Monday, December 09, 2019

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राजेश बादल

इकतालीस साल से सक्रिय। मीडिया के सभी रूपों में पूर्ण अधिकार के साथ काम शुरुआत - रेडियो से। समाचार आधारित कार्यक्रम, युववाणी में कंपेयरिंग, एनाउंसर, न्यूज़ एंकर, नाटकों में अभिनय तथा संगीत रूपक निर्माण। फिर दैनिक जागरण, विज्ञान प्रगति, यूएनआई, पीटीआई, नईदुनिया जैसे अखबारों से रिश्ता। महाविद्यालय में एक वर्ष इतिहास अध्यापन। नईदुनिया इंदौर में सह संपादक 1980- 1985। इसके बाद जयपुर नवभारत टाइम्स में मुख्य उप संपादक 1985-1991। जयपुर में ही तीस बरस पहले टेलिविजन से रिश्ता। टीवी की पहली समसामयिक पत्रिका परख के प्रथम से अंतिम एपिसोड तक विशेष संवाददाता। दूरदर्शन की क्षेत्रीय केंद्रों में पहली सम सामयिक पत्रिका दस्तक के एंकर और निर्देशक। बाहरी प्रोड्यूसर द्वारा प्रस्तुत पहले दैनिक बुलेटिन - न्यूज़वेब में विशेष संवाददाता। पहले चैनल-आजतक के पहले एपिसोड से लगातार दस साल तक विशेष संवाददाता से संपादक तक का सफ़र। भारत की पहली इलेक्शन ट्रेवलॉग - चुनाव के हमराही में अरुणाचल प्रदेश से रामेश्वरम तक टीवी कवरेज यात्रा। दूरदर्शन पर तेरह वर्षों तक न्यूज़ एंकर। भोपाल दूरदर्शन के पहले न्यूज़ एंकर। दस हज़ार से ज़्यादा टीवी रिपोर्ट, एक हज़ार घंटे से ज़्यादा लाइव प्रसारण, पांच हज़ार से ज़्यादा आलेख, सौ के आसपास डाक्यूमेंट्री। बीस से ज़्यादा विश्वविद्यालयों में पत्रकारिता - अध्यापन।


भारत में सुनामी का ख़ास कवरेज। वॉइस ऑफ अमेरिका के लिए भी सुनामी का कवरेज। नेपाल में भूकंप का ख़ास कवरेज़। भारत की संसद के राज्यसभा टीवी के संस्थापक - संपादक। राज्यसभा टीवी में राज्यपालों पर केंद्रित देश की पहली सीरीज़ - महामहिम राज्यपाल के एंकर और  प्रस्तुतकर्ता। विरासत के तहत ग़ज़ल सम्राट जगजीतसिंह ट्रेजेडी क्वीन मीनाकुमारी, कुंदन लाल सहगल, गीतकार शैलेन्द्र और साहिर लुधियानवी, अमृता प्रीतम, खुशवंत सिंह, महाकवि प्रदीप, नीरज, रस्किन बॉन्ड, महान संपादक राजेंद्र माथुर, भारत के पहले टीवी स्टार सुरेंद्र प्रताप सिंह, व्यंग्यकार शरद जोशी, बेजोड़ कलाकार ज़ोहरा सहगल, सदी के महान कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण, फणीश्वरनाथ रेनू, रामधारी सिंह दिनकर, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, उपन्यासकार वृंदावनलाल वर्मा, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, संगीतकार और गायक एसडी बर्मन जैसे व्यक्तित्वों पर फिल्मों का निर्माण। अनेक चैनलों के प्रमुख रहे। क़रीब दस नए चैनल शुरू किए। अमेरिकी सरकार के आमंत्रण पर वहां मीडिया के तमाम रूपों का अध्ययन। कुछ किताबों में भी प्रकाशन सहयोग। अनेक पुरस्कार और सम्मान। भास्कर, इण्डिया टुडे, नवभारत टाइम्स, लोकमत, रविवार, दिनमान, धर्मयुग और जनसत्ता जैसे पत्र पत्रिकाओं में लगातार लेखन। उन्नीस सौ सतहत्तर से दो हज़ार चौदह तक सारे लोकसभा चुनावों का कवरेज। बीस से ज़्यादा विधानसभा चुनावों का कवरेज। संप्रति - स्वतंत्र पत्रकार।

हिंदी पत्रकारिता के एक तीर्थ में निष्पक्षता की चर्चा

हिंदी पत्रकारिता के एक तीर्थ में निष्पक्षता की चर्चा

मीडियावाला.इन। दो दिन पहले धार में था । धार ज़िला याने हिंदी पत्रकारिता के श्रेष्ठतम संपादकों में से एक राजेंद्र माथुर का ज़िला । इसी आदिवासी ज़िले के बदनावर कस्बे में माथुर जी का जन्म और शुरुआती...

सियासी दलों में परिपक्व लोकतांत्रिक सोच ज़रूरी

सियासी दलों में परिपक्व लोकतांत्रिक सोच ज़रूरी

मीडियावाला.इन। हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव में किसकी विजय होगी ? यह सवाल महीने भर राजनीतिक पंडितों को व्यस्त रखने का सबब बन सकता है।लेकिन  मुद्दा यह नहीं है कि सरकार किसकी बनेगी।सवाल तो यह है कि 2019 का...

कश्मीर के मामले में बड़बोलापन ठीक नहीं

कश्मीर के मामले में बड़बोलापन ठीक नहीं

मीडियावाला.इन। शायद ही कोई भारतीय ऐसा होगा ,जो कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विलोपन का विरोध करे। एक अस्थायी संवैधानिक प्रावधान को कभी न कभी तो समाप्त होना ही था।अलबत्ता आलोचक इसे हटाने के तरीक़े और उसके बाद...

वह निष्छलता,मुस्कुराता चेहरा, संवेदनशील मन,  सच ! बहुत याद आओगे शशींद्र

वह निष्छलता,मुस्कुराता चेहरा, संवेदनशील मन, सच ! बहुत याद आओगे शशींद्र

मीडियावाला.इन। ओह । फिर एक दुखद खबर । इंदौर के बौद्धिक जगत को अतुल लागू के बाद एक और झटका । दोस्त ,कवि, पत्रकार शशींद्र जलधारी चले गए ।अस्पताल से तो ख़बरें आ रही थीं कि तबियत में कुछ सुधार...

क्या इमरान ख़ान बदल सकेंगे अपने आपको ? 

क्या इमरान ख़ान बदल सकेंगे अपने आपको ? 

इमरान ख़ान तैयार हैं ।दो दशक से वे इस घड़ी का इंतज़ार कर रहे थे । फ़ौजी समर्थन ने उनकी किस्मत का बन्द दरवाज़ा खोल दिया । जानना दिलचस्प है कि जिस वोट की ताक़त ने उनकी ज़िंदगी...

नए नए विषयों पर चैनलों का ध्यान क्यों नहीं जाता

हमारे समाज में हर व्यक्ति न तो गहराई से राजनीति समझता है न परदे के पीछे की राजनीति और न परदे पर हर राजनीतिक ख़बर देखने में उसकी दिलचस्पी होती है | ठीक वैसे ही ,जैसे स्पोर्ट्स और...