम प्रकाश में आया है..जबकि उन्होंने गुजराती में एक से एक भावप्रवण कविताएं रचीं। गुजराती...

आइए..जिंदा पितरों की भी सुधि लें !

आइए..जिंदा पितरों की भी सुधि लें !

मीडियावाला.इन। चलिए इस पितरपक्ष का तर्पण जिंदा पितरों का हालचाल जानने से  करें। इनमें से कई घर में ही पितर बन जाने की प्रतीक्षा में हैं, कईयों को घर में ठौर नहीं इसलिए वृद्धाश्रमों में खैरात की रोटी तोड़...

फेंकिए.. इस ओढी हुई गुलामी को

मीडियावाला.इन। एक मित्र ने सवाल उठाया--जब फोर्ब्स और ट्रान्सपेरेसी इन्टरनेशनल आपको दुनियाभर में भ्रष्टतम बताती हैं तो आपको बुरा लगता है लेकिन ऐसी ही एजेन्सियां जब उपलब्धियों का बखान करती हैं तो आप न सिर्फ मुदित होते हैं सरकारी...

देश की राजनीति के 'गैंग्स आफ वासेपुर'

देश की राजनीति के 'गैंग्स आफ वासेपुर'

मीडियावाला.इन। पार्टी का मतलब लोकतांत्रिक इकाई स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा चुना हुआ संगठन जो सदस्यों की सामूहिक राय के आधार पर चलता है।  गिरोह में आंतरिक लोकतंत्र की कोई जगह नहीं होती।  माफिया सत्तातंत्र के समानांतर अपराधियों...

इंदौर जैसे जिद, जज्बे व जुनून की जरूरत

इंदौर जैसे जिद, जज्बे व जुनून की जरूरत

मीडियावाला.इन। समय का पहिया अपनी गति से घूमता है, कभी उत्थान तो कभी पतन। इसीलिए कहते हैं कि घूरे के दिन भी फिरते हैं। आज जो हेय है कल श्रेय भी बन सकता है। कल एक मित्र की पोस्ट में...

पंडित जसराज जी को नमन् करते हुए! स्मृति-शेष

पंडित जसराज जी को नमन् करते हुए! स्मृति-शेष

मीडियावाला.इन। सुर-लय-तान के यशस्वी साधक संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज जी  आज परलोक की संगीत सभा के लिए प्रस्थान कर गए। इसी वर्ष जनवरी में नब्बे वर्ष के पूरे हुए थे।  सुमधुर वाणी,आत्मीय संलाप और विद्वता उनके व्यक्तित्व की विशेषता...

अटलजीः गठबंधन धर्म के प्रवर्तक

अटलजीः गठबंधन धर्म के प्रवर्तक

मीडियावाला.इन। "लोकतंत्र 51 बनाम 49 का खेल नहीं है । लोकतंत्र मूलतः परंपराओं, सहयोग और सहिष्णुता के आधार पर सत्ता में भागीदार बनाने का तंत्र है"   -अटल बिहारी बाजपेयी भारतीय लोकतंत्र में गठबंधन की राजनीति की विवशता को गठबंधन...

राम, कृष्ण, मुक्ति संघर्ष और स्वतंत्रता

राम, कृष्ण, मुक्ति संघर्ष और स्वतंत्रता

मीडियावाला.इन। ऋतुराज वसंत शौर्य, उत्सव और उत्सर्ग के लिए जाना जाता है तो पावस(वर्षा ऋतु) की हरीतिमा में पवित्रता, मुक्ति, विजय और क्रांति के सूत्र जुड़े है। सावन और भादौं की संक्रांति में अँग्रेज़ी महीना अगस्त आता है। यह...

वनवासी संस्कृति में ही गड़ी है हमारी गर्भनाल!

वनवासी संस्कृति में ही गड़ी है हमारी गर्भनाल!

मीडियावाला.इन। मूलनिवासी दिवस विशेष  "रामायण कथा वनवासियों के पराक्रम और अतुल्य सामर्थ्य की कथा है, जिसमें उन्होंने राम के नेतृत्व में पूंजीवाद, आतंकवाद के पोषक साम्राज्यवादी रावण को पराजित कर सोने की...